
IRCTC, IRFC, RVNL, Jupiter Wagons: बजट 2026 से पहले क्यों दौड़ रहा है रेलवे स्टॉक?
Samco Securities ने सोमवार को जारी अपने फ्रेश नोट में कहा कि रेलवे से जुड़े शेयरों में बजट से पहले की रैली बीते पांच साल से लगातार दिख रही है। खास बात यह है कि जैसे-जैसे बजट का दिन नजदीक आता है, रिटर्न और मजबूत होते जाते हैं।

Railway Stocks: ब्रोकरेज फर्म Samco Securities ने सोमवार को जारी अपने फ्रेश नोट में कहा कि रेलवे से जुड़े शेयरों में बजट से पहले की रैली बीते पांच साल से लगातार दिख रही है। खास बात यह है कि जैसे-जैसे बजट का दिन नजदीक आता है, रिटर्न और मजबूत होते जाते हैं।
ब्रोकरेज के मुताबिक, यह पैटर्न इस बात का संकेत है कि निवेशक पहले से ही सरकार के रेलवे इंफ्रास्ट्रक्चर, सेफ्टी और क्षमता बढ़ाने पर लगातार फोकस को दामों में शामिल कर रहे हैं।
एनालिसिस में RVNL सबसे मजबूत और स्थिर परफॉर्मर के तौर पर उभरा है। बजट से पांच हफ्ते पहले RVNL ने औसतन करीब 30 फीसदी का रिटर्न दिया और ज्यादातर समय में इसके पॉजिटिव रिटर्न की संभावना 100 फीसदी रही।
IRFC में भी तेजी दिखी, खासकर तीन से पांच हफ्ते पहले के दौर में, जहां औसत रिटर्न 20 फीसदी से ऊपर रहा और लंबे प्री-बजट विंडो में विन रेशियो 100 फीसदी तक पहुंच गया।
वैगन और इक्विपमेंट बनाने वाली कंपनियों में भी बजट से पहले साफ तेजी दिखी। Jupiter Wagons ने पांच हफ्ते पहले करीब 20 फीसदी का औसत गेन दिया, जबकि Texmaco Rail में लगभग 15 फीसदी का रिटर्न दर्ज हुआ।
Titagarh Rail Systems में औसत रिटर्न करीब 9 फीसदी रहा, लेकिन 80 फीसदी का लगातार विन रेशियो इसकी स्थिर भागीदारी दिखाता है।
रेलवे सर्विस और टेक सेगमेंट में RailTel ने बजट से पांच हफ्ते पहले करीब 13 फीसदी का औसत रिटर्न दिया। वहीं IRCTC का रिटर्न भले ही 4-5 फीसदी रहा, लेकिन इसकी खासियत 100 फीसदी विन रेशियो रही, यानी धीमी मगर भरोसेमंद बढ़त।


ब्रोकरेज ने कहा कि यह सिर्फ रिटर्न की बात नहीं है। जैसे-जैसे प्री-बजट विंडो एक हफ्ते से बढ़कर पांच हफ्ते होती है, पॉजिटिव रिटर्न की संभावना भी साफ तौर पर बढ़ती है। इससे यह रैली किसी एक बार की तेजी नहीं, बल्कि हर साल दोहरने वाला सीजनल ट्रेंड लगती है।
फंडामेंटल स्तर पर भी ब्रोकरेज को सपोर्ट दिखता है। मौजूदा साल में दूसरी बार और पिछले पांच साल में तीसरी बार रेलवे किराए बढ़े हैं। इससे पैसेंजर और फ्रेट रेवेन्यू सुधरने, कैश फ्लो मजबूत होने और बजट सपोर्ट पर निर्भरता घटने की उम्मीद है।
आने वाले बजट में रेलवे सेफ्टी अपग्रेड, नए वैगन, सिग्नलिंग सिस्टम और कवच एंटी-कॉलिजन प्लेटफॉर्म पर ज्यादा खर्च संभव है। डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर और नेटवर्क डी-कंजेशन प्रोजेक्ट्स भी फोकस में रह सकते हैं, जो पूरे रेलवे इकोसिस्टम के लिए पॉजिटिव संकेत हैं।

