सहारनपुर PNB में मिले 17.29 करोड़ के नकली नोट, NIA ने दो आरोपियों को दबोचा
सहारनपुर में PNB की करेंसी चेस्ट से 17.29 करोड़ रुपये के नकली नोट मिलने के मामले में NIA ने दो मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार किया है। अजय कुमार को अंबाला और हरीश रौंता को मनाली से पकड़ा गया। एजेंसी अब नकली नोटों की छपाई और सप्लाई से जुड़े नेटवर्क की जांच कर रही है।

In Short
- PNB की करेंसी चेस्ट से मिले 17.29 करोड़ के नकली नोटों के मामले में NIA ने दो आरोपियों को पकड़ा।
- अजय कुमार को अंबाला और हरीश रौंता को मनाली से पकड़ा गया।
- NIA अब नकली नोटों के पूरे नेटवर्क की जांच कर रही है।
उत्तर प्रदेश के सहारनपुर में पंजाब नेशनल बैंक (PNB) की करेंसी चेस्ट से 17.29 करोड़ रुपये के नकली नोट मिलने के मामले में राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने दो और आरोपियों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान अजय कुमार और हरीश रौंता के रूप में हुई है। NIA के मुताबिक, दोनों नकली भारतीय करेंसी की छपाई और सप्लाई की कथित साजिश में शामिल थे। एजेंसी अब इस मामले से जुड़े पूरे नेटवर्क और दूसरे संदिग्धों की भूमिका की जांच कर रही है।
अंबाला और मनाली से हुई आरोपियों की गिरफ्तारी
NIA के मुताबिक, अजय कुमार को 16 अक्टूबर 2026 को हरियाणा के अंबाला से गिरफ्तार किया गया था। वहीं, दूसरे आरोपी हरीश रौंता को 22 अक्टूबर 2026 को हिमाचल प्रदेश के मनाली से पकड़ा गया। जांच एजेंसी का आरोप है कि दोनों इस मामले के मुख्य आरोपियों में शामिल हैं और पहले गिरफ्तार किए गए लोगों के करीबी सहयोगी हैं।
एजेंसी के अनुसार, दोनों बड़ी मात्रा में नकली भारतीय करेंसी की छपाई और सप्लाई की कथित साजिश में शामिल थे। अलग-अलग आरोपियों के जरिए नकली नोट सहारनपुर स्थित PNB की करेंसी चेस्ट तक पहुंचाए गए थे।
29 अगस्त को हुआ था 17.29 करोड़ के नकली नोटों का खुलासा
इस मामले का खुलासा 29 अगस्त 2026 को हुआ था। सहारनपुर के सदर बाजार थाने को सूचना मिली थी कि पंजाब नेशनल बैंक की करेंसी चेस्ट में 17.29 करोड़ रुपये के अंकित मूल्य वाले नकली भारतीय नोट मिले हैं। इसके बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू की थी।
शुरुआती जांच में बैंक के तीन कर्मचारियों की भूमिका भी सामने आई थी। बैंक ने इन कर्मचारियों को निलंबित कर दिया था। मामले की गंभीरता को देखते हुए आगे की जांच NIA को सौंप दी गई।
पहले पांच आरोपियों को भी गिरफ्तार कर चुकी है NIA
सदर बाजार थाने में 29 अगस्त 2026 को FIR नंबर 0431/2026 दर्ज की गई थी। शुरुआत में तीन आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS), 2023 की धारा 178 के तहत मामला दर्ज हुआ था। बाद में NIA ने 3 सितंबर 2026 को केस दोबारा दर्ज कर जांच अपने हाथ में ले ली। एजेंसी इस मामले की जांच RC-02/2026/NIA/LKW के तहत कर रही है।
अजय कुमार और हरीश रौंता की गिरफ्तारी से पहले NIA पांच लोगों को गिरफ्तार कर चुकी थी। इनमें अमित कुमार, आदेश चौधरी, मुकेश कुमार, राजेंद्र और नीतू शामिल हैं। इनकी गिरफ्तारी 7, 15, 20 और 22 सितंबर 2026 को अलग-अलग कार्रवाई के दौरान की गई थी।
नकली नोटों के पूरे नेटवर्क की जांच जारी
NIA के मुताबिक, अजय कुमार और हरीश रौंता के पहले गिरफ्तार आदेश चौधरी समेत अन्य आरोपियों से करीबी संबंध हैं। एजेंसी अब इनके बीच संपर्क और कथित भूमिका की जांच कर रही है।
जांच का मुख्य फोकस नकली नोटों की छपाई, उनकी सप्लाई और बैंक की करेंसी चेस्ट तक पहुंचने की पूरी प्रक्रिया का पता लगाना है। साथ ही, इस कथित नेटवर्क में शामिल दूसरे लोगों की पहचान की जा रही है। NIA के अनुसार, मामले की जांच जारी है और अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के प्रयास किए जा रहे हैं।

