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ब्रह्मोस से तेजस तक... भारत के इन हथियारों को खरीदना चाहती है दुनिया

भारत अब सिर्फ हथियार खरीदने वाला नहीं, बल्कि दुनिया को हथियार बेचने वाला देश बन रहा है। आखिर कौन से भारतीय हथियार विदेशों में सबसे ज्यादा पसंद किए जा रहे हैं पढ़िए पूरी खबर।

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AI Generated Image

In Short

  • भारत अब हथियार खरीद नहीं, बल्कि दुनिया को हथियार बेच रहा है।
  • ब्रह्मोस, आकाश और तेजस जैसे भारतीय हथियारों की दुनिया में मांग बढ़ रही है।
  • भारत अब दुनिया के बड़े हथियार बेचने वाले देशों में शामिल हो रहा है।

Indian defence exports: एक समय था जब भारत अपनी जरूरत के हथियार दूसरे देशों से खरीदता था। लेकिन अब हालात बदल गए हैं। आज भारत अपने बनाए हथियार दुनिया के कई देशों को बेच रहा है। यही वजह है कि भारत के हथियारों की मांग लगातार बढ़ रही है। चलिए जानते हैं उन भारतीय हथियारों के बारे में, जिन्हें दुनिया के कई देश खरीदना चाहते हैं।

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ब्रह्मोस सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल

भारत की सबसे बड़ी रक्षा सफलता ब्रह्मोस सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल है। इसे भारत और रूस ने मिलकर बनाया है। यह दुनिया की सबसे तेज मिसाइलों में से एक मानी जाती है। साल 2022 में फिलीपींस ने करीब 375 मिलियन डॉलर में ब्रह्मोस मिसाइल खरीदी थी। इसके बाद 2025 में इंडोनेशिया ने लगभग 440 मिलियन डॉलर की डील की। अब वियतनाम भी करीब 700 मिलियन डॉलर की ब्रह्मोस मिसाइल खरीदने की तैयारी कर रहा है।

आकाश एयर डिफेंस सिस्टम

मिसाइलों के अलावा भारत का 'आकाश' एयर डिफेंस सिस्टम भी अब कई देशों को पसंद आ रहा है। यह दुश्मन के लड़ाकू विमान, ड्रोन और मिसाइलों के हमलों से देश को बचाता है।

आर्मेनिया ने करीब 720 मिलियन डॉलर में आकाश एयर डिफेंस सिस्टम खरीदा है। इसके बाद आर्मेनिया भारत से सबसे ज्यादा हथियार खरीदने वाले देशों में शामिल हो गया। वहीं, ब्राजील भी आकाश के नए और बेहतर मॉडल को भारत के साथ मिलकर बनाने और इस्तेमाल करने पर बातचीत कर रहा है।

भारतीय रॉकेट और तोप

भारत का पिनाका रॉकेट सिस्टम भी अब दूसरे देशों तक पहुंच चुका है। जनवरी 2026 में डिफेंस मिनिस्टर राजनाथ सिंह ने आर्मेनिया के लिए पिनाका रॉकेट की पहली खेप रवाना की थी।

यह पहली बार था, जब भारत ने इतनी बड़ी संख्या में अपना तोप सिस्टम किसी दूसरे देश को बेचा था। इस डील की कीमत करीब 250 मिलियन डॉलर थी। इसके अलावा, आर्मेनिया ने भारत से 90 से ज्यादा एटीएजीएस (एडवांस्ड टोव्ड आर्टिलरी गन सिस्टम) भी करीब 155 मिलियन डॉलर की डील में खरीदे हैं।

तेजस लड़ाकू विमान

HAL द्वारा निर्मित तेजस लड़ाकू विमान भी अब कई देशों को पसंद आ रहा है। तेजस के Mk-1A और Mk-2 मॉडल खरीदने में कई देशों ने दिलचस्पी दिखाई है। अफ्रीका और दक्षिण अमेरिका के कई देश भारत का एयर डिफेंस सिस्टम खरीदना चाहते हैं। वहीं, साइप्रस ने भी कहा है कि वह 2026 से 2031 के बीच भारत से हथियार और सेना में इस्तेमाल होने वाले दूसरे जरूरी सामान खरीदना चाहता है।