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इधर 'Hi' या 'Hello' मैसेज का रिप्लाई दिया और उधर बैंक अकाउंट हो गया साफ! साइबर ठगों के इस नए जाल से ऐसे बचें

भले ही ये मैसेज बहुत ही आम लगते हों, लेकिन इनके पीछे छिपे स्कैमर्स आपकी मेहनत की कमाई पर डाका डाल सकते हैं। सरकारी साइबर सुरक्षा एजेंसी, 'साइबर दोस्त' (I4C) ने एक जरूरी चेतावनी जारी करते हुए आम लोगों से अपील की है कि किसी भी अनजान मैसेज का रिप्लाई करने से पहले अच्छी तरह सोच-समझ लें।

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AI Generated Image

आजकल वॉट्सऐप, इंस्टाग्राम, फेसबुक या एसएमएस पर अनजान लोगों से आपके पास भी 'Hi' मैसेज आता होगा लेकिन अगर आपने इस Hi या Hello मैसेज का जवाब दिया तो आपको काफी पछताना पड़ सकता है। 

भले ही ये मैसेज बहुत ही आम लगते हों, लेकिन इनके पीछे छिपे स्कैमर्स आपकी मेहनत की कमाई पर डाका डाल सकते हैं। सरकारी साइबर सुरक्षा एजेंसी, 'साइबर दोस्त' (I4C) ने एक जरूरी चेतावनी जारी करते हुए आम लोगों से अपील की है कि किसी भी अनजान मैसेज का रिप्लाई करने से पहले अच्छी तरह सोच-समझ लें।

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साइबर ठग कैसे बनाते हैं शिकार?

साइबर ठग अक्सर बहुत ही साधारण तरीके से बातचीत शुरू करते हैं। वे पहले दोस्ती का झांसा देते हैं और धीरे-धीरे बातों में उलझाकर बैंक अकाउंट की जानकारी या पर्सनल डिटेल्स हासिल कर लेते हैं।

साइबर दोस्त के मुताबिक, स्कैमर्स के निशाने पर भोले-भाले लोग होते हैं, जिन्हें वे फेक बैंकिंग अलर्ट, रिवॉर्ड्स या फ्री गिफ्ट का लालच देकर अपना शिकार बनाते हैं। ये ठग अक्सर ऐसे लिंक भेजते हैं जो देखने में असली लगते हैं, लेकिन असल में वे फेक पोर्टल होते हैं। जैसे ही आप उन पर क्लिक करते हैं, आपकी निजी जानकारी चोरी हो सकती है और आपका बैंक अकाउंट खाली हो सकता है।

अपने आप को कैसे बचाएं?

साइबर दोस्त ने सुरक्षा के लिए कुछ जरूरी उपाय सुझाए हैं। सबसे पहले, अनजान नंबर से आए मैसेज पर कभी भी आंख मूंदकर भरोसा न करें। यदि कोई संदिग्ध लिंक आता है, तो उस पर भूलकर भी क्लिक न करें। इसके अलावा, फ्री गिफ्ट, बैंक या क्लेम से जुड़े अलर्ट को बिना जांच-पड़ताल किए न खोलें। सबसे जरूरी यह है कि अपनी बैंकिंग डिटेल्स, ओटीपी (OTP) या कोई भी पर्सनल जानकारी किसी के साथ साझा न करें।

अगर किसी के साथ कोई साइबर फ्रॉड हो जाता है, तो उसे तुरंत रिपोर्ट करना चाहिए। साइबर सुरक्षा अधिकारियों का कहना है कि आप जितनी जल्दी शिकायत दर्ज करेंगे, ठगी गई रकम की रिकवरी होने की संभावना उतनी ही ज्यादा बनी रहती है। सतर्क रहकर ही आप अपनी डिजिटल सुरक्षा सुनिश्चित कर सकते हैं।