
राम मंदिर दान चोरी केस में SIT का एक्शन, कोर्ट में पेश की 74 हजार पेज की चार्जशीट
अयोध्या राम मंदिर दान चोरी मामले में SIT ने कोर्ट में 74 हजार पेज की चार्जशीट दाखिल कर दी है। आठ आरोपियों के खिलाफ दर्ज इस मामले में CCTV फुटेज, बरामदगी और जांच में मिले सबूतों का जिक्र किया गया है। सभी आरोपी फिलहाल न्यायिक हिरासत में हैं।

In Short
- राम मंदिर दान चोरी मामले में SIT ने 8 आरोपियों के खिलाफ 74,000 पेज की चार्जशीट कोर्ट में दाखिल की।
- जांच रिपोर्ट में मंदिर परिसर के CCTV से चोरी की 105 घटनाओं का जिक्र किया गया है।
- पुलिस के अनुसार, मामले में सात आरोपियों से 79.85 लाख रुपये बरामद किए गए हैं।
अयोध्या के राम मंदिर दान चोरी मामले में स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) ने बुधवार को स्थानीय कोर्ट में 74,000 पेज की चार्जशीट दाखिल कर दी। यह चार्जशीट मामले में गिरफ्तार किए गए आठ आरोपियों के खिलाफ पेश की गई है। अयोध्या के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक गौरव ग्रोवर ने बताया कि कोर्ट ने चार्जशीट को स्वीकार कर लिया है और सभी आठ आरोपी फिलहाल न्यायिक हिरासत में हैं।
इन धाराओं के तहत दर्ज किया गया मामला
SIT की ओर से दाखिल की गई चार्जशीट में आपराधिक विश्वासघात और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम समेत कई धाराएं लगाई गई हैं। सोमवार को सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने सुप्रीम कोर्ट में SIT की स्टेटस रिपोर्ट पेश की थी।
रिपोर्ट के मुताबिक, राम मंदिर परिसर में लगे CCTV कैमरों में चोरी की 105 घटनाएं रिकॉर्ड हुई थीं। इसमें मामले में हुई गिरफ्तारियों और आरोपियों के खिलाफ जुटाए गए सबूतों का भी जिक्र किया गया था।
आठ लोगों को बनाया गया आरोपी
इस मामले में जिन आठ लोगों को आरोपी बनाया गया है, उनमें अविनाश शुक्ला, लवकुश मिश्रा, अनुकल्प मिश्रा, मनीष कुमार यादव, करुणेश पांडे, रामाशंकर मिश्रा, राम शंकर यादव उर्फ टिन्नू यादव और सुभाष श्रीवास्तव शामिल हैं।
यह मामला मंदिर में श्रद्धालुओं की ओर से चढ़ाए गए नकद और कीमती सामान की चोरी और गबन के आरोपों से जुड़ा है। इनमें से ज्यादातर आरोपी मंदिर में दान राशि की गिनती करने के काम में शामिल थे।
79.85 लाख रुपये बरामद करने का दावा
पुलिस के मुताबिक, गिरफ्तार आठ आरोपियों में से सात के पास से 79.85 लाख रुपये बरामद किए गए हैं। अभियोजन पक्ष ने भी मामले में 79.85 लाख रुपये की बरामदगी की बात कही है। वहीं, आरोपी सुभाष श्रीवास्तव के पास से कोई नकदी या कीमती सामान बरामद नहीं हुआ।
सुभाष श्रीवास्तव पर दान राशि गिनने की प्रक्रिया की जिम्मेदारी होने का आरोप है। वहीं, टिन्नू यादव ड्राइवर के तौर पर काम करता था और वह ट्रस्ट के पूर्व महासचिव चंपत राय का करीबी बताया गया है।
25 जून को दर्ज हुई थी FIR
इस मामले में FIR 25 जून को दर्ज की गई थी। यह शिकायत श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के सदस्य कृष्ण मोहन की ओर से दी गई थी। इससे दो दिन पहले SIT ने अपनी शुरुआती जांच रिपोर्ट सरकार को सौंपी थी।

चार्जशीट दाखिल होने की जानकारी मिलने के बाद बुधवार को अयोध्या कोर्ट में बड़ी संख्या में वकील पहुंचे। अयोध्या बार एसोसिएशन के अध्यक्ष कालिका प्रसाद मिश्रा ने पुलिस को पहले दिए गए आवेदन का जिक्र करते हुए कहा कि इसमें ट्रस्ट के तत्कालीन पदाधिकारियों चंपत राय, अनिल मिश्रा और गोपाल राव की कथित भूमिका की जांच की मांग की गई थी।
दो आरोपियों की जमानत पर सुनवाई टली
चार्जशीट दाखिल होने के बाद आरोपी सुभाष श्रीवास्तव और रामाशंकर उर्फ टिन्नू यादव की जमानत याचिका पर होने वाली सुनवाई टाल दी गई। उनके वकील कुल शेखर सिंह के मुताबिक, एंटी करप्शन कोर्ट के विशेष जज राजत वर्मा के सामने होने वाली सुनवाई अब गुरुवार को होगी।
उन्होंने बताया कि आरोपी पक्ष को अभी तक चार्जशीट की कॉपी नहीं मिली है।

