scorecardresearch

ट्रंप का यू-टर्न? होर्मुज बंद रहने पर भी युद्ध खत्म करने की तैयारी कर रहे हैं डोनाल्ड ट्रंप: रिपोर्ट

डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन ईरान के खिलाफ सैन्य अभियान को सीमित लक्ष्यों के साथ 4-6 हफ्तों में खत्म करने की रणनीति बना रहा है। होर्मुज स्ट्रेट पूरी तरह न खुलने पर भी कूटनीतिक दबाव बढ़ाया जाएगा। बढ़ते ऊर्जा संकट के बीच अमेरिका सैन्य मौजूदगी बनाए रखते हुए सहयोगियों को आगे कर सकता है।

Advertisement

In Short

  • डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन 4-6 हफ्तों में सीमित सैन्य लक्ष्यों के साथ अभियान खत्म करने की तैयारी में
  • होर्मुज स्ट्रेट पूरी तरह न खुलने पर भी कूटनीतिक दबाव बढ़ाने की रणनीति
  • ऊर्जा संकट के बीच अमेरिका सैन्य मौजूदगी बनाए रखते हुए सहयोगियों को आगे कर सकता है

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) ने ईरान के खिलाफ चल रहे सैन्य अभियान को जल्द खत्म करने का संकेत दिया है, भले ही स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पूरी तरह से खुल न पाए। Wall Street Journal की रिपोर्ट के मुताबिक, ट्रंप प्रशासन अब सीमित सैन्य लक्ष्य हासिल कर संघर्ष को समेटने की रणनीति पर काम कर रहा है।

advertisement

4-6 हफ्तों की टाइमलाइन बनी सीमा

रिपोर्ट में कहा गया है कि ट्रंप और उनके सहयोगियों ने आकलन किया कि होर्मुज स्ट्रेट को जबरन खोलने की कोशिश युद्ध को तय 4 से 6 हफ्तों की समयसीमा से आगे ले जा सकती है। ऐसे में व्हाइट हाउस का फोकस ईरानी नौसेना और मिसाइल क्षमताओं को कमजोर कर मौजूदा ऑपरेशन को खत्म करने पर है।

अब कूटनीतिक दबाव की तैयारी

ट्रंप प्रशासन अब तेहरान पर कूटनीतिक दबाव बनाने की रणनीति अपना रहा है ताकि व्यापारिक जहाजों की आवाजाही फिर से शुरू हो सके। रिपोर्ट के अनुसार, अगर यह प्रयास नाकाम रहता है, तो अमेरिका अपने यूरोपीय और खाड़ी सहयोगियों को आगे कर स्ट्रेट ऑफ होर्मुज खोलने का जिम्मा सौंप सकता है। हालांकि, अन्य सैन्य विकल्पों को पूरी तरह खारिज नहीं किया गया है।

ऊर्जा संकट से दबाव में अमेरिका

होर्मुज में रुकावट का असर ग्लोबल सप्लाई और ऊर्जा कीमतों पर साफ दिख रहा है। अमेरिका समेत कई देशों पर इसका दबाव बढ़ रहा है। एक्सपर्ट का कहना है कि अगर जल्द सुरक्षित मार्ग बहाल नहीं हुआ, तो ईरान ग्लोबल व्यापार को बाधित करता रहेगा, जब तक कोई समझौता नहीं होता।

जमीन पर सैन्य मौजूदगी जारी

युद्ध खत्म करने की इच्छा के बावजूद अमेरिका अपनी सैन्य मौजूदगी बढ़ा रहा है। USS Tripoli और 31वीं मरीन एक्सपेडिशनरी यूनिट को क्षेत्र में तैनात किया गया है। इसके अलावा, 82वीं एयरबोर्न डिवीजन के कुछ हिस्सों को भी अलर्ट पर रखा गया है और करीब 10,000 अतिरिक्त सैनिक भेजने पर विचार चल रहा है।