नेपाल के पीएम बालेन शाह नवंबर में आ सकते हैं भारत, प्रधानमंत्री मोदी से कई अहम मुद्दों पर हो सकती है बातचीत
नेपाल के प्रधानमंत्री बालेन शाह नवंबर में अपनी पहली आधिकारिक द्विपक्षीय विदेश यात्रा पर भारत आ सकते हैं। इस दौरान उनकी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात होने की उम्मीद है। दोनों देशों के बीच व्यापार, हाइड्रोपावर, रेलवे और सीमा विवाद जैसे अहम मुद्दों पर चर्चा हो सकती है। हालांकि, दौरे की तारीखें अभी तय नहीं हुई हैं।

In Short
- नेपाल के PM बालेन शाह नवंबर में भारत आ सकते हैं, प्रधानमंत्री मोदी से होगी मुलाकात।
- दोनों देशों के बीच व्यापार, रेलवे, हाइड्रोपावर और बुनियादी ढांचे की परियोजनाओं पर चर्चा संभव।
- कालापानी-लिपुलेख सीमा विवाद और व्यापार असंतुलन जैसे अहम मुद्दे भी एजेंडे में शामिल।
नेपाल के प्रधानमंत्री बालेंद्र शाह (बालेन शाह) नवंबर में भारत के दौरे पर आ सकते हैं। मार्च में प्रधानमंत्री पद संभालने के बाद यह उनकी पहली आधिकारिक द्विपक्षीय विदेश यात्रा होगी। द काठमांडू पोस्ट की रिपोर्ट के मुताबिक, इस तीन दिवसीय दौरे के दौरान बालेन शाह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात कर सकते हैं। दोनों नेताओं के बीच व्यापार, बुनियादी ढांचे, जलविद्युत परियोजनाओं और सीमा विवाद जैसे अहम मुद्दों पर बातचीत होने की उम्मीद है।
नवंबर के आखिरी हफ्तों में हो सकता है दौरा
रिपोर्ट के मुताबिक, बालेन शाह का भारत दौरा नवंबर के तीसरे या चौथे हफ्ते में हो सकता है। कुछ रिपोर्ट्स में 23 से 25 नवंबर की तारीख बताई गई है, लेकिन अभी दोनों देशों की ओर से आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
नेपाल के एक वरिष्ठ राजनयिक सूत्र ने बताया कि दौरे की तारीखें अभी तय की जा रही हैं। इस दौरान शाह नई दिल्ली में रहेंगे और प्रधानमंत्री मोदी के अलावा भारत के कई वरिष्ठ मंत्रियों से मुलाकात कर सकते हैं। दोनों देशों के बीच कई समझौतों और एमओयू पर भी चर्चा चल रही है।
पहली द्विपक्षीय विदेश यात्रा के लिए भारत को चुना
बालेन शाह ने प्रधानमंत्री बनने के बाद अपनी पहली द्विपक्षीय विदेश यात्रा के लिए भारत को चुना है। हालांकि, सितंबर में वह संयुक्त राष्ट्र महासभा में हिस्सा लेने न्यूयॉर्क गए थे।
नेपाल के प्रधानमंत्रियों की पहली विदेश यात्रा के लिए भारत आने की पुरानी परंपरा रही है। शाह का यह फैसला बांग्लादेश के प्रधानमंत्री तारिक रहमान के चीन दौरे से अलग माना जा रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी शाह को शपथ लेने के बाद भारत आने का निमंत्रण दिया था।
रेलवे, हाइड्रोपावर और पेट्रोलियम पाइपलाइन पर चर्चा
भारत और नेपाल के अधिकारियों ने उन परियोजनाओं की सूची साझा की है, जिनका उद्घाटन या शिलान्यास इस दौरे के दौरान हो सकता है।
इनमें भारत की मदद से बनी नेपाल पुलिस अकादमी, भैरहवा इंटीग्रेटेड चेक पोस्ट और महाकाली नदी पर पुल शामिल हैं।
इसके अलावा दोधारा चांदनी चेक पोस्ट, लोअर अरुण जलविद्युत परियोजना और सिलीगुड़ी-झापा पेट्रोलियम पाइपलाइन का निर्माण शुरू करने पर भी चर्चा हो सकती है।
भारत की NHPC से जुड़ी 750 मेगावाट की वेस्ट सेती, 480 मेगावाट की फुकोट कर्णाली और 450 मेगावाट की सेती रिवर-6 परियोजनाएं भी एजेंडे में हैं। अयोध्या-जनकपुर रेल कनेक्शन और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस में सहयोग पर भी बातचीत संभव है।
सीमा विवाद बना हुआ है बड़ी चुनौती
दोनों देशों के बीच आर्थिक सहयोग बढ़ रहा है, लेकिन कालापानी-लिपुलेख सीमा विवाद अब भी एक अहम मुद्दा है।
नेपाल के विदेश मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी के मुताबिक, सीमा विवाद, भारत के रास्ते हवाई मार्ग, व्यापार असंतुलन और ट्रांजिट व्यवस्था जैसे मुद्दों पर गंभीर बातचीत जरूरी है।
इसके अलावा लंबे समय से लंबित पंचेश्वर बहुउद्देश्यीय परियोजना पर भी चर्चा हो सकती है। यह प्रस्तावित दौरा ऐसे समय हो रहा है, जब अगस्त में आई विनाशकारी बाढ़ के बाद भारत ने नेपाल को सहायता दी थी।

