
बेसिक पे बढ़ने से कितनी बदलेगी सैलरी? ग्रेड पे और पे लेवल का क्या है कनेक्शन
8वें वेतन आयोग को लेकर केंद्रीय कर्मचारियों की उम्मीदें बढ़ गई हैं। न्यूनतम बेसिक सैलरी और फिटमेंट फैक्टर को लेकर बड़ी मांग सामने आई है। लेकिन क्या बेसिक पे बढ़ने से पूरी सैलरी उसी अनुपात में बढ़ेगी? ग्रेड पे और पे लेवल की क्या भूमिका है? समझिए वेतन का गणित।

In Short
- 8वें वेतन आयोग में न्यूनतम बेसिक पे ₹69,000 और 3.833 फिटमेंट फैक्टर की मांग।
- बेसिक पे, ग्रेड पे और पे लेवल में अंतर समझना कर्मचारियों के लिए क्यों जरूरी?
- 8वें वेतन आयोग की रिपोर्ट मई-जून 2027 के आसपास आने की संभावना।
केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनर्स की नजरें 8वें वेतन आयोग पर टिकी हैं। कर्मचारियों को उम्मीद है कि नए वेतन आयोग से उनकी सैलरी और पेंशन में बढ़ोतरी होगी। इसी बीच कर्मचारी संगठनों ने न्यूनतम बेसिक पे 69,000 रुपये करने और 3.833 का फिटमेंट फैक्टर लागू करने की मांग रखी है। हालांकि, सरकार ने अभी इन मांगों को मंजूरी नहीं दी है।
ऐसे में यह समझना जरूरी है कि बेसिक पे, ग्रेड पे, पे लेवल और फिटमेंट फैक्टर क्या होते हैं और इनका सैलरी पर क्या असर पड़ता है।
फिटमेंट फैक्टर क्या होता है?
फिटमेंट फैक्टर एक गुणक होता है, जिसकी मदद से मौजूदा बेसिक पे के आधार पर नई बेसिक सैलरी की गणना की जा सकती है। छठे वेतन आयोग में यह 1.86 और सातवें वेतन आयोग में 2.57 था।
अब कर्मचारी संगठनों ने 3.833 फिटमेंट फैक्टर की मांग की है। इसी आधार पर न्यूनतम बेसिक पे 18,000 रुपये से बढ़ाकर लगभग 69,000 रुपये करने का प्रस्ताव है। हालांकि, अंतिम फैसला सरकार की मंजूरी के बाद ही होगा।
बेसिक पे क्या होता है?
बेसिक पे यानी मूल वेतन कर्मचारी की सैलरी का मुख्य हिस्सा होता है। इसमें महंगाई भत्ता (DA) और मकान किराया भत्ता (HRA) शामिल नहीं होते।
इन भत्तों की गणना आमतौर पर बेसिक पे के आधार पर होती है। इसलिए बेसिक पे बढ़ने पर कुल सैलरी भी प्रभावित हो सकती है।

ग्रेड पे क्या होता है?
ग्रेड पे की शुरुआत छठे वेतन आयोग में हुई थी। इससे कर्मचारी के पद और वेतन स्तर की पहचान होती थी।
लेकिन सातवें वेतन आयोग ने ग्रेड पे की व्यवस्था खत्म करके पे मैट्रिक्स लागू कर दिया। अब कर्मचारियों की वेतन स्थिति पे लेवल के जरिए तय होती है।
पे लेवल क्या होता है?
सातवें वेतन आयोग में 18 स्तरों वाला पे मैट्रिक्स लागू किया गया था। इसमें हर लेवल के लिए अलग-अलग बेसिक पे निर्धारित है।
उदाहरण के लिए, लेवल 1 में शुरुआती बेसिक पे 18,000 रुपये और लेवल 7 में 44,900 रुपये है। यानी पे लेवल कर्मचारी की वेतन श्रेणी बताता है, जबकि बेसिक पे उसकी मौजूदा मूल सैलरी होती है।
क्या फिटमेंट फैक्टर से पूरी सैलरी तय होगी?
केवल फिटमेंट फैक्टर से हाथ में आने वाली सैलरी तय नहीं होगी। नए पे मैट्रिक्स, भत्तों और सरकारी नियमों का भी असर पड़ेगा। पेंशन में बदलाव भी अंतिम सिफारिशों पर निर्भर करेगा।
8वें वेतन आयोग की रिपोर्ट कब आएगी?
8वें वेतन आयोग की बैठक 23 अक्टूबर 2026 को मुंबई में हो रही है। इससे पहले 8 अक्टूबर को बेंगलुरु में बैठक हुई थी।
जस्टिस रंजना प्रकाश देसाई की अध्यक्षता वाले आयोग का गठन 3 नवंबर 2025 को हुआ था। इसे रिपोर्ट सौंपने के लिए 18 महीने मिले हैं। ऐसे में अंतिम रिपोर्ट मई-जून 2027 के आसपास आने की संभावना है।

