मंगलवार को शेयर बाजार धड़ाम! सेंसेक्स 1% से ज्यादा गिरा, निफ्टी भी 200 प्वाइंट से अधिक टूटा - जानिए वजह
सुबह 10:56 बजे तक सेंसेक्स 1.01% या 844.64 अंक गिरकर 82,450.02 अंक पर कारोबार कर रहा था और निफ्टी 0.93% या 239.85 अंक गिरकर 25,473.15 अंक पर कारोबार कर रहा था।

Why stock market is down today: मंगलवार को भारतीय शेयर बाजार में तेज गिरावट दिखी। आईटी और अन्य दिग्गज शेयरों में बिकवाली से प्रमुख इंडेक्स दबाव में रहे। सुबह 10:56 बजे तक सेंसेक्स 1.01% या 844.64 अंक गिरकर 82,450.02 अंक पर कारोबार कर रहा था और निफ्टी 0.93% या 239.85 अंक गिरकर 25,473.15 अंक पर कारोबार कर रहा था।
बिकवाली ने निवेशकों की संपत्ति पर बड़ा असर डाला। बीएसई का कुल मार्केट कैप 3.57 लाख करोड़ रुपये घटकर 465.61 लाख करोड़ रुपये रह गया, जो पिछले सत्र में 469.19 लाख करोड़ रुपये था। साफ है कि गिरावट का दायरा सिर्फ कुछ शेयरों तक सीमित नहीं रहा।
टेक और हैवीवेट शेयरों में दबाव
इन्फोसिस, टीसीएस, एचसीएल टेक्नोलॉजीज और रिलायंस इंडस्ट्रीज जैसे हैवीवेट शेयरों में बिकवाली ने बाजार को नीचे खींचा। इसके अलावा भारती एयरटेल, लार्सन एंड टुब्रो, बजाज फाइनेंस, आईसीआईसीआई बैंक और इटरनल लिमिटेड भी गिरावट में शामिल रहे।
जियोजित इन्वेस्टमेंट्स के चीफ इन्वेस्टमेंट स्ट्रैटेजिस्ट वी के विजयकुमार ने कहा कि ग्लोबल मार्केट अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के ‘स्टेट ऑफ द यूनियन’ संबोधन पर नजर रखे हुए हैं। उनके मुताबिक टैरिफ बदलावों और सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद यूरोपीय संघ द्वारा अमेरिका के साथ डील फ्रीज करना और ट्रंप की चेतावनियां बताती हैं कि टैरिफ ड्रामा अभी खत्म नहीं हुआ है। हमें इंतजार करना होगा कि यह आगे कैसे असर डालता है।
विजयकुमार ने यह भी जोड़ा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के संभावित असर को लेकर चिंता के कारण आईटी शेयरों में कमजोरी बनी हुई है और यह दबाव आगे भी रह सकता है।
एफआईआई खरीद से कुछ राहत
भारी उतार-चढ़ाव के बीच विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) का रुख कुछ सहारा देता दिखा। पिछले 17 में से 10 सत्रों में एफआईआई शुद्ध खरीदार रहे हैं। विजयकुमार के मुताबिक, भारत में कॉरपोरेट आय में सुधार इस बदलाव की बड़ी वजह है। उनका मानना है कि कैपिटल गुड्स और फाइनेंशियल्स जैसे सेक्टर, जहां एफआईआई खरीद रहे हैं, अपेक्षाकृत मजबूत रह सकते हैं, जबकि आईटी में कमजोरी बनी रह सकती है।
वेल्थमिल्स सिक्योरिटीज के इक्विटी स्ट्रैटेजिस्ट क्रांति बाथिनी ने निवेशकों को ‘डिप पर खरीदें और तेजी पर बेचें’ की रणनीति अपनाने की सलाह दी।

