Indian Railway Rule: बच्चों के साथ कर रहे हैं ट्रेन में सफर तो जान लें टिकट ले या न लें, क्या कहता है रेलवे नियम
Indian Railway ने बच्चों की टिकट के लिए अलग से नियम बनाए हैं। अगर आप भी ट्रेन में अपने बच्चे के साथ सफर करने का सोच रहे हैं तो टिकट बुकिंग से पहले इस खबर को जरूर पढ़ लें।

भारतीय रेलवे ने यात्रियों को आरामदायक सफर देने के लिए कई सुविधाएं दी है। हालांकि, सुव्यवस्था को बनाए रखने के लिए कई नियम भी है। अगर यात्री इन नियमों का पालन नहीं करते हैं तो उन पर कड़ी कार्रवाई भी होती है। अप्रैल का महीने शुरू होते ही कई लोग गर्मी की छुट्टी में घूमने का प्लान बना रहे हैं। ऐसे में कई बार यात्री अपने बच्चों की टिकट नहीं लेते हैं। उन्हें लगता है कि छोटे बच्चे बिना टिकट के सफर कर सकते हैं। हालांकि, भारतीय रेलवे ने इसके लिए नियम बनाए हुए हैं। हम आपको नीचे बताने वाले हैं भारतीय रेलवे के नियम (Indian Railway Rule) के अनुसार कितने उम्र के बच्चे की टिकट फ्री रहती है।
बच्चों के लिए कब तक है टिकट फ्री?
भारतीय रेलवे के नियमों के अनुसार 5 साल से कम उम्र के बच्चों की टिकट ट्रेन में फ्री होती है। माता-पिता अपने बच्चे को गोद में बिठाकर सफर कर सकते हैं। हालांकि, अगर उन्हें बच्चे के लिए अलग सीट चाहिए तब उन्हें हाफ टिकट के पैसे देने होंगे। वहीं, अगर बच्चे की उम्र 5 साल से 12 साल के बीच है तब उन्हें हाफ टिकट या आधी टिकट लेनी होगी। बता दें कि इन बच्चों की टिकट लेने पर कोई बर्थ यानी सीट नहीं मिलेगी। यह टिकट लेने पर आपका बच्चे केवल ट्रेन में ट्रैवल कर सकता है। बच्चे की सीट के आपको पूरी टिकट लेनी पड़ेगी। 12 साल से ज्यादा उम्र के बच्चे के लिए आपको बर्थ टिकट लेनी होगी, यानी आपको पूरा पैसा देना होगा।
टिकट न लेने पर लग सकता है जुर्माना
अगर आपको लगता है कि बिना टिकट लेकर आप बच्चे के साथ सफर कर सकते हैं तो आप गलत है। दरअसल, यह पूरी तरह से कानूनी नियमों के खिलाफ है। आपको बता दें कि 5 साल से कम उम्र के बच्चे के साथ सफर करने पर आपको बर्थ सर्टिफिकेट भी रखना जरूरी है। बर्थ सर्टिफिकेट आपके बच्चे की उम्र का प्रूफ है। टीटी के पूछे जाने पर आपको यह सर्टिफिकेट दिखाना होगा।
बच्चों की टिकट का क्या है प्राइस?
रेलवे की टिकट 300 रुपये से शुरू हो जाती है। ऐसे में बच्चे की टिकट प्राइस इस बात पर डिपेंड करता है कि कौन-से डिब्बे में टिकट बुक हो रही है। यात्री के डेस्टिनेशन और कई फैक्टर्स के आधार पर ही ट्रेन के टिकट का प्राइस फिक्स होता है।