Personal Loan vs Line of Credit: कौन सा विकल्प है आपके लिए बेहतर, जानिए ब्याज, EMI से जुड़ी हर जरूरी बात
क्या हर बार पैसों की जरूरत पड़ने पर पर्सनल लोन लेना सही फैसला है? बैंक अब एक ऐसी सुविधा भी दे रहे हैं, जिसमें आप जरूरत के हिसाब से पैसा इस्तेमाल कर सकते हैं और ब्याज भी सिर्फ उतनी ही रकम पर देना पड़ता है।

Personal Loan vs Line of Credit: आज के समय में अचानक पैसों की जरूरत किसी को भी पड़ सकती है। घर की मरम्मत, मेडिकल इमरजेंसी, बच्चों की पढ़ाई या किसी अन्य खर्च के लिए लोग अक्सर पर्सनल लोन लेते हैं।
हालांकि अब बैंक और एनबीएफसी लोगों को 'लाइन ऑफ क्रेडिट' (Line of Credit) का भी ऑप्शन देते हैं। ऐसे में सवाल उठता है कि ये लाइन ऑफ क्रेडिट क्या है और क्या लाइन ऑफ क्रेडिट, पर्सनल लोन से बेहतर है? चलिए इसका जवाब जानते हैं।
क्या होता है पर्सनल लोन?
पर्सनल लोन एक निश्चित राशि का कर्ज होता है, जिसे बैंक या वित्तीय संस्था एक बार में आपके खाते में ट्रांसफर कर देती है। इसके बाद आपको तय अवधि के अंदर EMI के जरिए पूरी रकम और ब्याज चुकाना होता है।
ये खबर पढ़ना ना भूलें: करोड़ों पीएफ खाताधारकों के लिए बड़ी खबर! PF के पैसों से जुड़े मामले पर कोर्ट ने सुनाया बड़ा फैसला
उदाहरण के लिए, अगर आपने 5 लाख रुपये का पर्सनल लोन लिया है तो पूरी राशि एक साथ मिलेगी और ब्याज भी पूरी रकम पर लगेगा, चाहे आप उसका उपयोग करें या नहीं।
क्या होती है लाइन ऑफ क्रेडिट?
लाइन ऑफ क्रेडिट बैंक द्वारा आपको दी गई एक 'प्री-अप्रूव्ड' उधार की लिमिट है। आप इस लिमिट के अंदर जितनी बार चाहें, उतना पैसा निकाल सकते हैं। हालांकि यह सुविधा सभी के लिए नहीं होती सिर्फ बैंक द्वारा चुने गए कुछ चुनिंदा ग्राहकों को मिलती है।
इसकी सबसे खास बात यह है कि आपको ब्याज केवल उसी राशि पर देना होता है जिसे आप निकालते हैं, न कि पूरी अप्रूव्ड लिमिट पर। उदाहरण के लिए, यदि आपकी लिमिट 5 लाख रुपये है और आप सिर्फ 50 हजार रुपये निकालते हैं, तो ब्याज केवल उस 50 हजार पर ही लगेगा।
दोनों में क्या है बड़ा अंतर?
पर्सनल लोन में पूरी राशि एक साथ मिलती है, जबकि लाइन ऑफ क्रेडिट में जरूरत के हिसाब से पैसा निकाला जा सकता है। पर्सनल लोन की EMI और भुगतान अवधि पहले से तय होती है, जबकि लाइन ऑफ क्रेडिट अधिक लचीलापन देती है।
ये खबर पढ़ना ना भूलें: Yield और Return में क्या होता है अंतर? ज्यादातर निवेशक नहीं जानते जवाब - फटाफट दूर करें कन्फ्यूजन
इसके अलावा पर्सनल लोन में पूरी स्वीकृत राशि पर ब्याज लगता है, जबकि लाइन ऑफ क्रेडिट में केवल उपयोग की गई राशि पर ही ब्याज देना पड़ता है।
किसके लिए बेहतर है लाइन ऑफ क्रेडिट?
अगर आपको समय-समय पर अलग-अलग रकम की जरूरत पड़ती है और खर्च पहले से तय नहीं है, तो लाइन ऑफ क्रेडिट बेहतर विकल्प साबित हो सकती है। यह बिजनेस मालिकों, फ्रीलांसरों और अनियमित आय वाले लोगों के लिए काफी उपयोगी मानी जाती है।
किसे चुनना चाहिए पर्सनल लोन?
यदि आपको किसी बड़े खर्च के लिए एकमुश्त रकम चाहिए, जैसे शादी, मेडिकल खर्च या घर की मरम्मत, तो पर्सनल लोन अधिक उपयुक्त हो सकता है। इसकी EMI निश्चित होती है, जिससे बजट बनाना आसान रहता है।

