Rent vs EMI: किराया देना घाटे का सौदा या घर खरीदना बेहतर निवेश? जानें पूरी सच्चाई
महंगाई के चलते घर खरीदना मुश्किल लग रहा है, लेकिन एक्सपर्ट्स के अनुसार इंतजार करना ज्यादा महंगा साबित हो सकता है। रेंट देने से बेहतर ईएमआई देकर संपत्ति बनाना है। दिल्ली के इलाकों में कीमतें तेजी से बढ़ रही हैं, इसलिए सही समय पर निवेश करना भविष्य में फायदे का सौदा हो सकता है।

Rent vs EMI: महंगाई के कारण लोगों को घर बनाने या खरीदने से पहले 10 बार सोचना पड़ता है, और सोचे भी क्यों न क्योंकि सीमेंट, लोहे से लेकर लेबर तक की कीमतें बढ़ गई हैं।
हर आम आदमी के मन में एक ही सवाल है कि क्या यह घर खरीदने का सही समय है या अभी थोड़ा और इंतजार करना चाहिए? एक्सपर्ट्स की मानें तो रियल एस्टेट में 'इंतजार करने का जोखिम' निवेश करने के जोखिम से कहीं ज्यादा बड़ा साबित हो सकता है।
रेंट vs ईएमआई: क्या है समझदारी?
अक्सर लोग इस कशमकश में रहते हैं कि किराए पर रहना बेहतर है या खुद का घर लेना। सच तो यह है कि किराया एक ऐसा खर्च है जिसका कोई रिटर्न नहीं मिलता, जबकि होम लोन की ईएमआई आपको धीरे-धीरे एक संपत्ति का मालिक बनाती है।
अगर दिल्ली के प्रॉपर्टी मार्केट पर नजर डालें, तो पश्चिम दिल्ली के इलाकों में मांग तेजी से बढ़ी है। एम सानवी रियल एस्टेट प्राइवेट लिमिटेड के फाउंडर मुकेश कुमार ने बताया कि पिछले एक साल में ही उत्तम नगर फ्लैट की कीमत में करीब 10-15% का उछाल देखा गया है। ऐसे में जो लोग पिछले साल फैसला नहीं ले पाए, उन्हें अब वही घर काफी महंगा मिल रहा है।
निवेश के लिहाज से द्वारका मोड़ और उत्तम नगर जैसे इलाके पहली पसंद बने हुए हैं। मुकेश कुमार के अनुसार, द्वारका मोड़ में 2 बीएचके फ्लैट की कीमत में स्थिरता और मजबूती की मुख्य वजह वहां की बेहतरीन मेट्रो कनेक्टिविटी और सुविधाओं का विस्तार है। रेंट की तुलना में यहां ईएमआई देना ज्यादा फायदेमंद है क्योंकि किराया हर साल बढ़ता है, जबकि आपकी लोन की किस्तें लगभग स्थिर रहती हैं। साथ ही, होम लोन पर मिलने वाली टैक्स छूट आपके वित्तीय बोझ को और कम कर देती है।
भविष्य की बढ़ती कीमतें और इन्फ्रास्ट्रक्चर
आने वाले समय में दिल्ली के इन इलाकों का नक्शा और बदलने वाला है। मेट्रो फेज-4 और यूईआर-II जैसे बड़े प्रोजेक्ट्स के पूरा होने के बाद उत्तम नगर में 2 बीएचके फ्लैट की कीमत में और भी बड़ा उछाल आने की उम्मीद है। एक्सपर्ट्स का साफ कहना है कि रियल एस्टेट हमेशा से महंगाई के खिलाफ एक मजबूत ढाल रहा है। आज जो कीमत आपको ज्यादा लग रही है, 5 साल बाद वही आपकी पहुंच से बाहर हो सकती है।
अगर आपके पास 10-20% डाउनपेमेंट के लिए बचत है और आपकी नौकरी सुरक्षित है, तो घर लेना एक समझदारी भरा कदम है। मार्केट रिसर्च के लिए केवल सुनी-सुनाई बातों पर न जाएं, बल्कि खुद साइट पर जाकर फ्लैट की कीमत और सुविधाओं को देखें।

