बाजार गिरा लेकिन सिगरेट बनाने वाली इस कंपनी का शेयर 5% चढ़कर हुआ बंद - स्टॉक 100 रुपये से कम
बीएसई पर आज स्टॉक 91.43 रुपये पर खुला था और इसने आज अपना इंट्राडे हाई 96 रुपये को टच किया। आज कंपनी के कुल 4,65,884 इक्विटी शेयरों में ट्रेड हुआ। इस कंपनी का मार्केट कैप आज 15,323.22 करोड़ रुपये था।

सिगरेट और तंबाकू प्रोडक्ट बनाने वाली कंपनी, एलीटकॉन इंटरनेशनल लिमिटेड (Elitecon International Ltd) का शेयर आज 5 प्रतिशत चढ़कर बंद हुआ है। स्टॉक बीएसई पर 4.85% या 4.43 रुपये की तेजी के साथ 95.86 रुपये पर बंद हुआ।
बीएसई पर आज स्टॉक 91.43 रुपये पर खुला था और इसने आज अपना इंट्राडे हाई 96 रुपये को टच किया। आज कंपनी के कुल 4,65,884 इक्विटी शेयरों में ट्रेड हुआ। इस कंपनी का मार्केट कैप आज 15,323.22 करोड़ रुपये था।
सिगरेट पर बढ़े हुए टैक्स से इस कंपनी ने नहीं पड़ेगा फर्क
हाल ही में सरकार ने जो सिगरेट पर टैक्स बढ़ाया है जो 1 फरवरी से लागू होगा, इसका एलीटकॉन पर कोई असर नहीं पड़ेगा। ऐसा इसलिए क्योंकि कंपनी का बिजनेस मॉडल पूरी तरह एक्सपोर्ट पर आधारित है।
तंबाकू के एक्सपोर्ट पर जीएसटी जीरो रहता है। एक्सपोर्ट को जीएसटी में जीरो-रेटेड माना जाता है और एलीटकॉन इंटरनेशनल LUT और रिफंड मैकेनिज्म के तहत निर्यात करती है। इसका मतलब है कि सिगरेट और तंबाकू पर जीएसटी दर बढ़ने से कंपनी की कमाई या मार्जिन पर सीधा असर नहीं पड़ता।
नई एक्साइज ड्यूटी और सेस सिर्फ घरेलू खपत पर लागू होती है। एक्सपोर्ट शिपमेंट इस दायरे में नहीं आते। ऐसे में जहां घरेलू सिगरेट कंपनियों को बढ़े टैक्स का बोझ झेलना होगा, वहीं Elitecon जैसे एक्सपोर्टर इस जोखिम से पूरी तरह बाहर हैं।
ब्रोकरेज और इंडस्ट्री ट्रैकर्स का मानना है कि घरेलू बाजार में टैक्स बढ़ने से सिगरेट की मांग घट सकती है। इससे तंबाकू पत्ती और प्रोसेसिंग कैपेसिटी का एक हिस्सा एक्सपोर्ट की ओर शिफ्ट हो सकता है। इसका फायदा उन कंपनियों को मिलेगा, जिनका फोकस पहले से विदेशी बाजारों पर है। बेहतर उपलब्धता और ज्यादा प्रतिस्पर्धी कीमतें एक्सपोर्टर्स के लिए मौके पैदा कर सकती हैं।
इनपुट कॉस्ट के मोर्चे पर भी राहत के संकेत हैं। घरेलू मांग सुस्त होने से कच्चे तंबाकू के दाम नरम पड़ सकते हैं। इससे एक्सपोर्ट मार्जिन को सपोर्ट मिलने की उम्मीद है। Elitecon के लिए यह एक स्ट्रक्चरल एडवांटेज माना जा रहा है।

