आखिर स्कूटर या स्कूटी में गियर क्यों नहीं होता? ज्यादातर लोग नहीं जानते जवाब
चाहे छात्र हों या ऑफिस जाने वाले कामकाजी लोग स्कूटर एक बेहतर विकल्प माना जाता है। सवाल वही है कि आखिर बाइक की तरह स्कूटी या स्कूटर में मैनुअल गियर क्यों नहीं होता? चलिए आज हम आपको इस सवाल का जवाब देते हैं।

अगर पुराने जमाने के स्कूटर को छोड़ दें तो आजकल जितने भी स्कूटर या स्कूटी मार्केट में आ रहे हैं उनमें गियर (Gear) नहीं होता। बिना गियर के स्कूटर या स्कूटी बड़ी आसानी से ट्रैफिक के बीच से निकल जाती है। चाहे छात्र हों या ऑफिस जाने वाले कामकाजी लोग स्कूटर एक बेहतर विकल्प माना जाता है। अब सवाल फिर वही है कि आखिर बाइक की तरह स्कूटी या स्कूटर में मैनुअल गियर क्यों नहीं होता? चलिए आज हम आपको इस सवाल का जवाब देते हैं।
क्यों नहीं होता स्कूटर में गियर?
इस सवाल का जवाब स्कूटर के डिजाइन, तकनीक और उसके इस्तेमाल में छिपा हुआ है। आजकल ज्यादातर आधुनिक स्कूटर CVT (Continuously Variable Transmission) सिस्टम का उपयोग करते हैं।
पुरानी मोटरसाइकिलों में मैनुअल गियर होते हैं, जिन्हें चलाने के लिए राइडर को पैर से गियर बदलना पड़ता है और साथ में क्लच भी दबाना होता है। इसके उलट, स्कूटी का CVT सिस्टम स्पीड और थ्रॉटल के हिसाब से अपने आप गियर रेशियो को एडजस्ट करता रहता है। इसी वजह से राइडर को अलग से गियर बदलने की जरूरत नहीं पड़ती।
क्या है CVT सिस्टम?
CVT सिस्टम बेल्ट और पुल मैकेनिज्म पर काम करता है। जब स्कूटर तेज या धीमा होता है, तो यह सिस्टम अपने आप एडजस्ट हो जाता है। इस व्यवस्था की वजह से राइडिंग अनुभव काफी स्मूद और आरामदायक बन जाता है।
ट्रैफिक जाम जैसी परिस्थितियों में, जहां बार-बार गाड़ी रोकनी और चलानी पड़ती है, वहां स्कूटी चलाना आसान रहता है। स्कूटर का इस्तेमाल आम तौर पर कम दूरी तय करने के लिए ज्यादा किया जाता है, इसलिए कंपनियां भी राइडर के आराम, आसान उपयोग और प्रैक्टिकल डिजाइन पर ज्यादा ध्यान देती हैं।
गियरलेस सिस्टम ट्रैफिक के दौरान राइडर की थकान भी कम करता है, क्योंकि बार-बार गियर बदलने की जरूरत नहीं होती। जो लोग नई-नई गाड़ी चलाना सीख रहे होते हैं, उनके लिए स्कूटी एक अच्छा ऑप्शन होता है, क्योंकि इसमें क्लच का इस्तेमाल नहीं करना पड़ता।
स्कूटी का इंजन आमतौर पर 100cc से 125cc के बीच होता है, जो मोटरसाइकिल के मुकाबले छोटा होता है। यह इंजन तेज रफ्तार के बजाय स्मूद और स्थिर प्रदर्शन के लिए बनाए जाते हैं। ऑटोमैटिक ट्रांसमिशन ऐसे इंजन के साथ बेहतर तरीके से काम करता है।
इसके अलावा, मैनुअल गियरबॉक्स न होने से राइडिंग सिस्टम सरल हो जाता है, सीखना आसान हो जाता है और स्कूटी ज्यादा लोगों के लिए एक्सेसिबल बन जाती है। यही यूजर-फ्रेंडली फीचर्स स्कूटी को आज युवाओं, महिलाओं और वरिष्ठ नागरिकों के बीच बेहद लोकप्रिय बनाते हैं।

