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ESIC का फैसला! प्राइवेट नौकरी वालों के परिवार को मिलेंगे ₹20,000

प्राइवेट सेक्टर में नौकरी करने वाले कर्मचारियों के परिवारों के लिए बड़ी खबर है। ESIC ने आर्थिक सहायता से जुड़े नियमों में अहम बदलाव किया है। अब पात्र परिवारों को पहले से ज्यादा रकम मिलेगी। आखिर किन कर्मचारियों के परिवारों को इसका फायदा मिलेगा और कब से लागू होगा नया नियम?

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In Short

  • ESIC ने अंतिम संस्कार के लिए मिलने वाली सहायता राशि ₹15,000 से बढ़ाकर ₹20,000 कर दी है।
  • नई सहायता राशि 8 मई 2026 से प्रभावी मानी जाएगी, अधिसूचना 16 अक्टूबर को जारी हुई।
  • ESIC के तहत बीमित कर्मचारी की मृत्यु होने पर पात्र परिवार को इस आर्थिक सहायता का लाभ मिलेगा।

प्राइवेट सेक्टर में नौकरी करने वाले कर्मचारियों और उनके परिवारों के लिए राहत की खबर है। कर्मचारी राज्य बीमा निगम ने अंतिम संस्कार के लिए मिलने वाली आर्थिक सहायता बढ़ा दी है। अब ESIC के तहत बीमित कर्मचारी की मृत्यु होने पर परिवार को 15,000 रुपये की जगह 20,000 रुपये मिलेंगे। यानी सहायता राशि में 5,000 रुपये की बढ़ोतरी की गई है।

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ESIC ने जारी किया नया नोटिफिकेशन

ESIC ने अक्टूबर 2026 में इस बदलाव को लेकर अधिसूचना जारी की है। यह अधिसूचना 16 अक्टूबर 2026 को सरकारी गजट में प्रकाशित हुई थी। इसके मुताबिक, बढ़ी हुई सहायता राशि 8 मई 2026 से लागू मानी जाएगी।

यह बदलाव सामाजिक सुरक्षा संहिता, 2020 की धारा 32(1)(f) और सामाजिक सुरक्षा (केंद्रीय) नियम, 2026 के नियम 21 के तहत किया गया है। कर्मचारी की मृत्यु के बाद परिवार को अंतिम संस्कार से जुड़े कई खर्च उठाने पड़ते हैं। ऐसे मुश्किल समय में यह आर्थिक मदद परिवार को कुछ राहत दे सकती है।

किसे मिलेंगे 20,000 रुपये?

ESIC की यह सहायता बीमित कर्मचारी की मृत्यु होने पर अंतिम संस्कार के खर्च के लिए दी जाती है। हालांकि, इसका लाभ लेने के लिए तय नियमों और पात्रता की शर्तों को पूरा करना जरूरी है।

नियमों के मुताबिक, सामान्य स्थिति में यह राशि मृत कर्मचारी के परिवार के सबसे बड़े जीवित सदस्य को दी जाती है। इसलिए ESIC के तहत आने वाले कर्मचारियों और उनके परिवारों को इस सुविधा की जानकारी होनी चाहिए।

कौन से कर्मचारी आते हैं ESIC के दायरे में?

ESIC योजना आमतौर पर ऐसे गैर-मौसमी कारखानों और प्रतिष्ठानों में लागू होती है, जहां 10 या उससे ज्यादा कर्मचारी काम करते हैं। हालांकि, कुछ राज्यों में यह सीमा 20 कर्मचारियों की है।

इस योजना के तहत उन कर्मचारियों को कवर किया जाता है, जिनकी मासिक सैलरी 21,000 रुपये या उससे कम है। दिव्यांग कर्मचारियों के लिए यह सीमा 25,000 रुपये है।

ESIC कवरेज के लिए कोई न्यूनतम या अधिकतम उम्र तय नहीं है। इसमें कारखानों के अलावा दुकानें, होटल, रेस्टोरेंट, सिनेमाघर, सड़क परिवहन संस्थान, अखबार प्रतिष्ठान, निजी स्कूल, मेडिकल संस्थान और निर्माण स्थलों पर काम करने वाले पात्र कर्मचारी भी शामिल हैं।

कर्मचारी संगठन ने किया फैसले का स्वागत

ऑल इंडिया NPS एम्प्लॉइज फेडरेशन ने ESIC के इस फैसले का स्वागत किया है। संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. मंजीत पटेल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर इसकी जानकारी साझा की।

उन्होंने बताया कि सरकारी गजट के मुताबिक अंतिम संस्कार सहायता राशि बढ़ाकर 20,000 रुपये कर दी गई है। यह फैसला 8 मई 2026 से प्रभावी माना जाएगा। उन्होंने कर्मचारियों तक यह जानकारी पहुंचाने की अपील भी की, ताकि जरूरत पड़ने पर उनके परिवार इस आर्थिक सहायता का लाभ उठा सकें।

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Disclaimer: ये आर्टिकल सिर्फ जानकारी के लिए है और इसे किसी भी तरह से इंवेस्टमेंट सलाह के रूप में नहीं माना जाना चाहिए। BT Bazaar अपने पाठकों और दर्शकों को पैसों से जुड़ा कोई भी फैसला लेने से पहले अपने वित्तीय सलाहकारों से सलाह लेने का सुझाव देता है।