पहली नौकरी मिली! जानिए Mutual Fund में पहला कदम कैसे रखें
पहली नौकरी के साथ ही अगर निवेश की सही शुरुआत हो जाए, तो भविष्य के बड़े आर्थिक लक्ष्य हासिल करना आसान हो सकता है। लेकिन Mutual Fund में पैसा लगाने से पहले कुछ जरूरी बातें समझना बेहद जरूरी है।

In Short
- पहली नौकरी के बाद छोटी रकम से SIP शुरू करके नियमित निवेश की आदत बनाएं।
- Mutual Fund चुनने से पहले अपना लक्ष्य, निवेश की अवधि और Riskometer जरूर देखें।
- बाजार की गिरावट से घबराकर SIP बंद न करें और सैलरी बढ़ने पर निवेश भी बढ़ाएं।
Mutual Fund for Beginners: पहली नौकरी की पहली सैलरी का एहसास ही अलग होता है। मन में नए फोन, घूमने, शॉपिंग और कई दूसरे खर्चों की लिस्ट बनने लगती है। लेकिन इसी समय अगर हर महीने थोड़ी रकम बचाकर निवेश की शुरुआत कर दी जाए, तो आगे चलकर बड़े आर्थिक लक्ष्यों को पूरा करना आसान हो सकता है। Mutual Fund में पहला कदम रखने से पहले यह समझना जरूरी है कि पैसा कहां, क्यों और कितने समय के लिए लगाया जाना चाहिए।
सबसे पहले तय करें अपना लक्ष्य
Mutual Fund में निवेश की शुरुआत केवल ज्यादा रिटर्न देखकर नहीं करनी चाहिए। पहले तय करें कि पैसा किस लक्ष्य के लिए जमा करना है। यह लक्ष्य आगे की पढ़ाई, गाड़ी, घर, शादी या लंबी अवधि में बड़ा फंड बनाने से जुड़ा हो सकता है।
लक्ष्य तय होने के बाद निवेश की अवधि समझना आसान हो जाता है। कम समय में जरूरत पड़ने वाले पैसे और कई वर्षों बाद इस्तेमाल होने वाले पैसे के लिए एक जैसी स्कीम चुनना सही नहीं होता।
छोटी रकम से शुरू करें SIP
नई नौकरी में सैलरी कम होने या खर्च ज्यादा होने के कारण बड़ी रकम निवेश करना मुश्किल हो सकता है। ऐसे में Systematic Investment Plan यानी SIP के जरिए शुरुआत की जा सकती है। SIP में एक तय रकम नियमित रूप से Mutual Fund स्कीम में निवेश होती है।
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शुरुआत में उतनी ही रकम चुनें, जिसे हर महीने आसानी से जारी रखा जा सके। जरूरी यह है कि निवेश की आदत बने और SIP बार-बार बंद न करनी पड़े।
KYC पूरा करना जरूरी
Mutual Fund में निवेश करने से पहले Know Your Customer यानी KYC की प्रक्रिया पूरी करनी होती है। इसमें निवेशक की पहचान और जरूरी दस्तावेजों की जांच की जाती है। इसके बाद अधिकृत प्लेटफॉर्म, Asset Management Company या डिस्ट्रीब्यूटर के जरिए निवेश शुरू किया जा सकता है।
Riskometer जरूर देखें
हर Mutual Fund स्कीम में जोखिम का स्तर अलग होता है। Riskometer स्कीम के जोखिम को Low से लेकर Very High तक दिखाता है। निवेश करने से पहले यह जरूर देखें कि चुनी गई स्कीम आपकी जोखिम उठाने की क्षमता के मुताबिक है या नहीं।
हर गिरावट से घबराएं नहीं
शेयर बाजार ऊपर-नीचे होता रहता है और इसका असर Mutual Fund पर भी पड़ता है। अगर आपका निवेश लंबी अवधि के लिए है, तो बाजार में गिरावट आने पर घबराकर SIP बंद करने या पैसा निकालने की जल्दबाजी नहीं करनी चाहिए।
बाजार की हर गिरावट को नुकसान मानने के बजाय अपने लक्ष्य और निवेश की अवधि पर ध्यान देना ज्यादा जरूरी है।
हर साल बढ़ाएं निवेश
जैसे-जैसे आपकी सैलरी बढ़े, वैसे-वैसे SIP की रकम भी बढ़ाने की कोशिश करें। अगर हर साल SIP में 10 से 15 प्रतिशत की बढ़ोतरी की जाए, तो लंबे समय में बड़ा फंड बनाना आसान हो सकता है।
इसके लिए शुरुआत से बड़ी रकम लगाने की जरूरत नहीं है। छोटी रकम से निवेश शुरू करके उसे नियमित रूप से बढ़ाना बेहतर तरीका हो सकता है।
रिटर्न की गारंटी न मानें
Mutual Fund का रिटर्न बाजार के प्रदर्शन पर निर्भर करता है। इसलिए केवल पिछला रिटर्न देखकर फैसला नहीं करना चाहिए। निवेश करते समय अपने लक्ष्य, निवेश की अवधि और जोखिम उठाने की क्षमता को ध्यान में रखना जरूरी है।

