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Hybrid vs Flex Fuel Vehicles: दोनों में क्या है अंतर? जानिए कौन सी तकनीक है ज्यादा फायदेमंद

E100 फ्यूल को मंजूरी मिलने के बाद Hybrid और Flex Fuel वाहनों की चर्चा तेज हो गई है। दोनों तकनीकें पर्यावरण और ईंधन बचत से जुड़ी हैं, लेकिन इनके काम करने का तरीका पूरी तरह अलग है। आखिर क्या है इन दोनों में बड़ा फर्क चलिए जानते हैं।

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AI Generated Image

In Short

  • E100 फ्यूल को मंजूरी मिलने के बाद Flex Fuel वाहनों की चर्चा तेज हो गई है, जो पेट्रोल और एथेनॉल दोनों पर चल सकते हैं।
  • Hybrid वाहनों में पेट्रोल इंजन के साथ इलेक्ट्रिक मोटर और बैटरी होती है, जिससे ईंधन की खपत कम और माइलेज बेहतर होता है।
  • Hybrid और Flex Fuel दोनों का लक्ष्य प्रदूषण कम करना है, लेकिन उनकी तकनीक और काम करने का तरीका पूरी तरह अलग है।

Hybrid vs Flex Fuel Vehicles: आजकल ऑटो इंडस्ट्री में दो शब्द काफी चर्चा में हैं। पहला- Hybrid वाहन और दूसरा Flex Fuel वाहन. इन दोनों को कई लोग एक ही मान लेते हैं तो कई लोगों को इनमें उलझन होती है। हाल ही में केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने E100 फ्यूल को मंजूरी देने की जानकारी दी।

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E100 का मतलब 100 प्रतिशत एथेनॉल आधारित ईंधन से है। सरकार का मानना है कि एथेनॉल जैसे वैकल्पिक ईंधनों के इस्तेमाल से पेट्रोल पर निर्भरता कम होगी और प्रदूषण में भी कमी आएगी। इसी वजह से पिछले कुछ समय से Hybrid वाहनों के अलावा Flex Fuel तकनीक वाली गाड़ियां चर्चा में हैं।

Flex Fuel वाहन क्या होते हैं?

Flex Fuel वाहन ऐसे इंजन के साथ आते हैं जो पेट्रोल और एथेनॉल के अलग-अलग मिश्रण पर चल सकते हैं। ये वाहन E20, E85 या कुछ मामलों में E100 जैसे अधिक एथेनॉल मिश्रण वाले फ्यूल का भी उपयोग कर सकते हैं।

वाहन का इंजन और फ्यूल सिस्टम इस तरह डिजाइन किया जाता है कि वह फ्यूल में एथेनॉल की मात्रा के अनुसार खुद को एडजस्ट कर सके।

भारत में Maruti Suzuki और Hero MotoCorp जैसी कंपनियां Flex Fuel तकनीक वाले मॉडल पेश कर चुकी हैं। इस तकनीक का सबसे बड़ा फायदा यह है कि एथेनॉल घरेलू स्तर पर तैयार किया जा सकता है, जिससे तेल के आयात पर खर्च कम हो सकता है।

Hybrid वाहन क्या होते हैं?

Hybrid वाहन पूरी तरह अलग तकनीक पर काम करते हैं। इनमें पेट्रोल इंजन के साथ एक इलेक्ट्रिक मोटर और बैटरी भी होती है। वाहन जरूरत के अनुसार कभी पेट्रोल इंजन से तो कभी इलेक्ट्रिक मोटर से चलता है। कई बार दोनों मिलकर भी काम करते हैं, जिससे फ्यूल की खपत कम होती है और माइलेज बेहतर मिलता है।

Hybrid गाड़ियों में बैटरी ड्राइविंग के दौरान या ब्रेक लगाने पर चार्ज होती रहती है। इसलिए इन्हें अलग से चार्ज करने की जरूरत नहीं पड़ती।

Hybrid और Flex Fuel में मुख्य अंतर

Hybrid वाहन का उद्देश्य तेल बचाना और एमिशन कम करना है, जबकि Flex Fuel वाहन का फोकस वैकल्पिक ईंधन के इस्तेमाल पर होता है।

Hybrid कार में इलेक्ट्रिक मोटर और बैटरी जरूरी होती है, जबकि Flex Fuel वाहन में केवल खास प्रकार का इंजन और फ्यूल सिस्टम होता है।

Hybrid वाहन आमतौर पर महंगे होते हैं, लेकिन बेहतर माइलेज देते हैं। दूसरी ओर Flex Fuel वाहन हाइब्रिड की तुलना में सरल तकनीक पर आधारित होते हैं।