केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण और भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के बीच बीते सोमवार को हुई बैठक के बाद निर्मला सीतारमण ने मीडिया से बात करते हुए साफ कर दिया है कि सरकारी बैंकों के मर्जर को लेकर सरकार के पास अभी कोई भी रोडमैप नहीं है। फिलहाल सरकार का ध्यान अपने गैर बैंकिंग कंपनियों (NBFCs) को रिस्ट्रक्चर करके उनकी एफिशिएंसी बढ़ाने पर है।
बता दें कि बैंकों के मर्जर को लेकर लोगों के बीच काफी चर्चा रही थी। बजट के दौरान दिए गए अपने भाषण में निर्मला सीतारमण ने कहा था कि विकसित भारत के बैंकिंग सिस्टम के लिए सरकार एक हाई-लेवल कमेटी बनाएगी, जिसका काम होगा भारत के बैंकिंग सेक्टर में आने वाली समस्याओं की जांच करना और साथ ही बैंकिंग सेक्टर और देश के विकास को एक साथ आगे बढ़ाना, जिससे ग्राहकों की सुरक्षा, देश में फाइनेंशियल स्टेबिलिटी और ज्यादा से ज्यादा लोगों को बैंकिंग सिस्टम से जोड़ा जा सके। यह कमेटी एक ब्लूप्रिंट तैयार करेगी, जिससे देश में बड़े बैंक बन सकें और बढ़ते निवेशकों को लोन देने में सक्षम हों।
NBFCs में होंगे बदलाव


