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फुल-टाइम जॉब के बिना भी हो सकती है मोटी कमाई! 25 साल की इस लड़की की कहानी सोशल मीडिय पर वायरल

25 साल की एक लड़की ने बिना फुल-टाइम नौकरी के ऐसा रास्ता चुना, जिसने उसकी जिंदगी बदल दी। लोगों के सवाल, करियर को लेकर कन्फ्यूजन और कई मुश्किलों के बावजूद उसने हार नहीं मानी। आज वह अपने दम पर कमाई कर रही है और हजारों युवाओं को प्रेरित कर रही है।

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AI Generated Image

आज के समय में जहां ज्यादातर युवा एक स्टेबल जॉब, बड़ी कंपनी और सेटल लाइफ के पीछे भाग रहे हैं, वहीं लखनऊ की 25 साल की स्वीटी वाल्या ने एक अलग रास्ता चुना। बिना किसी फुल-टाइम नौकरी के उन्होंने खुद को फाइनेंशियल मजबूत बनाया और आज अपने परिवार का सहारा भी बन चुकी हैं। उनकी यही कहानी अब सोशल मीडिया पर लोगों का ध्यान खींच रही है।

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स्वीटी एक फ्रीलांस डिजिटल मार्केटर और कंटेंट क्रिएटर हैं। हाल ही में उन्होंने इंस्टाग्राम पर अपनी जिंदगी की यात्रा शेयर की, जो कई युवाओं को काफी रिलेटेबल लगी। उन्होंने लिखा, मैं 25 साल की हूं। कोई नौकरी नहीं। फिर भी खुद का और परिवार का सहारा हूं। ऐसा इसलिए नहीं क्योंकि जिंदगी आसान थी, बल्कि इसलिए क्योंकि मैंने शिकायत करने के बजाय सीखना चुना।

सफर की शुरुआत में कई मुश्किलें आई

स्वीटी बताती हैं कि उनके लिए यह सफर बिल्कुल आसान नहीं था। शुरुआती दिनों में उन्हें खुद भी समझ नहीं आ रहा था कि आगे क्या करना है। आसपास के लोग बार-बार पूछते थे कि वह आखिर कर क्या रही हैं और उनका करियर प्लान क्या है। वाल्या के पास कोई स्टेबल जॉब नहीं थी और न ही  कोई बड़ा पद था। लोग लगातार सवाल करते रहते थे। कई बार बहुत बुरा लगता था।

नई स्किल्स पर किया फोकस

लेकिन दूसरों से तुलना करने के बजाय मैनें खुद पर काम करना शुरू किया।  ऐसे स्किल्स सीखने का फैसला किया, जिनकी मदद से वह अपने दम पर कमाई कर सकें। धीरे-धीरे उन्होंने डिजिटल मार्केटिंग, कंटेंट स्ट्रेटेजी, सोशल मीडिया मैनेजमेंट, कॉपीराइटिंग, सेल्स और कम्युनिकेशन जैसी चीजें सीखनी शुरू कीं।

स्वीटी अपने पांच सदस्यों वाले परिवार में सबसे छोटी हैं। उनके पिता का बिजनेस है, लेकिन वह हमेशा खुद के पैरों पर खड़ा होना चाहती थीं। वह परिवार पर पूरी तरह निर्भर नहीं रहना चाहती थीं।

 

शुरुआत जरूरी है, सिर्फ मोटिवेशन से काम नहीं चलता 

स्वीटी बताती है कि उनकी सफलता की सबसे बड़ी वजह लगातार मेहनत करना रहा। उन्होंने सिर्फ मोटिवेशन के भरोसे रहने के बजाय हर दिन सीखने की आदत बना ली।

उन्होंने कहा, मैंने मोटिवेशन का इंतजार करना बंद कर दिया। खराब दिनों में भी सीखने का समय तय किया। छोटे-छोटे कदम ही आगे जाकर बड़ा बदलाव लाते हैं।

जैसे-जैसे उनके स्किल्स बेहतर होते गए, उन्हें फ्रीलांस प्रोजेक्ट मिलने शुरू हो गए। उन्होंने छोटे बिजनेस के साथ काम करना शुरू किया, जिससे उनका अनुभव और सेल्फ कॉन्फिडेंस दोनों बढ़े। इसी दौरान उन्होंने सोशल मीडिया पर कंटेंट बनाना भी शुरू किया, जहां वह अपने अनुभव और सीख लोगों के साथ शेयर करने लगीं।

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चुनौतियों से घबराई नहीं बल्कि उनका सामना किया

हालांकि यह सफर चुनौतियों से भरा रहा। एक समय ऐसा भी आया जब उनका इंस्टाग्राम अकाउंट, जिस पर करीब 25 हजार फॉलोअर्स थे, बार-बार फेक रिपोर्ट होने की वजह से बंद हो गया। सोशल मीडिया एल्गोरिदम में बदलाव ने भी उनकी रीच और ग्रोथ को प्रभावित किया।

इसके बावजूद स्वीटी ने हार नहीं मानी। उन्होंने कंटेंट बनाना और फ्रीलांसिंग जारी रखी। उनकी लगातार मेहनत और स्मार्ट वर्क की बदौलत आज वह करीब ढाई साल से डिजिटल मार्केटिंग के जरिए कमाई कर रही हैं।

वह यह भी मानती हैं कि जैसे-जैसे उनका करियर आगे बढ़ा, वैसे-वैसे कुछ रिश्ते भी बदल गए। कई दोस्तियां पीछे छूट गईं, लेकिन उन्होंने लोगों की बातों से ज्यादा अपने लक्ष्यों पर ध्यान देना सीख लिया।

शुरुआत में जिंदगी का रोडमैप पता है ऐसा जरूरी नहीं 

स्वीटी का मानना है कि हर किसी को 20–25 साल की शुरुआती उम्र में अपनी जिंदगी का पूरा रोडमैप पता हो, ऐसा जरूरी नहीं है बल्कि सबसे जरूरी है शुरुआत करना। बहुत से लोग इस उम्र में कन्फ्यूज रहते हैं कौन-सी नौकरी करें, कौन-सा करियर चुनें, बिजनेस करें या आगे पढ़ाई करें। और यह बिल्कुल सामान्य बात है।  

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वह युवाओं से कहती हैं, खुद से शुरुआत करो। जरूरत पड़े तो घर से शुरू करो, लेकिन शुरू जरूर करो। कोशिश करते रहो, धीरे-धीरे चीजें सही होने लगती हैं।