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सरकार के एक फैसले ने पलट दी ऑटोमोबाइल मार्केट की तस्वीर! 2025 में पैसेंजर गाड़ियों की बिक्री ने तोड़ा रिकॉर्ड

2024 में जहां 40.7 लाख गाड़ियां बिकी थीं, वहीं 2025 में यह आंकड़ा बढ़कर 44.7 लाख यूनिट्स तक पहुंच गया। इस ग्रोथ में सबसे बड़ा हाथ साल के दूसरे हिस्से और सरकार की नई टैक्स नीतियों का रहा।

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भारतीय ऑटोमोबाइल बाजार के लिए साल 2025 काफी शानदार रहा। फेडरेशन ऑफ ऑटोमोबाइल डीलर्स एसोसिएशन (FADA) के ताजा आंकड़ों के मुताबिक, बीते कैलेंडर साल में पैसेंजर व्हीकल (PV) की रिटेल बिक्री में 9.7% की शानदार बढ़ोतरी दर्ज की गई। 2024 में जहां 40.7 लाख गाड़ियां बिकी थीं, वहीं 2025 में यह आंकड़ा बढ़कर 44.7 लाख यूनिट्स तक पहुंच गया। इस ग्रोथ में सबसे बड़ा हाथ साल के दूसरे हिस्से और सरकार की नई टैक्स नीतियों का रहा।

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जीएसटी में कटौती ने बदली बाजार की चाल

फाडा के अध्यक्ष सी एस विग्नेश्वर के अनुसार, साल 2025 दो अलग-अलग हिस्सों जैसा रहा। जनवरी से अगस्त तक बाजार थोड़ा सुस्त था, जबकि बजट में टैक्स राहत और आरबीआई द्वारा ब्याज दरों में कटौती जैसे सकारात्मक संकेत मौजूद थे।

विग्नेश्वर ने बताया कि इस दौरान ग्राहक काफी सोच-समझकर खर्च कर रहे थे और बैंकों से लोन मिलने में भी कुछ जगहों पर देरी हो रही थी।

असली बदलाव सितंबर से शुरू हुआ, जब 'जीएसटी 2.0' के तहत दरों को कम किया गया। छोटी कारों, 350cc तक के दोपहिया वाहनों और कमर्शियल गाड़ियों पर टैक्स कम होने से आम आदमी के लिए गाड़ी खरीदना आसान हो गया। इस फैसले ने ग्राहकों का भरोसा बढ़ाया और सितंबर से दिसंबर के बीच बिक्री में जोरदार उछाल देखने को मिला।

छोटे शहरों और गांवों ने मारी बाजी

इस साल की सबसे दिलचस्प बात यह रही कि गाड़ियों की मांग केवल बड़े शहरों तक सीमित नहीं रही। ग्रामीण इलाकों में पैसेंजर गाड़ियों की मांग 12.31% की दर से बढ़ी, जो शहरी बाजारों की 8.08% ग्रोथ से कहीं ज्यादा है।

विग्नेश्वर ने कहा कि यह आंकड़ा साफ दिखाता है कि अब निजी गाड़ियों का चलन मेट्रो शहरों से निकलकर छोटे कस्बों और गांवों तक मजबूती से पहुंच चुका है।

इलेक्ट्रिक और सीएनजी का बढ़ता क्रेज

साल 2025 में इलेक्ट्रिक कारों की बिक्री में 77% का भारी उछाल आया और कुल 1,76,817 ईवी बिकीं। बाजार में ईवी की हिस्सेदारी भी 2.45% से बढ़कर 3.95% हो गई है। पेट्रोल गाड़ियों का दबदबा थोड़ा कम हुआ है और इनकी हिस्सेदारी 52.32% से घटकर 48.52% रह गई है। वहीं, सीएनजी गाड़ियों ने अपनी पकड़ मजबूत की है और अब बाजार में इनकी हिस्सेदारी 21% हो गई है।

टू-व्हीलर और अन्य सेगमेंट का प्रदर्शन

कोरोना महामारी के बाद पहली बार टू-व्हीलर सेगमेंट ने 2 मिलियन की बिक्री का आंकड़ा पार किया है। ट्रैक्टरों की बिक्री में भी 11.52% की डबल डिजिट ग्रोथ देखी गई। कमर्शियल व्हीकल सेगमेंट 7% की बढ़त के साथ 1 मिलियन यूनिट्स तक पहुंच गया। हालांकि, कंस्ट्रक्शन इक्विपमेंट सेक्टर में 7% की गिरावट दर्ज की गई।

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दिसंबर 2025 का महीना तो बेहद शानदार रहा, जिसमें पैसेंजर व्हीकल की बिक्री साल-दर-साल आधार पर 26.6% बढ़ी। विग्नेश्वर का मानना है कि साल के अंत में मिलने वाले डिस्काउंट और जनवरी में कीमतें बढ़ने के डर से ग्राहकों ने जमकर खरीदारी की।

आने वाले समय को लेकर फाडा का अनुमान है कि मकर संक्रांति, पोंगल और शादियों का सीजन शुरू होने के बाद जनवरी के दूसरे पखवाड़े में बिक्री फिर से जोर पकड़ेगी।