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Budget 2026: एग्रीकल्चर सेक्टर को मिल सकती है बड़ी राहत, एक्सपर्ट ने गिनाईं अहम मांगें

मौजूदा साल में जीडीपी में कृषि की हिस्सेदारी करीब 17 प्रतिशत आंकी गई है, लेकिन ग्रोथ की रफ्तार अभी भी कमजोर बनी हुई है। आम बजट के पेश होने से पहले NCDEX के एमडी और सीईओ, डॉ. अरुण रस्ते ने एग्रीकल्चर सेक्टर की उम्मीदों को बताया है। 

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Union Budget 2026: वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण जल्द ही केंद्रीय बजट 2026-27 पेश करने वाली हैं। यह बजट ऐसे समय आ रहा है, जब कृषि क्षेत्र कुछ समय से कमजोर प्रदर्शन से जूझ रहा है।

आंकड़ों की बात करें तो मौजूदा साल में जीडीपी में कृषि की हिस्सेदारी करीब 17 प्रतिशत आंकी गई है, लेकिन ग्रोथ की रफ्तार अभी भी कमजोर बनी हुई है। आम बजट के पेश होने से पहले NCDEX के एमडी और सीईओ, डॉ. अरुण रस्ते ने एग्रीकल्चर सेक्टर की उम्मीदों को बताया है। 

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अरुण रस्ते ने बताया कि केंद्रीय बजट से पहले उम्मीद है कि सरकार कृषि क्षेत्र की मजबूती और बाजार व्यवस्था को बेहतर बनाने पर खास ध्यान देगी। जलवायु जोखिमों को देखते हुए हाई प्रोडक्टिविटी और एंटी क्लाइमेट बीजों के लिए कृषि अनुसंधान एवं विकास (R&D) पर अधिक बजट आवंटन जरूरी माना जा रहा है, ताकि किसानों की उत्पादकता बढ़ाई जा सके।

एक्सपर्ट ने आगे बताया कि अगर कमोडिटी ट्रांजैक्शन टैक्स को आसान किया जाए या हटाया जाए और कमोडिटी डेरिवेटिव्स पर जीएसटी को लेकर साफ नियम बनाए जाएं, तो किसानों और एफपीओ के लिए हेजिंग करना आसान हो जाएगा। इसके अलावा, अगर बैंक, बीमा कंपनियां और पेंशन फंड ज्यादा सक्रिय रूप से जुड़ें और एग्री-क्रेडिट व किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) को हेजिंग सपोर्ट से जोड़ा जाए, तो बाजार मजबूत होंगे और फसलों की कीमतों के उतार-चढ़ाव से बचाव बेहतर तरीके से हो सकेगा।

वहीं, ग्रामीण उद्यमिता को बढ़ावा देने के लिए खास स्किल डेवलपमेंट प्रोग्राम शुरू किए जाएं, तो गांव के युवाओं को रोजगार मिलेगा और शहरों की ओर पलायन कम होगा। साथ ही, अगर WDRA से मान्यता प्राप्त वेयरहाउस में निवेश बढ़ाया जाए, तो कृषि बाजार ज्यादा पारदर्शी, भरोसेमंद और कुशल बन सकते हैं।