प्राइवेट बैंकों में ज्यादा पैसा जमा कर रहे लोग! लोन देने के मामले में अभी भी सरकारी बैंक आगे
बैंकों के शुरुआती आंकड़ों में दिलचस्प तस्वीर सामने आई है। पैसा जमा कराने में प्राइवेट बैंक आगे दिख रहे हैं, लेकिन लोन देने के मामले में सरकारी बैंकों ने तेज रफ्तार दिखाई है। इसी बीच जमा पैसे और लोन की रफ्तार के बीच बढ़ता अंतर चिंता भी बढ़ा रहा है।

In Short
- अप्रैल से जून के बीच प्राइवेट बैंकों में जमा पैसा 14.3 फीसदी बढ़ा, जबकि सरकारी बैंकों में यह बढ़त 10.7 फीसदी रही।
- लोन देने के मामले में सरकारी बैंक आगे रहे, उनकी लोन बुक 16.4 फीसदी बढ़ी, जबकि प्राइवेट बैंकों में यह बढ़त 15.9 फीसदी रही।
- सरकारी बैंकों में लोन तेजी से बढ़ रहे हैं, लेकिन जमा पैसा उसी रफ्तार से नहीं बढ़ रहा, जिससे चिंता बढ़ रही है।
Private banks deposits: बैंकों के शुरुआती आंकड़ों में एक दिलचस्प तस्वीर दिखी है। पैसा जमा कराने में प्राइवेट बैंक आगे हैं, जबकि लोन देने में सरकारी बैंकों की रफ्तार तेज नजर आ रही है।
अप्रैल से जून के बीच 15 प्राइवेट और 9 सरकारी बैंकों के शुरुआती आंकड़े सामने आए हैं। इनके मुताबिक, प्राइवेट बैंकों में जमा पैसा पिछले साल के मुकाबले 14.3 फीसदी बढ़ा है। वहीं सरकारी बैंकों में यह बढ़त 10.7 फीसदी रही। दोनों के बीच करीब 3.6 फीसदी का अंतर रहा।
लोन की रेस में सरकारी बैंकों ने मारी बाज़ी
पैसा जमा कराने में प्राइवेट बैंक आगे रहे, लेकिन लोन देने के मामले में सरकारी बैंकों ने प्राइवेट बैंकों को पीछे छोड़ दिया है।। पहले तीन महीनों में सरकारी बैंकों की लोन बुक 16.4 फीसदी बढ़ी। वहीं प्राइवेट बैंकों में यह बढ़त 15.9 फीसदी रही।
यानी लोन देने की रफ्तार में सरकारी बैंक प्राइवेट बैंकों से थोड़ा आगे रहे। दोनों के बीच 50 बेसिस पॉइंट का अंतर रहा।
आखिर चिंता क्यों बढ़ रही है?
सरकारी बैंक इस समय तेजी से लोन दे रहे हैं, लेकिन उनके पास जमा पैसा उसी तेजी से नहीं बढ़ रहा है। यही वजह चिंता बढ़ा रही है। सरकारी बैंक जितनी तेजी से लोन बांट रहे हैं, उतनी तेजी से उनके पास नया पैसा जमा नहीं आ रहा।
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मैक्वेरी कैपिटल (Macquarie Capital) में फाइनेंशियल सर्विसेज रिसर्च के हेड सुरेश गणपति के मुताबिक, सरकारी बैंकों ने प्राइवेट बैंकों के मुकाबले लोन थोड़ी ज्यादा तेजी से बढ़ाए हैं, लेकिन जमा पैसा जुटाने में वे पीछे रहे हैं। इसी वजह से सरकारी बैंकों का लोन-टू-डिपॉजिट रेश्यो पिछले साल के 77 फीसदी से बढ़कर 81 फीसदी हो गया है। सरकारी बैंक अपने पास जमा पैसे के मुकाबले अब ज्यादा लोन दे रहे हैं।
प्राइवेट बैंकों का कैसा है हाल?
प्राइवेट बैंकों की बात करें, तो उन्होंने लोन देने के साथ-साथ पैसा जमा कराने में भी बेहतर तालमेल बनाए रखा। उनका लोन-टू-डिपॉजिट रेश्यो 91 फीसदी से बढ़कर 92 फीसदी हुआ है। इस वजह से प्राइवेट बैंकों की ग्रोथ ज्यादा संभली हुई दिख रही है।
रिपोर्ट के मुताबिक, सरकारी बैंक लोन बढ़ाने के लिए अपनी बची हुई कैश का इस्तेमाल कर रहे हैं। इससे थोड़े समय के लिए कमाई बेहतर दिख सकती है, लेकिन आगे चलकर उनके पास बचा हुआ पैसा कम हो सकता है।
किन बैंकों ने मारी बाज़ी?
प्राइवेट बैंकों में एक्सिस बैंक (Axis Bank) की साल भर में लोन ग्रोथ 19 फीसदी रही। एचडीएफसी बैंक (HDFC Bank) की लोन ग्रोथ 15 फीसदी और कोटक महिंद्रा बैंक (Kotak Mahindra Bank) की 12 फीसदी रही। आईडीएफसी फर्स्ट बैंक (HDFC First Bank) ने 20.6 फीसदी लोन ग्रोथ दर्ज की।
सरकारी बैंकों में सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया (Central Bank of India) सबसे आगे रहा। इसकी लोन ग्रोथ 28.8 फीसदी रही। बैंक ऑफ इंडिया (Bank of India) की ग्रोथ 18.6 फीसदी और बैंक ऑफ बड़ौदा (Bank of Baroda) की 17.4 फीसदी रही।

