ईरान-अमेरिका तनाव से शेयर बाजार में बड़ी गिरावट! निफ्टी 24100 के नीचे बंद - निवेशकों के लिए क्या है संकेत?
ब्रेंट क्रूड की कीमतों में करीब 5% की तेज उछाल के बाद निवेशकों की बिकवाली बढ़ी और सेंसेक्स 561 अंक टूटकर 77,054 पर बंद हुआ। वहीं, निफ्टी 159 अंक गिरकर 24,052 के स्तर पर आ गया।

Stock Market Today: अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव का असर मंगलवार को भारतीय शेयर बाजार पर साफ दिखा। ब्रेंट क्रूड की कीमतों में करीब 5% की तेज उछाल के बाद निवेशकों की बिकवाली बढ़ी और सेंसेक्स 561 अंक टूटकर 77,054 पर बंद हुआ। वहीं, निफ्टी 159 अंक गिरकर 24,052 के स्तर पर आ गया।
ब्रेंट क्रूड का भाव बढ़कर 87.38 डॉलर प्रति बैरल पहुंच गया। स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को लेकर बढ़ते तनाव की खबरों के बीच कच्चे तेल में आई तेजी ने बाजार की धारणा पर दबाव बनाया।
इन शेयरों में सबसे ज्यादा बिकवाली
सेंसेक्स के शेयरों में एचसीएल टेक, बजाज फिनसर्व, इंडिगो, एसबीआई, महिंद्रा एंड महिंद्रा और एलएंडटी सबसे ज्यादा टूटे। इनमें 4.42% तक की गिरावट दर्ज की गई। दूसरी ओर, भारती एयरटेल, टीसीएस, सन फार्मा, टाटा स्टील, अदाणी पोर्ट्स और इटरनल बढ़त के साथ बंद होने वाले चुनिंदा शेयर रहे।
सेक्टोरल मोर्चे पर भी दबाव दिखा। बीएसई ऑटो इंडेक्स 913 अंक टूटकर 58,678 पर बंद हुआ, जबकि बैंकेक्स 763 अंक फिसलकर 65,020 पर आ गया। निफ्टी मिडकैप इंडेक्स 275 अंक और स्मॉलकैप इंडेक्स 196 अंक गिरा।
रुपये पर भी बढ़ा दबाव
कच्चे तेल की कीमतों में तेजी और डॉलर की मजबूत मांग के बीच भारतीय रुपया भी कमजोर हुआ। रुपया 57 पैसे टूटकर डॉलर के मुकाबले 96.20 पर पहुंच गया और पहली बार 96 के स्तर से नीचे फिसल गया।
एलकेपी सिक्योरिटीज के वीपी रिसर्च एनालिस्ट जतिन त्रिवेदी ने कहा कि ब्रेंट क्रूड के 86 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर जाने और डॉलर इंडेक्स के 101 के पार बने रहने से रुपये पर दबाव बढ़ा है। उनके मुताबिक, अब बाजार की नजर अमेरिका के CPI महंगाई आंकड़ों पर रहेगी, जो फेडरल रिजर्व की ब्याज दरों की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभा सकते हैं। उनका अनुमान है कि निकट अवधि में रुपया 95.75 से 96.50 के दायरे में रह सकता है।
निवेशकों की नजर फेड और नतीजों पर
जियोजीत इन्वेस्टमेंट्स के रिसर्च प्रमुख विनोद नायर ने कहा कि लगातार विदेशी निवेशकों की बिकवाली और बढ़ते भू-राजनीतिक जोखिमों ने बाजार का रुख कमजोर किया है। हालांकि पहली तिमाही के कॉरपोरेट नतीजे पॉजिटिव संकेत दे रहे हैं, लेकिन निवेशकों की नजर अब अमेरिकी फेड चेयर की टिप्पणी पर रहेगी, जिससे वैश्विक ब्याज दरों को लेकर संकेत मिल सकते हैं।
एलकेपी सिक्योरिटीज के सीनियर टेक्निकल एनालिस्ट रूपक डे ने कहा कि जब तक निफ्टी 23,950 के ऊपर बना रहता है, तब तक बाजार का शॉर्ट टर्म रुख पॉजिटिव माना जा सकता है। ऊपरी स्तर पर 24,250-24,300 तक बढ़त की संभावना है, जबकि 23,950 के नीचे निर्णायक गिरावट आने पर बाजार में कंसोलिडेशन का दौर शुरू हो सकता है।

