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नेपाल के रेस्क्यू ऑपरेशन में भारत की बड़ी मदद! जरूरी सामान के साथ चौथी फ्लाइट पहुंची काठमांडू

नेपाल में विनाशकारी बाढ़ के बाद भारत ने राहत और बचाव अभियान में मदद और तेज कर दी है। 11 टन सहायता लेकर चौथी भारतीय फ्लाइट काठमांडू पहुंची है। इसमें राहत सामग्री के साथ विशेषज्ञ टीमें और तकनीकी उपकरण भी भेजे गए हैं। भारत अब इंफ्रास्ट्रक्चर बहाली में भी सहयोग कर रहा है।

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Image Credit: Dr. S. Jaishankar X handle

In Short

  • भारत की चौथी राहत फ्लाइट 11 टन सहायता, तकनीकी टीम और सर्च-रेस्क्यू उपकरण लेकर काठमांडू पहुंची।
  • भारत अब तक नेपाल को हवाई रास्ते से कुल 68.5 टन राहत सामग्री भेज चुका है।
  • 230 फीट स्टील ब्रिज के उपकरण वाले 16 ट्रक नेपाल पहुंच चुके हैं, सात और Bailey Bridge के उपकरण जल्द भेजे जाएंगे।

नेपाल में विनाशकारी बाढ़ के बाद भारत की राहत और बचाव मदद लगातार बढ़ रही है। रविवार को भारत की चौथी राहत फ्लाइट काठमांडू पहुंच गई। विदेश मंत्री एस जयशंकर ने इसकी जानकारी दी। भारतीय वायुसेना का C-130 विमान 11 टन अतिरिक्त सहायता के साथ नेपाल पहुंचा है। इसमें राहत सामग्री के साथ विशेष तकनीकी टीमें और बचाव उपकरण भी भेजे गए हैं।

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टनल रेस्क्यू टीम और फॉरेंसिक एक्सपर्ट भी पहुंचे

चौथी फ्लाइट से टनल में सर्च और रेस्क्यू ऑपरेशन के लिए एक तकनीकी टीम और जरूरी उपकरण भेजे गए हैं। इसके अलावा फॉरेंसिक एक्सपर्ट की एक टीम भी नेपाल पहुंची है। यह टीम DNA जांच के लिए जरूरी उपकरण अपने साथ लेकर गई है।राहत सामग्री में कंबल, स्लीपिंग बैग, तिरपाल, प्लास्टिक शीट और हाइजीन किट शामिल हैं। इनका इस्तेमाल बाढ़ प्रभावित इलाकों में फंसे और विस्थापित लोगों की मदद के लिए किया जाएगा।

विदेश मंत्री एस जयशंकर ने X पर लिखा कि भारत की चौथी फ्लाइट काठमांडू पहुंच चुकी है और इसमें नेपाल के राहत और बचाव अभियान के लिए जरूरी सामान और तकनीकी क्षमताएं भेजी गई हैं।

टूटी सड़कों और पुलों को बहाल करने में भी मदद

भारत सिर्फ तत्काल राहत सामग्री ही नहीं भेज रहा है बल्कि बाढ़ से तबाह हुए जरूरी इंफ्रास्ट्रक्चर को फिर से खड़ा करने में भी नेपाल की मदद कर रहा है।

जयशंकर के मुताबिक 230 फीट लंबे Single Lane Modular Steel Bridge के लिए उपकरण लेकर 16 ट्रक नेपाल पहुंच चुके हैं। इसके अलावा सात और Bailey Bridge लगाने के लिए उपकरण जल्द भेजे जाएंगे। इन पुलों को लगाने के लिए तकनीकी टीमें भी नेपाल पहुंचेंगी।

अब तक 68.5 टन राहत सामग्री भेजी

भारत अब तक हवाई रास्ते से कुल 68.5 टन राहत सामग्री काठमांडू पहुंचा चुका है। इसमें जरूरी दवाइयां, पोर्टेबल जनरेटर सेट, खाने के पैकेट, पानी साफ करने वाली टैबलेट और तकनीकी उपकरण शामिल हैं।भारत ने नेपाल के लिए आपात राहत अभियान बुधवार से शुरू किया था। पहली फ्लाइट में भारतीय वायुसेना के C-130J Hercules विमान से 10 टन राहत सामग्री भेजी गई थी। इसमें अस्थायी शेल्टर, कंबल, हाइजीन किट, सोलर लैंप और दवाइयां शामिल थीं।

 दूसरी फ्लाइट से गई थी 37.5 टन मदद

गुरुवार को भारतीय वायुसेना के C-17 Globemaster विमान से 37.5 टन राहत सामग्री नेपाल भेजी गई। इसमें 28.5 टन टेंट, कंबल, हाइजीन किट, सोलर लैंप, पानी निकालने वाले पंप, किचन सेट और जनरेटर सेट थे। इसके अलावा आठ टन दवाइयां और एक टन खाने की सामग्री भी भेजी गई थी।

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तीसरी खेप के साथ डॉक्टरों की टीम गई थी

शुक्रवार को भारत ने तीसरी खेप के तहत 10 टन राहत सामग्री नेपाल भेजी थी। इसके साथ 11 डॉक्टरों और पैरामेडिक्स की टीम भी भेजी गई थी। एक रिकॉनिसेंस टीम को भी भेजा गया था, जिसका काम टनल में चलाए जाने वाले रेस्क्यू ऑपरेशन की जरूरतों और हालात का आकलन करना था।

अब चौथी फ्लाइट के साथ भारत ने नेपाल में राहत और बचाव अभियान के साथ-साथ तकनीकी सहायता भी बढ़ा दी है। विदेश मंत्री एस जयशंकर ने कहा कि नेपाल के राहत और बचाव प्रयासों के लिए भारत का समर्थन जारी है।