CBSE 12वीं रिवैल्यूएशन प्रक्रिया शुरू! 6 जून तक कर सकते हैं आवेदन, जानें पूरी डिटेल
अप्लाई करने के लिए आप सीबीएसई के ऑफिशियल पोर्टल पर लॉगिन करें, जिन सवालों को आप चुनौती देना चाहते हैं उन्हें चुनें और आवेदन सबमिट कर दें। ये मौका सिर्फ 6 जून तक ही मिलेगा।

CBSE Class 12: सीबीएसई ने कक्षा 12वीं के छात्रों के लिए इस साल के पुनर्मूल्यांकन (re-evaluation) की प्रक्रिया शुरू कर दी है। अगर आपने पहले ही अपने स्कैन की गई आंसर कॉपी देख ली हैं और कुछ सवालों पर शक है कि आपके नंबर सही नहीं जोड़े गए तो अब आप सीधा ऑनलाइन अप्लाई कर सकते हैं।
अप्लाई करने के लिए आप सीबीएसई के ऑफिशियल पोर्टल पर लॉगिन करें, जिन सवालों को आप चुनौती देना चाहते हैं उन्हें चुनें और आवेदन सबमिट कर दें। ये मौका सिर्फ 6 जून तक ही मिलेगा।
रिकाॅर्ड 11 लाख से ज्यादा स्कैन कॉपी मांगी
इस साल मूल्यांकन प्रक्रिया (OSM) में धांधली और कम अंक आने के आरोपों के बीच लगभग 4 लाख से ज्यादा छात्रों ने अपनी आंसर कॉपी देखने के लिए अप्लाई किया है और 11 लाख से ज्यादा आंसर कॉपी की स्कैन कॉपी मांगी गई है। यही वजह है कि इस रिवैल्यूएशन विंडो का खुलना बहुत जरूरी है। यह सीबीएसई के इतिहास में अब तक की सबसे बड़ी मांग है
फीस कितनी है?
इस साल सीबीएसई ने फीस में बदलाव किया है। नए फीस रेट इस प्रकार हैं-
स्कैन की गई आंसर कॉपी (प्रति विषय): ₹100
मार्क्स वेरिफिकेशन (प्रति विषय): ₹100
रिवैल्यूएशन (प्रति सवाल): ₹25
अगर रिवैल्यूएशन के बाद आपके नंबर बढ़ते हैं, तो उसी सवाल की ₹25 फीस वापस कर दी जाएगी।
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स्कैन कॉपी बेहद धुंधली
सोशल मीडिया पर कुछ छात्र और शिक्षकों ने आरोप लगाया है कि स्कैन कॉपी बेहद धुंधली है। ऐसी कॉपी को किसी शिक्षक ने कैसे पढ़ा होगा क्योंकि पढ़ने के बाद ही नंबर दिए होंगे।
क्या आपके अंक बदल सकते हैं?
ऐसा कई बार देखने को मिला है कि रिवैल्यूएशन के बाद नंबर घट जाते हैं। रिवैल्यूएशन एक प्रोसेस है इसके बाद नंबर बढ़ते भी हैं, घटते भी है और पहले जैसे भी रह सकते हैं। सीबीएसई ने साफ कर दिया है कि जो भी रिजल्ट आएगा, वहीं अंतिम और मान्य माना जाएगा। इसलिए आवेदन करते समय यह ध्यान रखें।
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यह क्यों जरूरी है?
इस साल सीबीएसई के ऑन-स्क्रीन मार्किंग सिस्टम को लेकर काफी आलोचना हुई है। अब परीक्षक हार्डकॉपी की जगह डिजिटल स्कैन की गई आंसर कॉपी चेक कर रहे हैं। देश भर के छात्रों ने शिकायत की है कि कुछ आंसर कॉपी में कम नंबर लगे, आंसर अधूरे अंकित हुए और कुछ आंसर कॉपी गलत छात्र के खाते में अपलोड हो गईं। हालांकि सीबीएसई ने दो मामलों में गलती मानी भी है और नंबर सुधारने का वादा किया है।

