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Cyclone Murasu: आंध्र प्रदेश से टकराया मुरासु तूफान! 120 किमी की रफ्तार से चलीं हवाएं, इन जिलों में खतरा

आंध्र प्रदेश के तटीय इलाकों में चक्रवाती तूफान मुरासु ने दस्तक दे दी है। तेज हवाओं और लगातार बारिश से कई जगहों पर जनजीवन प्रभावित हुआ है। मौसम विभाग ने समुद्र किनारे बसे निचले इलाकों के लिए चेतावनी जारी की है। जानिए किन जिलों में सबसे ज्यादा खतरा है।

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In Short

  • चक्रवाती तूफान मुरासु आंध्र प्रदेश के ओंगोल तट से टकराया, हवाओं की रफ्तार 120 किमी प्रति घंटे तक पहुंची।
  • आंध्र प्रदेश और पुडुचेरी में भारी बारिश से जनजीवन प्रभावित, उत्तरी तमिलनाडु में भी तूफान का असर।
  • IMD ने समुद्र का जलस्तर 1 से 1.5 मीटर बढ़ने और निचले तटीय इलाकों में पानी भरने की चेतावनी दी।

आंध्र प्रदेश के तटीय इलाकों में चक्रवाती तूफान मुरासु ने भारी बारिश और तेज हवाओं के साथ दस्तक दी है। मंगलवार, 3 नवंबर की सुबह यह तूफान आंध्र प्रदेश के ओंगोल तट से टकराया। इस दौरान हवाओं की रफ्तार 100 से 110 किलोमीटर प्रति घंटे रही, जबकि कुछ जगहों पर हवा के झोंके 120 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंचे। तूफान के असर से आंध्र प्रदेश और पुडुचेरी के कई इलाकों में लगातार बारिश हुई, जिससे आम जनजीवन प्रभावित हुआ। भारतीय मौसम विभाग ने समुद्र किनारे बसे निचले इलाकों में पानी भरने की चेतावनी भी जारी की।

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सुबह 3:30 से 5:30 बजे के बीच तट से टकराया तूफान

मौसम विभाग के मुताबिक, भीषण चक्रवाती तूफान मुरासु मंगलवार सुबह 3:30 बजे से 5:30 बजे के बीच आंध्र प्रदेश के दक्षिणी तट से टकराया। तूफान ने नेल्लोर और नरसापुर के बीच प्रकाशम जिले के ओंगोल के पास तट को पार किया।

इससे पहले तूफान उत्तर-उत्तर पश्चिम दिशा में आगे बढ़ रहा था। मौसम विभाग ने बताया कि मंगलवार रात करीब 1 बजे से तूफान के तट से टकराने की प्रक्रिया शुरू हो गई थी। उस समय तूफान का बाहरी हिस्सा तटीय इलाकों में प्रवेश कर रहा था।

रात 1:30 बजे तूफान बंगाल की खाड़ी के पश्चिम-मध्य हिस्से में था। उस समय यह ओंगोल से करीब 40 किलोमीटर दक्षिण-पूर्व, कवाली से 60 किलोमीटर उत्तर-पूर्व और बापटला से लगभग 70 किलोमीटर दक्षिण में मौजूद था।

Image Credit: ITG

आंध्र प्रदेश और पुडुचेरी में भारी बारिश

चक्रवाती तूफान मुरासु के कारण आंध्र प्रदेश के कई इलाकों में तेज बारिश हुई। खासकर ओंगोल और आसपास के तटीय इलाकों में तेज हवाओं के साथ लगातार बारिश देखने को मिली।

मौसम विभाग ने दक्षिण तटीय आंध्र प्रदेश में अगले 12 घंटों के दौरान भारी बारिश की संभावना जताई थी।

वहीं, पुडुचेरी में भी आधी रात से लगातार बारिश होती रही, जिससे सामान्य जनजीवन प्रभावित हुआ। तूफान के बाहरी बादलों का असर उत्तरी तमिलनाडु और पुडुचेरी तक दिखाई दिया।

निचले इलाकों में पानी भरने की चेतावनी

मौसम विभाग ने चेतावनी दी थी कि मंगलवार सुबह तक आंध्र प्रदेश के तटीय इलाकों में तेज हवाएं चल सकती हैं। इनकी रफ्तार करीब 110 किलोमीटर प्रति घंटे और झोंकों की रफ्तार 120 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंचने की आशंका थी।

इसके अलावा समुद्र में सामान्य ज्वार के मुकाबले पानी का स्तर 1 से 1.5 मीटर तक बढ़ने की संभावना जताई गई थी। इससे दक्षिण तटीय आंध्र प्रदेश के निचले इलाकों में पानी भरने का खतरा था।

मौसम विभाग के अनुसार, समुद्र के पानी का सबसे ज्यादा असर बापटला, कृष्णा और प्रकाशम जिलों में पड़ने की आशंका थी।

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