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दिल्ली-NCR में पुराने ट्रक-बस मालिकों के लिए राहत, PARIVARTAN स्कीम में मिल सकते हैं कई बड़े फायदे

दिल्ली-NCR में पुराने ट्रक और बस बदलने वालों के लिए PARIVARTAN स्कीम में लोन ब्याज पर राहत, OEM डिस्काउंट, टैक्स छूट और फ्यूल वाउचर जैसे फायदे दिए जा रहे हैं। इलेक्ट्रिक कमर्शियल वाहन चुनने वालों को भी अलग से आर्थिक मदद मिलेगी।

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In Short

  • वाहन लोन पर पांच साल तक 5% इंटरेस्ट सबवेंशन का फायदा
  • इलेक्ट्रिक कमर्शियल वाहन पर ₹2.56 लाख तक एकमुश्त इंसेंटिव
  • BS-VI डीजल या CNG वाहन पर हर महीने ₹4,800 तक फ्यूल वाउचर

दिल्ली-NCR में पुराने और ज्यादा प्रदूषण फैलाने वाले ट्रक और बसों को बदलने के लिए सरकार PARIVARTAN स्कीम लेकर आई है। इसके तहत पुराने कमर्शियल वाहन की जगह नया वाहन खरीदने वाले योग्य मालिकों को कई तरह की आर्थिक राहत दी जा रही है। इनमें वाहन लोन पर ब्याज में बचत, कंपनी की ओर से डिस्काउंट, टैक्स में छूट, फ्यूल वाउचर और इलेक्ट्रिक वाहन खरीदने पर आर्थिक मदद शामिल है।

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क्या है PARIVARTAN स्कीम?

PARIVARTAN का पूरा नाम Programme for Accelerated Renewal and Incentivization of Vehicle Assets for Reducing Transport Air Pollution and Network Emissions है। केंद्रीय कैबिनेट ने 3 जून 2026 को इस योजना को मंजूरी दी थी। इसके लिए कुल ₹9,585 करोड़ का प्रावधान किया गया है, जिसमें केंद्र सरकार की ओर से ₹5,041 करोड़ की सहायता शामिल है।

योजना का लक्ष्य दिल्ली और हरियाणा, राजस्थान तथा उत्तर प्रदेश के NCR जिलों में रजिस्टर्ड 2 लाख से ज्यादा BS-IV या उससे पुराने ट्रक और बसों को बदलना है। इनकी जगह BS-VI या उससे सख्त उत्सर्जन मानकों वाले डीजल/CNG वाहन या इलेक्ट्रिक वाहन लिए जा सकते हैं।

इस योजना को सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय यानी MoRTH, National Capital Region Planning Board यानी NCRPB के जरिए लागू कर रहा है।

वाहन लोन के ब्याज में 5% की राहत

योग्य वाहन मालिकों को पांच साल के लिए वाहन लोन पर 5% इंटरेस्ट सबवेंशन का फायदा मिलेगा। Canara Bank को इसके लिए नोडल बैंक बनाया गया है। पब्लिक सेक्टर बैंक, प्राइवेट बैंक और NBFCs भी फाइनेंस उपलब्ध करा रहे हैं।

27 अगस्त तक 42 बैंक और NBFCs की 3,806 ब्रांच केंद्रीय PARIVARTAN पोर्टल से जुड़ चुकी थीं और लोन देना भी शुरू हो गया था।

इलेक्ट्रिक वाहन पर ₹2.56 लाख तक मदद

पुराने वाहन की जगह इलेक्ट्रिक कमर्शियल वाहन चुनने पर वाहन की कैटेगरी के हिसाब से ₹64,000 से ₹2.56 लाख तक एकमुश्त इंसेंटिव मिल सकता है। इसके अलावा लागू टैक्स और रजिस्ट्रेशन संबंधी रियायतों का फायदा भी मिलेगा।

हर महीने ₹4,800 तक का फ्यूल वाउचर

योग्य BS-VI डीजल या CNG वाहन खरीदने वालों के लिए पांच साल तक मासिक फ्यूल वाउचर का प्रावधान है। वाहन की कैटेगरी के अनुसार हर महीने ₹1,200 से ₹4,800 तक का फायदा मिलेगा। इसके लिए IOCL, HPCL, BPCL और IGL को जोड़ा गया है।

OEM कीमत पर कम से कम 8% डिस्काउंट

योग्य रिप्लेसमेंट वाहन पर OEM कीमत में कम से कम 8% डिस्काउंट भी मिलेगा। कमर्शियल वाहन बाजार में 95% से ज्यादा हिस्सेदारी रखने वाले 15 OEMs ने MoRTH के साथ समझौते किए हैं।

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दिल्ली, हरियाणा, राजस्थान और उत्तर प्रदेश ने योग्य नए वाहनों के लिए 10 साल की मोटर व्हीकल टैक्स रियायत और रजिस्ट्रेशन फीस में छूट की घोषणा की है। रजिस्टर्ड फैसिलिटी में योग्य पुराने वाहन को स्क्रैप कराने पर एक साल से ज्यादा की लंबित देनदारियां भी माफ की जा सकती हैं।

अब तक कितने लोगों ने कराया रजिस्ट्रेशन?

14 जुलाई को योजना शुरू होने के बाद अब तक 1,450 पुराने ट्रक और बस मालिक रजिस्ट्रेशन करा चुके हैं। MoRTH को उम्मीद है कि अक्टूबर 2026 तक यह संख्या 25,000 के पार पहुंच जाएगी।

योजना के फायदे पारदर्शी तरीके से पहुंचाने के लिए इसका डिजिटल प्लेटफॉर्म VAHAN, V-Scrap, DigiELV, PFMS, लोन देने वाली संस्थाओं और फ्यूल वाउचर सिस्टम से जोड़ा गया है।