Jio IPO से पहले कंपनी ने दिखाई अपनी टेक्नोलॉजी की ताकत! 7,220 पेटेंट और 5G नेटवर्क पर आकाश अंबानी का बड़ा दावा
रिलायंस जियो के प्रस्तावित IPO से पहले आकाश अंबानी ने कंपनी की टेक्नोलॉजी से जुड़ी बड़ी जानकारी साझा की है। जियो अब तक 7,220 से ज्यादा पेटेंट फाइल कर चुकी है और उसके पास हजारों इंजीनियरों की टीम है। जानिए 5G नेटवर्क और नई टेक्नोलॉजी के दम पर कंपनी की आगे क्या तैयारी है।

रिलायंस जियो अपने प्रस्तावित IPO से पहले टेक्नोलॉजी के मामले में अपनी मजबूत स्थिति को सामने रख रही है। जियो के चेयरमैन आकाश अंबानी ने बताया कि कंपनी अब तक 7,220 से ज्यादा पेटेंट फाइल कर चुकी है।
इसके अलावा जियो के पास 12,000 से ज्यादा इंजीनियरों की टीम है, जो नई टेक्नोलॉजी डेवलप करने पर काम कर रही है। कंपनी इन खूबियों को डिजिटल सर्विसेज के बाजार में अपनी बड़ी ताकत मानती है। रिलायंस इंडस्ट्रीज की डिजिटल और टेलीकॉम यूनिट की ओर से IPO के लिए रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (RHP) दाखिल करने के अगले दिन एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में आकाश अंबानी ने ये बातें कहीं।
पेटेंट के मामले में दुनिया की टॉप कंपनियों में जियो
आकाश अंबानी ने कहा कि पेटेंट फाइल करने के मामले में जियो दुनिया की टॉप 20 कंपनियों में शामिल है। उनके मुताबिक, इस लिस्ट में जगह बनाने वाली जियो भारत की इकलौती कंपनी है।
उन्होंने कहा, 'हमारी असली ताकत हमारे पेटेंट की गहराई में है।' अंबानी ने बताया कि कंपनी लगातार अपनी टेक्नोलॉजी विकसित करने पर जोर दे रही है, ताकि ग्राहकों को बेहतर डिजिटल सेवाएं मिल सकें।
खुद की टेक्नोलॉजी पर क्यों है इतना जोर?
आकाश अंबानी के मुताबिक, जियो ने अपना टेक्नोलॉजी स्टैक खुद तैयार किया है। इसका मकसद ग्राहकों को ऐसी सेवाएं देना है, जिनका अनुभव उन्हें पहले नहीं मिला था। कंपनी अब सिर्फ मोबाइल कनेक्टिविटी तक सीमित नहीं है। वह 5G, होम ब्रॉडबैंड और दूसरी डिजिटल सेवाओं में भी विस्तार कर रही है। जियो का मानना है कि अपनी टेक्नोलॉजी और पेटेंट के दम पर वह नए प्रोडक्ट विकसित कर सकती है।
5G नेटवर्क को लेकर क्या बोले आकाश अंबानी?
आकाश अंबानी ने दावा किया कि जियो ने 4G से 5G पर सबसे तेज माइग्रेशन हासिल किया है। उन्होंने कहा, 'हमने सिर्फ तीन साल पहले 5G नेटवर्क शुरू किया था और आज चीन के बाहर हमारे पास दुनिया का सबसे बड़ा 5G बेस है।'
उन्होंने 2016 का जिक्र करते हुए बताया कि जियो की एंट्री के समय भारत में एक GB डेटा की कीमत करीब 228 रुपये थी और डाउनलोड स्पीड लगभग 2.5 Mbps थी। जियो का मकसद भारत में डेटा की उपलब्धता बढ़ाना था।
IPO से कितनी रकम जुटाने की तैयारी?
जियो प्लेटफॉर्म्स अपने प्रस्तावित IPO से करीब 30,000 करोड़ रुपये जुटा सकती है। कंपनी की वैल्यूएशन लगभग 10.3 लाख करोड़ रुपये रहने का अनुमान है। आकाश अंबानी ने बताया कि कंपनी का EBITDA 76,000 करोड़ रुपये है और तीन साल की ग्रोथ 17.8% रही है। निवेशकों के लिए अब बड़ा सवाल यह है कि जियो अपने पेटेंट, टेक्नोलॉजी और बढ़ते 5G नेटवर्क के जरिए कमाई कितनी बढ़ा पाएगी।

