भारत-ओमान ट्रेड डील: MSME, टेक्सटाइल, जेम्स सहित इन सेक्टर्स को मिलेगा बूस्ट
भारत और ओमान के बीच लागू हुई नई ट्रेड डील से कई बड़े सेक्टर्स को फायदा मिलने वाला है। एक्सपोर्ट, MSME और व्यापार से जुड़ी नई संभावनाओं ने कारोबारियों का ध्यान खींचा है। पढ़िए पूरी रिपोर्ट

India-Oman Free Trade Agreement 2026: भारत और ओमान के बीच नया कॉम्प्रिहेंसिव इकोनॉमिक पार्टनरशिप एग्रीमेंट (CEPA) बीते 1 जून से लागू हो गया है। इस नए ट्रेड डील की बाद भारत को कई फायदे मिलेंगे।
इसमें रत्न और आभूषण, टेक्सटाइल, चमड़ा, फुटवियर, स्पोर्ट्स गुड्स, प्लास्टिक, फर्नीचर, कृषि प्रोडक्ट, इंजीनियरिंग सामान, दवाइयां, मेडिकल डिवाइस और ऑटोमोबाइल जैसे सभी बड़े श्रम-आधारित सेक्टर्स को पूरी तरह टैरिफ खत्म होने का फायदा मिलेगा। बता दें की यह डील पिछले साल यानी 18 दिसंबर 2025 को हुई थी जिसे अब लागू किया गया है।
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भारत और ओमान के बीच ट्रेड रिकाॅर्ड 11.18 अरब डाॅलर पहुंचा
यह एग्रीमेंट भारत के लिए पश्चिम एशिया में नए मार्ग और बंदरगाह खोलने में भी मदद करेगा, खासकर तब जब स्ट्रेट ऑफ होर्मुज बंद है। FY 2026 में भारत और ओमान के बीच ट्रेड 11.18 अरब डॉलर तक पहुंच गया, जो FY 2025 में 10.6 अरब डॉलर था।
CEPA के तहत, भारत को ओमान में 98.08% टैरिफ लाइनों पर 100% टैक्स फ्री पहुंच मिलती है, जिससे लगभग 99.38% एक्सपोर्ट प्राइस कवर होता है। इससे पहले केवल 15.33% एक्सपोर्ट टैक्स फ्री था। इस नए फ्रेमवर्क से भारतीय एक्सपोर्टर्स को ओमान के लगभग 28 अरब डॉलर के इम्पोर्ट बाजार में प्रतिस्पर्धी लाभ (Competitive Advantage) मिलेगा।
ट्रेड से भारत के छोटे कारोबारी को होगा फायदा
दोनों देशों के बीच हुए इस एग्रीमेंट से भारत के छोटे और मध्यम उद्यमों (MSMEs) को भी फायदा देगा। ओमान के प्रमुख बंदरगाह जैसे सला्लाह और दुक़्म, स्ट्रेट ऑफ होर्मुज बंद होने के बावजूद भारतीय व्यापार के लिए खुले रहेंगे और भारत के लिए रणनीतिक व्यापार द्वार का काम करेंगे।
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ग्लोबल ट्रेड रिसर्च इनिशिएटिव की रिपोर्ट के मुताबिक खाड़ी संघर्ष के बीच भारत का ओमान से आयात 246.4% बढ़कर 1.5 अरब डॉलर हुआ, जबकि भारत का ओमान को निर्यात केवल 10.3% घटा। CEPA के तहत भारत ने 77.79% टैरिफ लाइनों पर उदारीकरण (Liberalisation) की पेशकश की है, जबकि संवेदनशील क्षेत्रों के लिए सुरक्षा उपाय लागू हैं। डेयरी उत्पाद, अनाज, फल, सब्जियां, फूड ऑइल, तिलहन, रबर, चमड़ा, मसाले और कुछ कृषि प्रोडक्ट अपवाद सूची (Exception List) में शामिल हैं।

