नेपाल में फिर बढ़ा बाढ़ का खतरा, भोटे कोशी नदी का बहाव तेज होने पर जारी हुआ नया अलर्ट
नेपाल में बाढ़ का खतरा एक बार फिर बढ़ गया है। रसुवा में भोटे कोशी नदी का बहाव तेज होने के बाद नया अलर्ट जारी किया गया है। दूसरी ओर मलबे से बनी बैरियर लेक में बढ़ते पानी ने चिंता बढ़ा दी है और नेपाल के साथ चीन भी स्थिति पर नजर रख रहा है।

In Short
- रसुवा में भोटे कोशी नदी का बहाव बढ़ने के बाद नया अलर्ट जारी
- रसुवा नुवाकोट धादिंग और चितवन समेत आसपास के इलाकों में सतर्क रहने की सलाह
- बैरियर लेक में तीन दिनों में करीब 30 लाख क्यूबिक मीटर पानी पहुंचने का अनुमान
नेपाल में बाढ़ को लेकर खतरा अभी कम नहीं हुआ है। रविवार तड़के देश की आपदा प्रबंधन अथॉरिटी ने एक और अलर्ट जारी किया। इसमें बताया गया कि रसुवा में भोटे कोशी नदी का बहाव और बढ़ गया है। इसके बाद नदी के आसपास रहने वाले लोगों के साथ राहत और बचाव अभियान में लगे कर्मचारियों को बेहद सतर्क रहने को कहा गया है।
कई इलाकों के लिए जारी हुई चेतावनी
National Disaster Risk Reduction and Management Authority यानी NDRRMA ने रसुवा के साथ नुवाकोट, धादिंग, चितवन और आसपास के इलाकों में सर्च, रेस्क्यू और राहत कार्य में लगे लोगों को सावधानी बरतने को कहा है।
नदी किनारे रहने वाले लोगों और प्रभावित इलाकों में मौजूद अन्य लोगों को भी अलर्ट रहने की सलाह दी गई है। अथॉरिटी के मुताबिक नई जानकारी मिलने पर आगे के अपडेट जारी किए जाएंगे।
कुछ घंटे पहले भी आया था अलर्ट
यह नया अलर्ट पहले जारी की गई चेतावनी के कुछ घंटे बाद आया है। इससे पहले रसुवा के District Administration Office को जानकारी मिली थी कि भोटे कोशी नदी में बढ़ते पानी की तेज आवाज सुनी गई है।
इसके बाद रसुवा, नुवाकोट और धादिंग में नदी के आसपास के इलाकों के लिए सावधानी बरतने की चेतावनी जारी की गई थी।
बैरियर लेक ने बढ़ाई चिंता
भोटे कोशी में बढ़ते बहाव के बीच हिमालयी इलाके में बनी एक बैरियर लेक को लेकर भी नेपाल और चीन निगरानी कर रहे हैं। गुरुवार को नेपाल की आपदा अथॉरिटी ने बताया था कि मलबे के कारण नदी का रास्ता रुकने से एक झील बन गई है।
झील में पानी लगातार बढ़ रहा था और इसके टूटने का खतरा बना हुआ है। प्रशासन ने नदी के निचले हिस्से में रहने वाले लोगों, यात्रियों और रेस्क्यू टीमों को नदी किनारे और जोखिम वाले क्षेत्रों से दूर सुरक्षित जगहों पर रहने की सलाह दी थी।
चीन ने भी जताया खतरा
चीन के Water Ministry ने भी बैरियर लेक के टूटने का ज्यादा जोखिम बताया है। अनुमान के मुताबिक तीन दिनों में करीब 30 लाख क्यूबिक मीटर पानी झील में पहुंच सकता है। यह मात्रा लगभग 1,200 ओलंपिक स्विमिंग पूल के बराबर है। पानी का सबसे ज्यादा बहाव 1 सितंबर के आसपास पहुंचने का अनुमान है।
चीनी सरकारी मीडिया के मुताबिक अगले सप्ताह होने वाली बारिश से खतरा और बढ़ सकता है।
कैसे बनी बैरियर लेक?
चीन के Ministry of Water Resources के मुताबिक यह झील Chhochen Khola और Purepu Tsangpo नदियों के संगम पर बनी है। यह Langtang Lirung चोटी के पास है, जहां से ग्लेशियर के टूटने की आशंका जताई गई है।
यह जगह Gyirong Port से कुछ किलोमीटर ऊपर है। बुधवार को आई भीषण बाढ़ से नेपाल और चीन को जोड़ने वाला यह प्रमुख लैंड क्रॉसिंग भी प्रभावित हुआ था।
शुक्रवार तक झील में करीब 25 लाख क्यूबिक मीटर पानी जमा हो चुका था। गुरुवार से पानी झील के ऊपर से बहना शुरू हो गया था। शुक्रवार सुबह चीनी सेना के ड्रोन में बर्फीले पहाड़ पर हिमस्खलन भी दिखाई दिया, जिससे अनुमानित 50,000 क्यूबिक मीटर बर्फ और मलबा बैरियर लेक में पहुंचा।

