सरकारी सॉफ्टवेयर की सुरक्षा बढ़ाने के लिए अमेरिका ने AI का लिया सहारा, CISA कर रही Mythos मॉडल से जांच
अमेरिका की साइबर एजेंसी CISA अब सरकारी सॉफ्टवेयर की जांच में AI मॉडल Mythos की मदद ले रही है। इस जांच का मकसद सरकारी कोड में छिपी कमियों को समय रहते पकड़ना है, ताकि सिस्टम को मजबूत किया जा सके और हैकर्स से जुड़े खतरे कम किए जा सकें।

In Short
- CISA सरकारी सॉफ्टवेयर की जांच के लिए Anthropic के AI मॉडल Mythos का इस्तेमाल कर रही है।
- Reuters की रिपोर्ट के मुताबिक, जांच में अब तक कई कमियां सामने आई हैं, लेकिन उनकी गंभीरता की जानकारी नहीं दी गई है।
- अमेरिका की NSA भी Mythos का इस्तेमाल कर रही है, जिससे Anthropic के AI टूल्स पर सुरक्षा एजेंसियों का भरोसा बढ़ता दिख रहा है।
Anthropic Mythos: अमेरिका की साइबर एजेंसी CISA अब सरकारी सॉफ्टवेयर की जांच के लिए Anthropic के AI मॉडल Mythos का इस्तेमाल कर रही है। Reuters की रिपोर्ट के मुताबिक, इस AI मॉडल की मदद से सरकारी कोड में कमियां खोजी जा रही हैं। इसका मकसद ऐसी कमजोरियों को समय रहते पहचानना है, ताकि विदेशी एजेंसियां या हैकर्स उनका गलत फायदा न उठा सकें।
यह मामला इसलिए भी चर्चा में है, क्योंकि अमेरिका की सुरक्षा एजेंसियों में Anthropic के AI टूल्स का इस्तेमाल बढ़ता दिख रहा है। हालांकि, कंपनी के रिश्ते व्हाइट हाउस और पेंटागन के साथ पहले थोड़े तनाव वाले रहे हैं।
AI की मदद से होगी सरकारी सॉफ्टवेयर की जांच
Reuters की रिपोर्ट के मुताबिक, CISA सरकारी कोड रिपॉजिटरी की जांच के लिए Mythos का इस्तेमाल कर रही है।
इस जांच में यह देखा जा रहा है कि कोड में कोई ऐसी गलती या कमजोरी तो नहीं है, जिससे सरकारी सिस्टम को नुकसान पहुंच सकता हो। अगर ऐसी कमी मिलती है, तो उसे आगे बड़े खतरे में बदलने से पहले ठीक किया जा सकता है।
कौन कर रहा है यह काम?
रिपोर्ट के मुताबिक, यह जांच CISA की Attack Surface Evaluation टीम कर रही है। यह टीम अमेरिकी सरकारी एजेंसियों के साइबर सिस्टम की जांच करती है।
यह टीम यह भी देखती है कि अगर कोई हैकर सिस्टम पर हमला करने की कोशिश करे, तो सिस्टम कितना मजबूत है। यह एक तरह की सुरक्षा जांच है, जिसमें सिस्टम की कमजोर जगहों को ढूंढने की कोशिश की जाती है।
जांच में क्या मिला
सूत्रों के अनुसार, इस जांच के दौरान अब तक बड़ी संख्या में खामियां सामने आई हैं। हालांकि, रिपोर्ट में यह साफ तौर पर नहीं बताया गया है कि ये खामियां कितनी गंभीर थीं।
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इसके अलावा, यह भी नहीं बताया गया कि इन कमियों का किन सरकारी एजेंसियों पर असर पड़ सकता था या अब तक कितना सरकारी सॉफ्टवेयर जांच के दायरे में आया है।
क्या है CISA का जवाब
रिपोर्ट के मुताबिक, CISA के एक अफसर ने पिछले महीने कहा था कि वह देखेंगे कि एजेंसी के पास इस मामले पर कुछ बताने के लिए है या नहीं। लेकिन Reuters के मुताबिक, बाद में भेजे गए ईमेल का जवाब नहीं मिला।
Anthropic और सरकार के बीच पहले भी रहा तनाव
Mythos का इस्तेमाल ऐसे वक्त में हो रहा है, जब Anthropic और अमेरिकी सरकार के बीच पहले थोड़ा खटपट चल रही थी। फरवरी में कंपनी और सरकार के बीच टकराव हो गया था, क्योंकि Anthropic ने अपने AI मॉडल्स से कुछ सेफ्टी नियम हटाने से मना कर दिया था। ये नियम ऑटोनॉमस हथियार या लोगों की निगरानी करने जैसे कामों को रोकने के लिए थे।
इसके बाद पेंटागन ने Anthropic को सुरक्षा के लिए जोखिम वाली कंपनी माना था। फिर मार्च में एक अमेरिकी जज ने इस फैसले पर रोक लगा दी, जिसके बाद मामला थोड़ा ठंडा पड़ गया।
NSA भी Mythos पर भरोसा जता रही है
रिपोर्ट्स के अनुसार, अमेरिका की National Security Agency (NSA) भी अप्रैल से Mythos का इस्तेमाल कर रही है। बाद में यह जानकारी मिली कि NSA के लोगों ने इस मॉडल को सेफ माहौल में परखा और इसकी काम करने की ताकत देखकर खुश हुए।
Anthropic ने बाद में Mythos का पब्लिक वर्जन Fable जारी किया था। इसके बाद व्हाइट हाउस ने कंपनी से कहा कि विदेशी नागरिकों को इस मॉडल तक पहुंचने से रोका जाए। इस मांग के बाद Fable को दुनिया भर में बंद करना पड़ा। रिपोर्ट के मुताबिक, यह रोक पिछले हफ्ते ही हटाई गई।

