Multibagger Share: इस डिफेंस स्टॉक में आज तूफानी तेजी, स्टॉक ने 4 साल में 1 लाख को बनाया 23 लाख
Apollo Micro Systems इन दिनों शेयर बाजार के निवेशकों की पहली पसंद बनी हुई है। शुक्रवार को कंपनी के शेयरों में जबरदस्त तेजी देखने को मिली।

एयरोस्पेस और डिफेंस इंडस्ट्री (Aerospace and Defence Industry) से जुड़ी कंपनी अपोलो माइक्रो सिस्टम्स (Apollo Micro Systems) इन दिनों शेयर बाजार (Share Market) के निवेशकों की पहली पसंद बनी हुई है। शुक्रवार को कंपनी के शेयरों में जबरदस्त तेजी देखने को मिली। डिफेंस सेक्टर की इस कंपनी के शेयर 11 फीसदी से ज्यादा उछलकर 271.60 रुपये तक पहुंच गए और 52 हफ्तों का नया रिकॉर्ड हाई बना दिया।
4 साल में 2300% का धमाका
अपोलो माइक्रो सिस्टम्स के शेयरों में बीते चार साल में गजब की तेजी आई है। 27 अगस्त 2021 को कंपनी का शेयर मात्र 11.52 रुपये पर मिल रहा था, जबकि 29 अगस्त 2025 को यह 271.60 रुपये पर पहुंच गया। यानी सिर्फ 4 साल में शेयर ने करीब 2300 पर्सेंट का रिटर्न दिया है। अगर किसी ने 2021 में 1 लाख रुपये इसमें लगाए होते, तो आज उसकी वैल्यू 23.57 लाख रुपये से भी ज्यादा हो जाती।
पिछले एक साल में ही 150% का उछाल
यह कंपनी केवल लंबे वक्त में ही नहीं, बल्कि छोटे समय में भी निवेशकों को मालामाल कर रही है। पिछले एक साल में ही अपोलो माइक्रो सिस्टम्स के शेयरों ने 150 पर्सेंट से ज्यादा की छलांग लगाई है। अगस्त 2024 में जहां यह 105.50 रुपये पर था, वहीं अगस्त 2025 तक 271.60 रुपये पर पहुंच गया। सिर्फ 6 महीनों में शेयरों में 135% से ज्यादा की तेजी आई है और पिछले एक महीने में ही इसमें 50% की उछाल देखने को मिली है।
शेयरों का बंटवारा भी कर चुकी कंपनी
अपोलो माइक्रो सिस्टम्स ने मई 2023 में अपने शेयरों का भी बंटवारा किया था। उस समय कंपनी ने 10 रुपये फेस वैल्यू वाले एक शेयर को 1 रुपये फेस वैल्यू वाले 10 शेयरों में बांट दिया था। इसे शेयर स्प्लिट (Share Split) कहा जाता है। इस कदम का फायदा छोटे निवेशकों को भी मिला, क्योंकि कम दाम में शेयर खरीदने का मौका मिल गया।
कंपनी को अपने नियमित कारोबार के दौरान बड़ा मौका मिला है। इसे DRDO की ओर से मल्टी-इन्फ्लुएंस ग्राउंड माइन (MIGM) विघ्ना के लिए प्रोडक्शन एजेंसी की मंजूरी मिल गई है। इसके साथ ही, कंपनी ने DRDO के साथ एक समझौता किया है, जिसके तहत उसे NASM-SR मिसाइल के लिए ओम्नी-डायरेक्शनल मल्टी-EFP वॉरहेड की टेक्नोलॉजी ट्रांसफर (TOT) मिली है। इससे कंपनी के डिफेंस पोर्टफोलियो में और मजबूती आएगी।
प्रमोटर्स और पब्लिक की हिस्सेदारी
कंपनी में इस समय प्रमोटर्स की हिस्सेदारी 50.65% है, जबकि पब्लिक शेयरहोल्डिंग 49.35% है। यानी आधे से ज्यादा शेयर कंपनी के प्रमोटर्स के पास हैं और बाकी हिस्सेदारी आम निवेशकों के पास है।