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हेल्थ और लाइफ इंश्योरेंस के कवर अमाउंट जितनी हो गई मेरी सेविंग! क्या में अब बीमा को बंद कर दूं?

अगर आपकी बचत बीमा कवर जितनी या उससे ज्यादा हो गई है, तो क्या आपको लाइफ और हेल्थ इंश्योरेंस का प्रीमियम देना बंद कर देना चाहिए? पहली नजर में यह सही फैसला लग सकता है, लेकिन इसके पीछे कई जरूरी बातें छिपी हैं। पढ़िए पूरी खबर।

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In Short

  • सिर्फ ज्यादा बचत होने से लाइफ और हेल्थ इंश्योरेंस बंद करना सही फैसला नहीं माना जाता।
  • महंगाई और इलाज के बढ़ते खर्चों के कारण समय-समय पर इंश्योरेंस कवर की समीक्षा करना जरूरी है।
  • एक्सपर्ट्स के अनुसार, परिवार की आर्थिक सुरक्षा और मेडिकल इमरजेंसी के लिए इंश्योरेंस जारी रखना बेहतर होता है।

Insurance: अक्सर लोगों के मन में सवाल आता है कि अगर उनकी बचत इतनी हो गई है कि वह लाइफ इंश्योरेंस (Life Insurance) और हेल्थ इंश्योरेंस (Health Insurance) के कवर अमाउंट के जितना सुरक्षा दे सकती है तो क्या फिर इंश्योरेंस का प्रीमियम भरना बंद कर देना चाहिए या यूं कहें कि इंश्योरेंस नहीं खरीदना चाहिए?

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आज इस आर्टिकल में हम इसी सवाल का जवाब ढूंढने की कोशिश करेंगे। पहली नजर में इस सवाल का जवाब 'हां' हो सकता है, लेकिन जानकार ऐसा नहीं मानते। उनका कहना है कि सिर्फ बचत बढ़ जाने की वजह से बीमा बंद करना सही फैसला नहीं है। आखिर ऐसा क्यों कहा जाता है और इंश्योरेंस जारी रखना क्यों जरूरी माना जाता है चलिए जानते हैं।

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लाइफ इंश्योरेंस क्यों है जरूरी?

लाइफ इंश्योरेंस का काम परिवार को आर्थिक सहारा देना होता है। अगर घर के कमाने वाले व्यक्ति की किसी कारण मृत्यु हो जीती है तो परिवार की आमदनी रुक जाती है। ऐसे समय में बीमा की रकम घर के खर्च चलाने, लोन की किस्त भरने और बच्चों की पढ़ाई जैसी जरूरतों को पूरा करने में मदद करती है।

समय के साथ बढ़ती है जरूरत

जैसे-जैसे आपकी कमाई बढ़ती है, वैसे-वैसे खर्च भी बढ़ने लगते हैं। ऐसे में पहले लिया गया इंश्योरेंस कवर कुछ साल बाद कम पड़ सकता है। समय के साथ महंगाई भी बढ़ती रहती है, इसलिए आज जितने पैसे की कीमत है, आगे चलकर उतनी नहीं रहती। इसलिए समय-समय पर यह देखना जरूरी है कि आपका इंश्योरेंस कवर आपकी जरूरत के हिसाब से सही है या नहीं।

हेल्थ इंश्योरेंस को भी हल्के में न लें

हेल्थ इंश्योरेंस के मामले में भी यही बात लागू होती है। आज 15 से 20 लाख रुपये का कवर ठीक लग सकता है, लेकिन कुछ साल बाद इलाज का खर्च बढ़ने पर यही कवर कम साबित हो सकता है। इसलिए सिर्फ यह सोचकर हेल्थ इंश्योरेंस बंद नहीं करना चाहिए कि आपके पास अच्छी बचत है।

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इंश्योरेंस बंद करने से पहले सोचें

जानकारों का कहना है कि सबसे पहले अपनी जरूरत को समझें। अगर जरूरत लगे, तो अपना इंश्योरेंस कवर बढ़ा लें। बढ़ती उम्र के साथ कई तरह की बीमारियां हो सकती हैं। ऐसे में नया इंश्योरेंस लेना मुश्किल हो सकता है। कई बार इंश्योरेंस कंपनी कुछ बीमारियों का खर्च भी नहीं उठाती।

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Disclaimer: ये आर्टिकल सिर्फ जानकारी के लिए है और इसे किसी भी तरह से इंवेस्टमेंट सलाह के रूप में नहीं माना जाना चाहिए। BT Bazaar अपने पाठकों और दर्शकों को पैसों से जुड़ा कोई भी फैसला लेने से पहले अपने वित्तीय सलाहकारों से सलाह लेने का सुझाव देता है।