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रील के कमेंट में 'Link' लिखते ही DM में कैसे आ जाता है लिंक? जानिए पूरा सिस्टम

जब आप लिंक लिखते हैं तो कुछ ही सेकेंड में लिंक आपके DM में आ भी जाता है। यह देखकर कई लोग हैरान होते हैं कि आखिर यह सिस्टम काम कैसे करता है।

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AI Generated Image

सोशल मीडिया पर आप जब कोई रील या शॉर्ट्स देख रहे होते हैं तो उसमें कई बार कंटेंट क्रिएटर वीडियो के लास्ट में कहते हैं कि अगर आपको इस ऐप का लिंक या फिर इस प्रोडक्ट का लिंक चाहिए तो कमेंट बॉक्स में लिखो 'Link' और उसके बाद लिंक आपके DM में आ जाएगा।

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जब आप लिंक लिखते हैं तो कुछ ही सेकेंड में लिंक आपके DM में आ भी जाता है। यह देखकर कई लोग हैरान होते हैं कि आखिर यह सिस्टम काम कैसे करता है।

एंगेजमेंट बढ़ाने की स्मार्ट रणनीति

दरअसल, यह तरीका सोशल मीडिया एंगेजमेंट बढ़ाने की एक सोची-समझी रणनीति है। Instagram और Facebook जैसे प्लेटफॉर्म उन पोस्ट को ज्यादा लोगों तक पहुंचाते हैं, जिन पर ज्यादा कमेंट और इंटरैक्शन होता है।

जब सैकड़ों लोग “Link” लिखकर कमेंट करते हैं, तो पोस्ट का एंगेजमेंट बढ़ जाता है और वह एल्गोरिदम में ऊपर आने लगती है। इससे क्रिएटर की पहुंच (Reach) और फॉलोअर्स दोनों बढ़ते हैं।

DM में लिंक कैसे पहुंचता है?

इस प्रक्रिया के पीछे ऑटोमेशन टूल्स की बड़ी भूमिका होती है। कई क्रिएटर Instagram के ऑटो-रिप्लाई सिस्टम या थर्ड-पार्टी टूल्स का इस्तेमाल करते हैं।

इन टूल्स में पहले से एक कीवर्ड सेट किया जाता है, जैसे “LINK” या “PDF”। जैसे ही कोई यूजर वह शब्द कमेंट में लिखता है, सिस्टम अपने आप उसे DM में तय किया गया मैसेज और लिंक भेज देता है। कुछ मामलों में यह काम मैन्युअली भी किया जाता है, लेकिन बड़े पेज आमतौर पर ऑटोमेशन का ही इस्तेमाल करते हैं।

इसे कैसे सेट किया जाता है?

इस तरह का सिस्टम सेट करने के लिए सबसे पहले Instagram अकाउंट को प्रोफेशनल (Creator या Business) अकाउंट में बदलना होता है।

इसके बाद ऑटोमेशन टूल या Meta के मैसेजिंग फीचर के जरिए एक कीवर्ड तय किया जाता है। फिर उस कीवर्ड से जुड़ा एक ऑटो-मैसेज तैयार किया जाता है, जिसमें लिंक शामिल होता है।

जब भी कोई यूजर तय शब्द कमेंट करता है, सिस्टम अपने आप उसे DM भेज देता है। पूरा प्रोसेस कुछ ही मिनटों में सेट किया जा सकता है।

सावधानी भी जरूरी

हालांकि यह तरीका मार्केटिंग के लिहाज से काफी प्रभावी है, लेकिन यूजर्स को सतर्क रहने की जरूरत है। हर ऑटो-DM में भेजा गया लिंक सुरक्षित हो, यह जरूरी नहीं। अनजान लिंक पर क्लिक करने से पहले उसकी विश्वसनीयता जांच लें और कभी भी अपनी निजी या बैंकिंग डिटेल शेयर न करें।

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