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बच्चे के जन्म के बाद सबसे पहले बनवाएं ये जरूरी दस्तावेज, भविष्य की पढ़ाई और निवेश में होंगे बड़े फायदे

बच्चे के बेहतर भविष्य के लिए सिर्फ अच्छी पढ़ाई काफी नहीं है। जन्म के बाद सही दस्तावेज बनवाकर और समय पर बचत या निवेश शुरू करके माता-पिता पढ़ाई, करियर और बड़े खर्चों की तैयारी पहले से कर सकते हैं।

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In Short

  • 18 साल से कम उम्र के बच्चे का भी PAN कार्ड बनवाया जा सकता है। यह म्यूचुअल फंड, एफडी, शेयर बाजार और दूसरे निवेश कामों में मदद करता है।
  • बच्चे के नाम से बैंक खाता खोलकर माता-पिता एफडी, आरडी, स्कॉलरशिप और नियमित बचत को बेहतर तरीके से मैनेज कर सकते हैं।
  • बाल आधार पहचान के लिए जरूरी है, जबकि पासपोर्ट विदेश यात्रा, पढ़ाई, केवाईसी और भविष्य की जरूरतों में मददगार हो सकता है।

Child financial planning: बच्चे के अच्छे भविष्य के लिए सिर्फ अच्छी पढ़ाई काफी नहीं है। इसके साथ पैसों की सही प्लानिंग भी जरूरी है। अगर माता-पिता बच्चे के जन्म के बाद ही उसके जरूरी कागज बनवा दें और उसके नाम से बचत या निवेश शुरू कर दें, तो आगे चलकर पढ़ाई, करियर और दूसरे बड़े खर्चों के लिए पैसा जोड़ना आसान हो सकता है।

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इसके लिए बच्चे के नाम पर म्यूचुअल फंड, सुकन्या समृद्धि योजना, एनपीएस, बैंक एफडी या बीमा जैसी स्कीम में पैसा लगाया जा सकता है।

बच्चे का पैन कार्ड: छोटी उम्र में बड़ा फायदा क्यों?

कई लोग सोचते हैं कि पैन कार्ड सिर्फ बड़ों के लिए होता है, लेकिन ऐसा नहीं है। नवजात बच्चे से लेकर 18 साल से कम उम्र के बच्चों का भी पैन कार्ड बनवाया जा सकता है। इसके लिए माता-पिता या बच्चे की देखभाल करने वाला कोई भी इंसान अप्लाई कर सकता है।

पैन कार्ड बनवाने के लिए (https://tinpan.proteantech.in/) पोर्टल पर जाकर फॉर्म-49ए भरना होता है। इसके साथ बच्चे का बर्थ सर्टिफिकेट या आधार कार्ड देना होता है। माता-पिता का पैन कार्ड और पहचान पत्र भी जमा करना होता है। सारी जानकारी चेक होने के बाद पैन कार्ड बन जाता है।

जब बच्चा 18 साल का हो जाए, तो उसके पैन कार्ड में फोटो और साइन अपडेट कराने होते हैं। पैन कार्ड का इस्तेमाल म्यूचुअल फंड, शेयर बाजार, बड़ी एफडी, पैसों से जुड़े निवेश और प्रॉपर्टी से जुड़े कामों में होता है।

बच्चे के नाम पर बैंक खाता

बच्चे के नाम से बैंक खाता खोलना बचत की शुरुआत का अच्छा तरीका है। ज्यादातर बैंक माता-पिता के साथ मिलकर बच्चे का खाता खोलते हैं। कई बैंक 10 साल से ज्यादा उम्र के बच्चों को अपना खाता खुद चलाने की सुविधा भी देते हैं।

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इसके लिए बैंक शाखा में जाकर फॉर्म भरना होता है। बच्चे का बर्थ सर्टिफिकेट, आधार कार्ड, माता-पिता का आधार और पैन कार्ड देना होता है। बच्चे और माता-पिता की फोटो भी लगती है।

इस खाते का इस्तेमाल एफडी, आरडी, स्कॉलरशिप का पैसा पाने, बच्चे के लिए बचत करने और उसे पैसे संभालना सिखाने में किया जा सकता है।

पासपोर्ट और बाल आधार भी हैं जरूरी

पासपोर्ट निवेश के लिए जरूरी नहीं होता, लेकिन यह पहचान और पते का अच्छा सबूत माना जाता है। विदेश घूमने, बाहर पढ़ाई करने, स्टूडेंट एक्सचेंज प्रोग्राम, एनआरआई निवेश और केवाईसी जैसे कामों में पासपोर्ट काम आता है।

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बाल आधार 5 साल से कम उम्र के बच्चों के लिए बनता है। इसका रंग नीला होता है और इसमें भी 12 अंकों का आधार नंबर होता है। छोटे बच्चों के फिंगरप्रिंट और आंखों की स्कैनिंग नहीं होती। बच्चे का आधार माता या पिता के आधार से जुड़ा होता है।

जब बच्चा 5 साल का हो जाता है, तो उसका आधार अपडेट कराना पड़ता है। इसके बाद 15 साल की उम्र में फिर से आधार अपडेट कराना जरूरी होता है।

उम्र के हिसाब से कौन से कागज जरूरी?

जन्म से 1 साल तक बच्चे का बर्थ सर्टिफिकेट, बाल आधार और बैंक खाता बनवाया जा सकता है।

1 से 10 साल की उम्र में पैन कार्ड, पढ़ाई और निवेश से जुड़े रिकॉर्ड तैयार रखना अच्छा रहता है।

10 से 18 साल की उम्र में जरूरत के हिसाब से पासपोर्ट बनवाया जा सकता है। साथ ही बच्चे के नाम पर बने निवेश खातों का रिकॉर्ड संभालकर रखना जरूरी होता है।

Disclaimer: ये आर्टिकल सिर्फ जानकारी के लिए है और इसे किसी भी तरह से इंवेस्टमेंट सलाह के रूप में नहीं माना जाना चाहिए। BT Bazaar अपने पाठकों और दर्शकों को पैसों से जुड़ा कोई भी फैसला लेने से पहले अपने वित्तीय सलाहकारों से सलाह लेने का सुझाव देता है।