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Silver Investment Outlook: Gen Z के लिए क्यों बन सकती है चांदी निवेश का बेहतर विकल्प? जानें लंबी अवधि में तेजी की संभावनाएं

चांदी की कीमतों में हालिया गिरावट ने निवेशकों के सामने बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है कि अभी खरीदारी करें या और सस्ते होने का इंतजार करें? डेटा सेंटर, इलेक्ट्रिक वाहन और सोलर सेक्टर में बढ़ती मांग से लंबी अवधि की उम्मीदें मजबूत हैं। एक्सपर्ट सुगंधा सचदेवा ने चांदी के अहम सपोर्ट लेवल, संभावित तेजी और अगले तीन से चार साल के लक्ष्य बताए हैं।

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चांदी में फिर आएगी बड़ी तेजी? एक्सपर्ट ने बताया कब और कितनी बढ़ेगी कीमत!
चांदी में फिर आएगी बड़ी तेजी? एक्सपर्ट ने बताया कब और कितनी बढ़ेगी कीमत!

In Short

  • डेटा सेंटर, इलेक्ट्रिक वाहन और सोलर पैनल में बढ़ते इस्तेमाल से चांदी की औद्योगिक मांग को सहारा मिल सकता है।
  • एक्सपर्ट ने घरेलू बाजार में ₹2.14 लाख को मजबूत सपोर्ट और ₹1.80 लाख के आसपास अतिरिक्त खरीदारी का संभावित स्तर बताया।
  • - अगले 3 से 4 वर्षों में चांदी के 120 से 150 डॉलर प्रति औंस तक पहुंचने का अनुमान, लेकिन भारी उतार-चढ़ाव का जोखिम बरकरार।

सोने के साथ अब चांदी भी निवेशकों के लिए एक महत्वपूर्ण विकल्प बनकर उभर रही है। इसकी वजह सिर्फ ज्वेलरी या निवेश की मांग नहीं, बल्कि डेटा सेंटर, इलेक्ट्रिक वाहन, सोलर पैनल और नई तकनीकों में बढ़ता इस्तेमाल भी है। हालांकि, चांदी की कीमतों में सोने के मुकाबले ज्यादा उतार-चढ़ाव देखने को मिलता है। ऐसे में निवेशकों के सामने सवाल है कि क्या मौजूदा स्तर पर चांदी खरीदना फायदेमंद हो सकता है?

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बिजनेस टुडे के शो में सीनियर एंकर साक्षी बत्रा के सवालों का जवाब देते हुए एसएस वेल्थ स्ट्रीट की फाउंडर सुगंधा सचदेवा ने कहा कि निवेशकों को अपने पोर्टफोलियो का कुछ हिस्सा चांदी में भी रखना चाहिए। उनके मुताबिक, सोना पोर्टफोलियो को स्थिरता देता है, जबकि चांदी में ज्यादा रिटर्न की संभावना रहती है। हालांकि, इसके साथ जोखिम भी अधिक होता है।

चांदी की मांग क्यों बढ़ सकती है?

सुगंधा सचदेवा ने बताया कि चांदी अब सिर्फ कीमती धातु नहीं, बल्कि एक महत्वपूर्ण औद्योगिक धातु भी है। डेटा सेंटर, इलेक्ट्रिक वाहन और सोलर पैनल जैसी नई तकनीकों में इसका इस्तेमाल लगातार बढ़ रहा है।

उनके मुताबिक, पिछले छह वर्षों से चांदी के बाजार में सप्लाई की कमी बनी हुई है। हालांकि, यह कमी अब घट रही है और 2027 में सप्लाई सरप्लस की आशंका भी है।

ऊंची कीमतों से चांदी की मांग पर कैसे पड़ा असर?

एक्सपर्ट के अनुसार, अंतरराष्ट्रीय बाजार में जब चांदी की कीमत करीब 120 डॉलर प्रति औंस पहुंची, तो कई उद्योगों ने लागत कम करने के लिए इसकी जगह तांबे जैसी दूसरी धातुओं का इस्तेमाल बढ़ाना शुरू कर दिया।

इससे चांदी की मांग पर दबाव पड़ा और कीमतों में ऊपरी स्तरों से गिरावट देखने को मिली।

हालांकि, सचदेवा का मानना है कि कीमतें नीचे आने से उद्योगों में चांदी का इस्तेमाल फिर बढ़ सकता है।

अगले 3-4 साल में कहां पहुंच सकती है चांदी?

सुगंधा सचदेवा के मुताबिक, लंबी अवधि में चांदी की कीमतों में दोबारा तेजी आने की संभावना है।

उन्होंने अनुमान जताया कि अगले तीन से चार वर्षों में चांदी अंतरराष्ट्रीय बाजार में 120 डॉलर और फिर 150 डॉलर प्रति औंस के स्तर को छू सकती है।

हालांकि, उन्होंने स्पष्ट किया कि यह तेजी तुरंत आने की उम्मीद नहीं है। चांदी कुछ समय तक सीमित दायरे में कारोबार कर सकती है और उसके बाद अगली बड़ी तेजी शुरू हो सकती है।

भारत में चांदी का मजबूत सपोर्ट कहां?

घरेलू बाजार की बात करें तो सचदेवा ने चांदी के लिए करीब ₹2.14 लाख के स्तर को मजबूत आधार बताया।

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उनके मुताबिक, मध्यम अवधि के नजरिए से मौजूदा स्तरों पर धीरे-धीरे चांदी खरीदने पर विचार किया जा सकता है।

अगर कीमतों में और गिरावट आती है और चांदी करीब ₹1.80 लाख के स्तर तक पहुंचती है, तो निवेशकों को अतिरिक्त खरीदारी का अवसर मिल सकता है।

निवेशकों को किन जोखिमों का ध्यान रखना चाहिए?

सुगंधा सचदेवा ने चेतावनी दी कि चांदी बेहद अस्थिर एसेट है। इसमें बड़ी तेजी के बाद लंबे समय तक सुस्ती भी देखने को मिल सकती है।

इसके अलावा बढ़ती महंगाई और अमेरिकी फेडरल रिजर्व की सख्त ब्याज दर नीति भी कीमतों पर दबाव डाल सकती है।

उनके मुताबिक, तीन से चार साल के निवेश नजरिए वाले निवेशक चांदी में चरणबद्ध तरीके से निवेश पर विचार कर सकते हैं। हालांकि, 120 से 150 डॉलर प्रति औंस के लक्ष्य केवल अनुमान हैं, गारंटीड रिटर्न नहीं। इसलिए निवेश का फैसला अपनी जोखिम उठाने की क्षमता के आधार पर करना जरूरी है।

Disclaimer: ये आर्टिकल सिर्फ जानकारी के लिए है और इसे किसी भी तरह से इंवेस्टमेंट सलाह के रूप में नहीं माना जाना चाहिए। BT Bazaar अपने पाठकों और दर्शकों को पैसों से जुड़ा कोई भी फैसला लेने से पहले अपने वित्तीय सलाहकारों से सलाह लेने का सुझाव देता है।