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क्रेडिट यूटिलाइजेशन रेशियो एक ही Credit Card की लिमिट से तय होता है या फिर सभी कार्ड की लिमिट को जोड़कर?

क्रेडिट कार्ड इस्तेमाल करने वाले ज्यादातर लोगों के मन में यह सवाल जरूर आता है कि क्रेडिट यूटिलाइजेशन रेशियो आखिर एक ही कार्ड की लिमिट से तय होता है या फिर सभी कार्ड की लिमिट को जोड़कर देखा जाता है। 

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आपने अकसर यह सुना होगा की क्रेडिट कार्ड यूजर्स को क्रेडिट लिमिट का 30% ही इस्तेमाल करना चाहिए ताकी उनका क्रेडिट यूटिलाइजेशन रेशियो (Credit Utilisation Ratio) ज्यादा न बढ़े।

अगर क्रेडिट यूटिलाइजेशन रेशियो ज्यादा रहता है तो आपका क्रेडिट स्कोर गिर सकता है और आपके लिए उतना ही वित्तीय जोखिम भी बढ़ सकता है।

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क्रेडिट कार्ड इस्तेमाल करने वाले ज्यादातर लोगों के मन में यह सवाल जरूर आता है कि क्रेडिट यूटिलाइजेशन रेशियो आखिर एक ही कार्ड की लिमिट से तय होता है या फिर सभी कार्ड की लिमिट को जोड़कर देखा जाता है। 

एक ही कार्ड या सभी कार्ड को जोड़कर?

असल में, क्रेडिट यूटिलाइजेशन रेशियो किसी एक क्रेडिट कार्ड तक सीमित नहीं होता। यह आपके पास मौजूद सभी क्रेडिट कार्ड की कुल लिमिट और कुल इस्तेमाल की गई रकम को जोड़कर निकाला जाता है। यानी अगर आपके पास एक से ज्यादा क्रेडिट कार्ड हैं, तो सिस्टम यह देखता है कि आपने कुल उपलब्ध क्रेडिट का कितना प्रतिशत उपयोग किया है। 

मान लीजिए किसी व्यक्ति के पास दो क्रेडिट कार्ड हैं। पहले कार्ड की लिमिट 1 लाख रुपये है और दूसरे की भी 1 लाख रुपये। इस तरह कुल क्रेडिट लिमिट 2 लाख रुपये हो गई। अगर व्यक्ति पहले कार्ड से 40 हजार और दूसरे कार्ड से 20 हजार रुपये खर्च करता है, तो कुल इस्तेमाल 60 हजार रुपये होगा। ऐसे में क्रेडिट यूटिलाइजेशन रेशियो 30% माना जाएगा, न कि किसी एक कार्ड के आधार पर अलग-अलग।

यही वजह है कि कई बार एक कार्ड लगभग फुल होने के बावजूद क्रेडिट स्कोर पर बहुत ज्यादा निगेटिव असर नहीं दिखता, अगर बाकी कार्ड्स पर लिमिट खाली पड़ी हो। हालांकि इसका यह मतलब नहीं कि किसी एक कार्ड को लगातार 80-90% तक भरना सही आदत है। सिस्टम कुल रेशियो देखता जरूर है, लेकिन कार्ड-लेवल पर भी पैटर्न नोट किया जाता है।

क्रेडिट स्कोर तय करने वाली एजेंसियां जैसे CIBIL यह मानती हैं कि आदर्श रूप से कुल क्रेडिट लिमिट का 30% से कम इस्तेमाल करना बेहतर होता है। इससे यह संकेत मिलता है कि यूजर क्रेडिट पर जरूरत से ज्यादा निर्भर नहीं है और अपने फाइनेंस को संतुलित तरीके से संभाल रहा है।

इसलिए होता है एक से अधिक कार्ड का फायदा

एक से अधिक क्रेडिट कार्ड होने का फायदा तभी मिलता है जब उनका इस्तेमाल समझदारी से किया जाए। अगर सभी कार्ड्स पर एक साथ भारी खर्च किया जाए, तो कुल यूटिलाइजेशन तेजी से बढ़ जाता है, जिससे स्कोर पर दबाव पड़ सकता है। वहीं, कार्ड्स की लिमिट बढ़ना या नया कार्ड मिलना, बिना खर्च बढ़ाए, कुल यूटिलाइजेशन को अपने आप कम कर देता है।