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अब सिर्फ सवालों के जवाब नहीं देगा AI, आपके कई काम भी खुद करेगा- जानिए भारत में कौन सा एआई एजेंट है सबसे बेहतर

AI अब सिर्फ सवालों के जवाब देने तक सीमित नहीं है। नए AI एजेंट आपके कई जरूरी काम खुद संभाल सकते हैं। लेकिन Claude Duet, Grok Bot, ChatGPT Work और Meta Muse में कौन ज्यादा उपयोगी है? भारत में किनका इस्तेमाल संभव है और किसके लिए सब्सक्रिप्शन चाहिए? पढ़ें पूरी तुलना।

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In Short

  • अब AI एजेंट खुद पहचान सकेंगे जरूरी काम और बिना बार-बार निर्देश दिए उन्हें पूरा करने में मदद करेंगे।
  • कुछ AI एजेंट डिवाइस बंद होने पर भी काम कर सकते हैं, जबकि कुछ रिपोर्ट और प्रेजेंटेशन तैयार करते हैं।
  • भारत में सभी AI एजेंट उपलब्ध नहीं हैं, कई के लिए खास सब्सक्रिप्शन और एक्सेस जरूरी है।

आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी AI अब सिर्फ सवालों के जवाब देने या ईमेल लिखने तक सीमित नहीं रह गया है। अब AI एजेंट ऐसे काम भी कर सकते हैं, जिनके लिए पहले लोगों को खुद कई ऐप्स और वेबसाइट्स पर जाना पड़ता था। ये एजेंट रिसर्च करने, डॉक्यूमेंट तैयार करने और कई काम अपने आप संभालने में मदद कर सकते हैं।

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Anthropic, xAI, OpenAI और Meta जैसी कंपनियां अपने AI एजेंट्स को लगातार बेहतर बना रही हैं। लेकिन भारत में कौन सा AI एजेंट उपलब्ध है और किसके लिए सब्सक्रिप्शन लेना होगा? आइए इनके फीचर्स और उपलब्धता को समझते हैं।

Claude Duet: बिना पूछे काम की जानकारी देगा

Anthropic का Claude Duet एक रिसर्च प्रीव्यू AI असिस्टेंट है। इसे ऐसे काम पहचानने के लिए बनाया गया है, जिन पर यूजर को ध्यान देने की जरूरत है।

यह सुबह काम से जुड़ी ब्रीफिंग तैयार कर सकता है, हर कुछ घंटों में कनेक्टेड अकाउंट्स चेक कर सकता है और अगले कदम सुझा सकता है। इसमें 6,000 से ज्यादा कनेक्टर्स और प्लगइन्स का सपोर्ट है। यह क्लॉड की मौजूदा मेमोरी और कनेक्टेड ऐप्स का भी इस्तेमाल करता है। हालांकि, बैकग्राउंड में किए गए काम यूजर की इस्तेमाल सीमा में गिने जाते हैं।

Grok Bot: AI टीम बनाकर करवा सकेंगे काम

xAI का Grok Bot उन लोगों के लिए बनाया गया है, जो अलग-अलग AI एजेंट्स को अलग जिम्मेदारियां देना चाहते हैं।

हर बॉट के पास अपना क्लाउड कंप्यूटर होता है, जिसमें ब्राउजर, फाइल सिस्टम और टर्मिनल मिलता है। खास बात यह है कि डिवाइस बंद होने पर भी ये काम जारी रख सकते हैं।

इसका एक्सेस चुनिंदा पेड Cursor प्लान, SuperGrok सब्सक्रिप्शन और X के योग्य सब्सक्रिप्शन पर मिलता है।

प्रतीकात्मक तस्वीर

ChatGPT Work: रिपोर्ट से प्रेजेंटेशन तक करेगा तैयार

ओपनएआई का चैटजीपीटी वर्क लंबे और कई चरणों वाले काम संभालने के लिए बनाया गया है।

यह रिसर्च करने, कनेक्टेड ऐप्स और फाइल्स से जानकारी लेने के साथ डॉक्यूमेंट, स्प्रेडशीट, प्रेजेंटेशन और रिपोर्ट तैयार कर सकता है।

इसमें तय समय पर काम करने और बदलावों पर नजर रखने की सुविधा भी है। भारत में यह योग्य सब्सक्रिप्शन प्लान के साथ उपलब्ध है।

Meta Muse: रोजमर्रा के कामों में करेगा मदद

मेटा का म्यूज एक पर्सनल AI एजेंट है। यह रोजमर्रा के कामों और लंबे समय के लक्ष्यों को संभालने में मदद करता है।

यह वर्चुअल कंप्यूटर के जरिए ऐप्स और वेबसाइट्स पर काम कर सकता है। ट्रैवल बुकिंग और खरीदारी जैसे कामों में भी मदद मिल सकती है। संवेदनशील कामों के लिए यूजर की मंजूरी जरूरी होती है।

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फिलहाल इसका रोलआउट अमेरिका में iOS, Android और वेब पर हो रहा है।

भारत में कौन सा AI एजेंट इस्तेमाल कर सकते हैं?

भारत में चैटजीपीटी वर्क योग्य प्लान पर उपलब्ध है। Grok Bot का एक्सेस भी संबंधित सब्सक्रिप्शन और अकाउंट की पात्रता पर निर्भर करता है।

वहीं, Claude Duet फिलहाल अमेरिका के Pro और Max सब्सक्राइबर्स के लिए वेटलिस्ट तक सीमित है। मेटा म्यूज भी अभी अमेरिकी बाजार में उपलब्ध कराया जा रहा है। दोनों के भारत में लॉन्च की तारीख घोषित नहीं हुई है।

अगर आपको काम की ब्रीफिंग चाहिए तो Claude Duet, AI टीम से काम कराना है तो Grok Bot, रिपोर्ट और प्रेजेंटेशन बनानी है तो चैटजीपीटी वर्क और निजी काम संभालने हैं तो मेटा म्यूज उपयोगी विकल्प हो सकते हैं।