Sensex: ट्रंप के टैरिफ के बाद भारत सहित एशियाई बाजारों में कोहराम! 10 सकेंड में डूबे 2 लाख करोड़ रुपये
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा लगाए गए रेसिप्रोकल टैरिफ के बाद टूटे हैं। अमेरिका ने भारत पर 26% का टैरिफ लगाया है।

Sensex: गुरुवार 3 अप्रैल का दिन भारतीय शेयर बाजार सहित अन्य एशियाई बाजारों में कोहराम मचा है। सेंसेक्स और निफ्टी समेत अन्य एशियाई बाजार, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा लगाए गए रेसिप्रोकल टैरिफ के बाद टूटे हैं। ट्रम्प के कार्यकारी आदेश के Annexure - 1 में कहा गया है कि भारत पर 27% का रेसिप्रोकल टैरिफ लगाया जाएगा ना की 26% का।
एशियाई बाजार धड़ाम
जापान का निक्केई इंडेक्स 4 फीसदी से अधिक यानी 4.6% तक गिरा है। इसके अलावा हांगकांग के हैंग सेंग में 1.64 प्रतिशत की गिरावट आई। कोरिया और ऑस्ट्रेलिया के बाजारों में 2 प्रतिशत तक की गिरावट आई।
10 सकेंड में डूबे 2 लाख करोड़ रुपये
भारतीय बाजार की बात करें तो अमेरिका ने भारत पर 27% का टैरिफ लगाया है। आज बाजार खुलते ही सिर्फ 10 सेकेंड में निवेशकों के करीब 2 लाख करोड़ डूब गए। भारतीय शेयर बाजार में निवेशकों को 1.93 लाख करोड़ रुपये का घाटा हुआ। बीएसई मार्केट कैप के अनुसार, निवेशकों की संपत्ति बुधवार को 4,12,98,095 करोड़ रुपये से 1,93,170 करोड़ रुपये घटकर 4,11,04,925 करोड़ रुपये रह गई।
सुबह 10:05 बजे तक सेंसेक्स 0.37% या 283.07 अंक टूटकर 76,334.37 अंक पर ट्रेड कर रहा था तो वहीं निफ्टी 0.33% या 77.50 अंक गिरकर 23,254.85 अंक पर कारोबार कर रहा था।
ब्रोकरेज निर्मल बंग ने कहा कि निकट भविष्य में होने वाले नुकसान के बावजूद, हमारा मानना है कि यह लंबी अवधि की बातचीत की शुरुआत है और लगाए गए शुल्कों में तत्काल कुछ ढील की गुंजाइश है। संभावित भारत-अमेरिका व्यापार समझौते से अंततः दोनों पक्षों के बीच टैरिफ और बाजार पहुंच से जुड़े कुछ मुद्दे सुलझ सकते हैं, क्योंकि भारत अमेरिकी कच्चे तेल और रक्षा की अधिक खरीद के लिए भी प्रतिबद्ध है।
MOFSL ने कहा कि निफ्टी वर्तमान में अपने वित्त वर्ष 26 की अर्निंग के 20 गुना पर कारोबार कर रहा है, जो इसके लॉन्गटर्म औसत 20.6 गुना के करीब है, और इसमें निकट भविष्य में सीमित बढ़त की संभावना है।
किस देश पर कितना टैरिफ?
अमेरिका ने चीन पर 34%, यूरोपीय यूनियन पर 20%, साउथ कोरिया पर 25%, जापान पर 24%, वियतनाम पर 46% और ताइवान पर 32% टैरिफ लगाया है। अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने करीब 60 देशों पर उनके द्वारा लगाए गए टैरिफ की तुलना में आधा टैरिफ लगाने का फैसला किया है।