Budget 2026: ट्रेड और एक्सपोर्ट सेक्टर को आगामी बजट से क्या उम्मीदें?
Union Budget 2026: बजट 2026 भारत के लिए सप्लाई चेन को मजबूत करने का एक अहम मौका है। उनका कहना है कि सिर्फ शॉर्ट टर्म राहत देने के बजाय सरकार को लॉजिस्टिक्स सुधारने, देश के अंदर सप्लायर्स को मजबूत करने और इंडस्ट्री की लॉन्ग टर्म क्षमता बढ़ाने पर ध्यान देना चाहिए। इससे भारत की कुछ चुनिंदा देशों पर निर्भरता कम हो सकेगी।

Union Budget 2026: भारत का ट्रेड और एक्सपोर्ट सेक्टर ग्लोबल अनिश्चितताओं के बावजूद लगातार खुद को नए हालात के अनुसार ढाल रहा है। ऐसे में आगामी बजट से इस सेक्टर को कई अहम मोर्चों पर राहत और सपोर्ट की उम्मीद है, ताकि निर्यात को गति मिल सके और ग्लोबल बाजार में भारत की हिस्सेदारी बढ़े।
अचिल्स इंफॉर्मेशन लिमिटेड की रिजनल डायरेक्टर, स्मिता शेट्टी ने ट्रेड और एक्सपोर्ट सेक्टर को आगामी बजट से क्या उम्मीदें हैं यह बताया है।
स्मिता शेट्टी के अनुसार, बजट 2026 भारत के लिए सप्लाई चेन को मजबूत करने का एक अहम मौका है। उनका कहना है कि सिर्फ शॉर्ट टर्म राहत देने के बजाय सरकार को लॉजिस्टिक्स सुधारने, देश के अंदर सप्लायर्स को मजबूत करने और इंडस्ट्री की लॉन्ग टर्म क्षमता बढ़ाने पर ध्यान देना चाहिए। इससे भारत की कुछ चुनिंदा देशों पर निर्भरता कम हो सकेगी।
एक्सपर्ट के मुताबिक क्लाइमेट बदलाव, जियो पॉलिटिकल तनाव और सस्टेनेबिलिटी की बढ़ती जरूरतों के चलते कंपनियां अब अपनी सप्लाई चेन को ज्यादा सुरक्षित, पारदर्शी और डेटा-आधारित बना रही हैं।
ऐसे में अगर बजट में MSME को ग्लोबल सप्लाई चेन से जोड़ने, लॉजिस्टिक्स में निवेश और जरूरी कच्चे माल को सपोर्ट करने जैसे कदम उठाए जाते हैं, तो इससे भारत की ग्लोबल प्रतिस्पर्धा मजबूत होगी। लंबे समय में इससे कारोबार का जोखिम घटेगा और अर्थव्यवस्था ज्यादा टिकाऊ और मजबूत बन सकेगी।

