Budget 2026: आम निवेशकों को मिल सकती है बड़ी राहत, पर्सनल फाइनेंस सेक्टर की ये हैं उम्मीदें
केंद्रीय बजट 2026 नजदीक आते ही पर्सनल फाइनेंस सेक्टर से जुड़ी उम्मीदें तेज हो गई हैं। इस बीच एक्सपर्ट ने पर्सनल फाइनेंस सेक्टर की उम्मीदों के बारे में बताया है जिनका सीधा असर आम निवेशकों पर पड़ सकता है।

Union Budget 2026: केंद्रीय बजट 2026 नजदीक आते ही पर्सनल फाइनेंस सेक्टर से जुड़ी उम्मीदें तेज हो गई हैं। इस बीच, Scripbox के मैनेजिंग पार्टनर सचिन जैन ने पर्सनल फाइनेंस सेक्टर की उम्मीदों के बारे में बताया है जिनका सीधा असर आम निवेशकों पर पड़ सकता है।
सचिन जैन के मुताबिक, सबसे बड़ी जरूरत रेगुलेटरी तालमेल की है। उन्होंने कहा कि जहां SEBI ने रिटेल निवेशकों के हित में ट्रांसपेरेंसी बढ़ाने, लागत घटाने और टेक्नोलॉजी आधारित सुधारों के जरिए लगातार पॉजिटिव कदम उठाए हैं, वहीं बीमा और पेंशन सेक्टर में भी इसी तरह के सुधार किए जाने की जरूरत है। इससे आम निवेशकों को सभी फाइनेंशियल प्रोडक्ट्स में समान अवसर और बेहतर सुरक्षा मिल सकेगी।
उन्होंने एडवाइजर इकोसिस्टम में सुधार को भी अहम बताया। जैन के अनुसार, लागत में कटौती और बढ़ते दबाव के कारण सही और ईमानदार सलाह देने वाले एडवाइजर्स पर असर पड़ा है। ऐसे में जरूरी है कि योग्य और नैतिक एडवाइजर्स को प्रोत्साहन दिया जाए, जबकि गलत तरीके अपनाने वालों पर सख्त कार्रवाई हो, ताकि छोटे निवेशकों का भरोसा बना रहे।
डिजिटल दौर में निवेशक सुरक्षा को लेकर भी उन्होंने चिंता जताई। ऑनलाइन फ्रॉड, पर्सनल डेटा के दुरुपयोग और बिना अनुमति लेनदेन जैसे मामलों को रोकने के लिए मजबूत नियमों और कड़ी निगरानी की जरूरत बताई गई। साथ ही, एनआरआई निवेशकों के लिए सरल, स्पष्ट और स्थिर नियमों की मांग भी रखी गई, ताकि वे बिना किसी अड़चन के भारतीय बाजारों में लंबे समय तक निवेश कर सकें।
इसके अलावा, जैन ने GIFT City की क्षमता का बेहतर उपयोग करने पर जोर दिया। उनके मुताबिक, GIFT सिटी के जरिए घरेलू ग्रोथ के लिए बड़े पैमाने पर पूंजी जुटाई जा सकती है। वहीं, फिक्स्ड इनकम निवेश पर टैक्स में राहत की उम्मीद भी जताई गई, खासकर उन रिटायर्ड निवेशकों के लिए जो नियमित आय पर निर्भर रहते हैं।

