scorecardresearch

Most Powerful Women 2026: बाजार में कहां छिपा है कमाई का मौका? जानें किन सेक्टर्स में मिलेंगे बड़े मौके

शेयर बाजार में जारी उतार-चढ़ाव और वैश्विक तनाव ने निवेशकों की चिंता बढ़ा दी है। ऐसे माहौल में Business Today MPW 2026 कॉन्क्लेव में दिग्गज महिला एक्सपर्ट्स ने निवेश को लेकर अहम सलाह दी। आखिर गिरते बाजार में निवेश जारी रखना चाहिए या इंतजार करना बेहतर है? जानिए एक्सपर्ट्स की राय।

Advertisement

In Short

  • शेयर बाजार में उतार-चढ़ाव के बीच एक्सपर्ट्स ने लंबी अवधि के निवेश पर दिया जोर।
  • विदेशी निवेशकों की वापसी और बाजार में तेजी को लेकर सामने आई अहम राय।
  • एनर्जी, डिफेंस और स्पेस जैसे सेक्टरों में निवेश के नए अवसरों की संभावना।

भारतीय शेयर बाजार में इन दिनों भारी उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा है। दुनिया में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव और कच्चे तेल की कीमतों में तेजी ने निवेशकों की चिंता बढ़ा दी है। महंगे कच्चे तेल से भारत का आयात बिल बढ़ रहा है और रुपये पर भी दबाव बना हुआ है। हालांकि, बाजार के जानकारों का मानना है कि ऐसे मुश्किल समय में लंबी अवधि के निवेश के बड़े मौके बन सकते हैं। शुक्रवार को बिजनेस टुडे के Most Powerful Women in Business Conclave में कई दिग्गज महिला एक्सपर्ट्स ने निवेश को लेकर अपनी राय रखी।

advertisement

बाजार गिर रहा है तो निवेशकों को क्या करना चाहिए?

PL Capital (प्रभुदास लीलाधर) की चेयरपर्सन अमीषा वोरा ने कहा कि मौजूदा समय में निवेशकों को धैर्य बनाए रखना चाहिए। उन्हें अपना निवेश जारी रखने के साथ थोड़ा और निवेश करने पर विचार करना चाहिए, लेकिन जल्दी मुनाफा कमाने के इरादे से नहीं।

अमीषा वोरा के मुताबिक, भारत की तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था, युवा आबादी, मजबूत घरेलू मांग और उभरते नए सेक्टर लंबी अवधि में बड़े अवसर पैदा कर सकते हैं।

उन्होंने कहा कि अगले एक-दो क्वार्टर तक कुछ परेशानियां रह सकती हैं, लेकिन लंबी अवधि में निवेशकों के लिए संपत्ति बनाने के अच्छे मौके हैं।

विदेशी निवेशकों की कब होगी वापसी?

अमीषा वोरा का मानना है कि भू-राजनीतिक तनाव कम होने, कच्चे तेल की कीमतों और रुपये पर दबाव घटने तथा AI से जुड़ी हलचल स्थिर होने पर विदेशी पोर्टफोलियो निवेशक भारतीय बाजार में लौट सकते हैं।

उन्होंने भारतीय शेयर बाजार को दूसरे देशों के मुकाबले अधिक प्रतिस्पर्धी बनाने के लिए लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन्स टैक्स घटाने की भी मांग की।

महिला निवेशकों को लेकर क्या कहती हैं एक्सपर्ट?

निवेश प्लेटफॉर्म Lxmi की फाउंडर प्रीति राठी गुप्ता ने कहा कि अनिश्चितता का समय संपत्ति बनाने का अवसर भी होता है।

उन्होंने बताया कि महिलाएं आमतौर पर लंबी अवधि तक निवेश बनाए रखती हैं। उनके मुताबिक, म्यूचुअल फंड में करीब 55-60 फीसदी रिडेम्पशन पहले दो वर्षों में हो जाते हैं, जबकि उनके प्लेटफॉर्म के आंकड़ों में महिलाओं के बीच तीन-चार वर्षों में यह आंकड़ा 10 फीसदी से भी कम है।

कमोडिटी मार्केट और UPI पर क्या राय?

MCX की एमडी और सीईओ प्रवीणा राय ने कहा कि कमोडिटी मार्केट तेजी से बढ़ रहा है, लेकिन अभी शुरुआती चरण में है। इसे लेकर जागरूकता बढ़ाने की जरूरत है।

उन्होंने 2,000 रुपये से अधिक के UPI भुगतान पर मर्चेंट डिस्काउंट रेट (MDR) लगाने की हालिया घोषणा पर भी बात की। राय के मुताबिक, UPI के बड़े ट्रांजैक्शन वॉल्यूम को संभालने के लिए मजबूत सिस्टम की जरूरत होती है, जिसकी लागत भी आती है।

आने वाले वर्षों में किन सेक्टरों में मौके?

Allianz Services की इंडिया कंट्री हेड रितु अरोड़ा ने कहा कि कंपनी भारत की लंबी अवधि की विकास संभावनाओं पर भरोसा करती है। हालांकि, फिलहाल बाजार में करेक्शन के बीच विदेशी निवेशकों से बड़े निवेश की उम्मीद नहीं की जा सकती।

advertisement

वहीं, Avaana Capital की फाउंडर अंजलि बंसल ने कहा कि अगले 10-15 वर्षों में भारत को अपनी बुनियादी क्षमताएं मजबूत करनी होंगी।

उनके मुताबिक, एनर्जी सिक्योरिटी, एडवांस्ड मटीरियल्स, बायोमटीरियल्स, स्पेस और डिफेंस जैसे सेक्टरों में बड़े अवसर बन सकते हैं।