सरसों से लेकर सूरजमुखी तेल तक सब हो सकता है महंगा! कंपनियां बढ़ा सकती हैं कीमतें, ये है बड़ी वजह
आपकी रसोई का बजट एक बार फिर बिगड़ सकता है। कंपनियां खाने के तेल की कीमतों में 6 फीसदी तक की बड़ी बढ़ोतरी कर सकती हैं। जानिए क्या है पूरी खबर।

Edible oil price hike: भारत में आम आदमी की जेब पर एक बार फिर बोझ बढ़ सकता है। खाने के तेल की कीमतों में जल्द ही बड़ी बढ़ोतरी देखने को मिल सकती है, जिससे हर घर के बजट पर असर पड़ेगा। देश की दिग्गज एफएमसीजी कंपनियां, खाने के तेल के दाम में 5 से 6 फीसदी तक का इजाफा करने पर विचार कर रही हैं।
लाइव हिंदुस्तान की एक रिपोर्ट के मुताबिक भारत अपनी खाद्य तेल की कुल जरूरत का लगभग 57 फीसदी हिस्सा विदेशों से मंगाता है। यही वजह है कि जब भी वैश्विक बाजार में पाम ऑयल, सोयाबीन या सूरजमुखी तेल के दाम बढ़ते हैं, तो भारतीय रसोई में इसका असर तुरंत दिखने लगता है।
पिछले एक साल के आंकड़ों पर गौर करें तो इन तेलों की बेस कॉस्ट में 14 से 20 फीसदी तक की वृद्धि हुई है। इसके साथ ही, जहाजों के जरिए माल मंगाने का किराया (फ्रेट), बीमा खर्च और डॉलर के मुकाबले रुपये की कमजोरी ने कंपनियों के लिए व्यापार करना और महंगा कर दिया है।
इन वजहों से बढ़ सकती है खाद्य तेलों की कीमतें
अंतरराष्ट्रीय कच्चे तेल का दबाव: पश्चिम एशिया में चल रहे संघर्ष और अमेरिका-ईरान के बीच गहराते तनाव ने ब्रेंट क्रूड ऑयल की कीमतों को 120 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंचा दिया है। एक्सपर्ट्स का मानना है कि खाद्य तेलों की कीमतें ग्लोबल कच्चे तेल के रुख से सीधे तौर पर प्रभावित होती हैं।
आयात पर अत्यधिक निर्भरता: भारत अपनी खाद्य तेल की जरूरत का करीब 57% हिस्सा दूसरे देशों से मंगवाता है। सॉल्वेंट एक्सट्रैक्टर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया (एसईए) के अनुसार, डॉलर के मुकाबले रुपये की गिरावट, समुद्री माल-भाड़े में वृद्धि और बीमा की बढ़ती लागत ने आयातित तेल को काफी महंगा बना दिया है।
घरेलू बाजार की चुनौतियां: भारतीय बाजारों में तिलहन (ऑयलसीड्स) के दाम ऊंचे बने हुए हैं। कच्चा माल महंगा होने की वजह से तेल बनाने वाली कंपनियों के मुनाफे पर असर पड़ रहा है, जिसका सीधा बोझ ग्राहकों की जेब पर डाला जा रहा है।
मौजूदा कीमतें
सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, देश में तेल की कीमतें पहले ही आसमान छू रही हैं। वर्तमान में सोयाबीन तेल करीब 158 रुपये, सरसों तेल 189 रुपये और सूरजमुखी तेल 184 रुपये प्रति लीटर के आसपास बिक रहा है। पिछले साल के मुकाबले इन कीमतों में 5 से 14 फीसदी की तेजी दर्ज की गई है।

