दो कप चाय के पैसे से तैयार हो जाएगा करोड़ो रुपये का फंड - ये है म्यूचुअल फंड की असली ताकत
अगर निवेश सही समय पर, सही तरीके से और धैर्य के साथ किया जाए, तो रोजाना दो कप चाय के बराबर रकम भी भविष्य में करोड़ों का फंड बना सकती है।

Mutual Fund SIP: अक्सर निवेश का नाम सुनते ही लोगों के मन में यही सवाल आता है कि 'इतने कम पैसों से क्या होगा?' लेकिन यही सोच सबसे बड़ी गलतफहमी है। अगर निवेश सही समय पर, सही तरीके से और धैर्य के साथ किया जाए, तो रोजाना दो कप चाय के बराबर रकम भी भविष्य में करोड़ों का फंड बना सकती है।
दो कप चाय की कीमत से करोड़ों रुपये का फंड
आज के दौर में एक कप चाय की कीमत औसतन 10-15 रुपये मानी जाए, तो दो कप चाय के पैसे यानी करीब 20-30 रुपये प्रतिदिन होती है। यही रकम अगर महीने के हिसाब से देखें तो करीब 600-900 रुपये बनती है।
म्यूचुअल फंड में SIP (Systematic Investment Plan) के जरिए इतनी छोटी रकम से भी निवेश शुरू किया जा सकता है। यही SIP की सबसे बड़ी खूबी है।
म्यूचुअल फंड की असली ताकत 'कंपाउंडिंग' में छिपी है। कंपाउंडिंग का मतलब है- आपके निवेश पर मिलने वाला रिटर्न भी आगे चलकर कमाई करने लगता है। शुरुआत में फर्क भले ही छोटा लगे, लेकिन जैसे-जैसे समय बढ़ता है, यह असर कई गुना हो जाता है।
उदाहरण के तौर पर, अगर कोई निवेशक 1,000 रुपये की मंथली SIP करता है और उसे लंबे समय में औसतन 12% सालाना रिटर्न मिलता है, तो 30-35 साल में यही निवेश करोड़ों रुपये का फंड बन सकता है।
इस पूरी प्रक्रिया में सबसे जरूरी चीज है धैर्य। बाजार में उतार-चढ़ाव आते रहते हैं। कभी NAV गिरती है, तो कभी तेजी दिखती है। लेकिन जो निवेशक हर गिरावट में घबराकर निवेश रोक देते हैं, वे इस ताकत का पूरा फायदा नहीं उठा पाते। इसके उलट, नियमित SIP जारी रखने वाले निवेशक बाजार की गिरावट में ज्यादा यूनिट्स खरीदते हैं, जो आगे चलकर बड़े रिटर्न में बदलती हैं।
म्यूचुअल फंड का एक और फायदा यह है कि इसमें निवेश के लिए किसी एक्सपर्ट बनने की जरूरत नहीं होती। फंड मैनेजर आपके पैसों को अलग-अलग कंपनियों और सेक्टर्स में निवेश करता है, जिससे जोखिम बंट जाता है। यही वजह है कि लंबे समय में म्यूचुअल फंड को संपत्ति बनाने का एक भरोसेमंद विकल्प माना जाता है।

