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क्या STT और LTCG टैक्स में कटौती से शेयर बाजार में बढ़ेगा निवेश?

शेयर बाजार में निवेश करने वालों के लिए टैक्स में राहत की उम्मीद बढ़ सकती है। STT और LTCG टैक्स को लेकर नई बहस शुरू हो गई है। Ved Jain & Associates के पार्टनर अंकित जैन ने बताया कि टैक्स घटाने से निवेशकों के साथ सरकार को भी फायदा कैसे हो सकता है।

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In Short

  • शेयर बाजार से STT, LTCG और स्टांप ड्यूटी के जरिए सरकार को ₹2 लाख करोड़ से ज्यादा की कमाई होती है।
  • टैक्स एक्सपर्ट अंकित जैन ने लंबी अवधि के निवेशकों को ज्यादा टैक्स राहत देने की वकालत की।
  • एक्सपर्ट के मुताबिक, इक्विटी टैक्स में संतुलित कटौती से निवेश बढ़ सकता है और सरकार को दूसरे टैक्स से फायदा हो सकता है।

भारत में शेयर बाजार में निवेश पर लगने वाले टैक्स को लेकर एक बार फिर चर्चा तेज हो गई है। बिजनेस टुडे के शो में सीनियर एंकर साक्षी बत्रा के सवालों का जवाब देते हुए Ved Jain & Associates के पार्टनर अंकित जैन ने कहा कि अगर सरकार सोच-समझकर इक्विटी निवेश पर टैक्स में कटौती करती है, तो इससे निवेशकों को राहत मिलने के साथ अर्थव्यवस्था को भी फायदा हो सकता है। हालांकि, उन्होंने यह भी माना कि शेयर बाजार से मिलने वाला टैक्स सरकार की कमाई का बड़ा जरिया है। ऐसे में इसमें कटौती करना आसान फैसला नहीं होगा।

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शेयर बाजार से सरकार को होती है ₹2 लाख करोड़ से ज्यादा की कमाई

अंकित जैन के मुताबिक, सरकार को स्टांप ड्यूटी, सिक्योरिटीज ट्रांजैक्शन टैक्स (STT) और लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन टैक्स (LTCG) से ₹2 लाख करोड़ से ज्यादा का राजस्व मिलता है। यह इतनी बड़ी रकम है कि कोई भी सरकार इसे आसानी से छोड़ने का फैसला नहीं कर सकती।

अगर इन टैक्स में कटौती की जाती है, तो सरकार को अपने बजट और कमाई के अनुमान में भी बदलाव करना होगा। यही वजह है कि फिलहाल टैक्स में बड़ी कटौती की उम्मीद करना मुश्किल है।

टैक्स घटाने से सरकार को कैसे होगा फायदा?

अंकित जैन ने GST का उदाहरण देते हुए कहा कि टैक्स की दरें घटाने का मतलब हमेशा सरकारी कमाई कम होना नहीं होता। अगर शेयर बाजार में निवेश पर टैक्स को संतुलित तरीके से कम किया जाए, तो इससे ज्यादा लोग निवेश के लिए आगे आ सकते हैं।

उनके मुताबिक, निवेश बढ़ने से कंपनियों को पूंजी जुटाने में मदद मिलेगी और आर्थिक गतिविधियां तेज हो सकती हैं। इससे सरकार को भविष्य में इनकम टैक्स और कॉरपोरेट टैक्स के जरिए ज्यादा राजस्व मिल सकता है। यानी LTCG टैक्स में मिलने वाली कमाई भले घटे, लेकिन दूसरे रास्तों से इसकी भरपाई संभव है।

लंबी अवधि के निवेशकों को मिले ज्यादा राहत

अंकित जैन का मानना है कि सरकार को उन निवेशकों को ज्यादा प्रोत्साहन देना चाहिए, जो लंबे समय तक शेयर बाजार में पैसा लगाते हैं।

उन्होंने कहा कि बाजार में सक्रिय ट्रेडिंग भी जरूरी है और इसे हतोत्साहित नहीं करना चाहिए। लेकिन लंबी अवधि का निवेश अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने में ज्यादा महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। इसलिए ऐसे निवेशकों को टैक्स में राहत देने पर प्राथमिकता से विचार होना चाहिए।

STT घटेगा या LTCG टैक्स में मिलेगी राहत?

अंकित जैन ने सिक्योरिटीज ट्रांजैक्शन टैक्स की समीक्षा करने की भी जरूरत बताई। उनके मुताबिक, सरकार को तय करना होगा कि STT में कटौती करना बेहतर होगा या LTCG टैक्स में राहत देना।

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण पहले ही कैपिटल गेन और ट्रांजैक्शन टैक्स पर संबंधित पक्षों के सुझाव सुनने की इच्छा जता चुकी हैं। हालांकि, अभी टैक्स कटौती का कोई औपचारिक प्रस्ताव सामने नहीं आया है।

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ऐसे में अगले बजट से पहले यह सवाल अहम हो सकता है कि सरकार अपनी कमाई को सुरक्षित रखते हुए शेयर बाजार के निवेशकों को कितनी राहत दे सकती है।

Disclaimer: ये आर्टिकल सिर्फ जानकारी के लिए है और इसे किसी भी तरह से इंवेस्टमेंट सलाह के रूप में नहीं माना जाना चाहिए। BT Bazaar अपने पाठकों और दर्शकों को पैसों से जुड़ा कोई भी फैसला लेने से पहले अपने वित्तीय सलाहकारों से सलाह लेने का सुझाव देता है।