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इंश्योरेंस सेक्टर में PoSP मॉडल का कमाल, 2030 तक 6.5 अरब डॉलर तक पहुंचेगा प्रीमियम का बाजार

HSBC की रिपोर्ट के अनुसार भारत में डिजिटल PoSP इंश्योरेंस मॉडल तेजी से बढ़ रहा है, जिससे शहर और गांव दोनों में पहुंच बढ़ी है। FY25 में 1.5 अरब डॉलर से बढ़कर FY30 तक 6.5 अरब डॉलर होने का अनुमान है। PB फिनटेक अग्रणी है, जबकि मोटर, हेल्थ और लाइफ सेगमेंट में मजबूत ग्रोथ दिखेगी।

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भारत के इंश्योरेंस सेक्टर में एक बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है। अब शहर हो या गांव, इंश्योरेंस बेचने का डिजिटल तरीका तेजी से लोकप्रिय हो रहा है। एचएसबीसी (HSBC) ग्लोबल इन्वेस्टमेंट रिसर्च की ताजा रिपोर्ट के मुताबिक, भारत का पॉइंट-ऑफ-सेल पर्सन (PoSP) यानी एजेंट आधारित डिजिटल नेटवर्क आने वाले समय में जोरदार ग्रोथ दिखाने वाला है। यह मॉडल न केवल लोगों तक बीमा की पहुंच बढ़ा रहा है, बल्कि ब्रोकरेज कंपनियों के लिए कमाई का बड़ा जरिया भी बन रहा है।

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बाजार में तेजी से बढ़ता निवेश

रिपोर्ट के आंकड़ों पर गौर करें तो वित्त वर्ष 2025 में इस मॉडल के जरिए करीब 1.5 अरब डॉलर का प्रीमियम जुटाया गया है। अनुमान है कि 35 प्रतिशत की सालाना चक्रवृद्धि दर (CAGR) के साथ यह आंकड़ा वित्त वर्ष 2030 तक करीब 6.5 अरब डॉलर तक पहुंच जाएगा। बाजार में इस वक्त पीबी पार्टनर्स, टर्टलमिनट, इंश्योरेंस देखो और रिन्यू-बाय जैसे प्रमुख खिलाड़ी अपनी जगह मजबूत कर रहे हैं।

पीबी पार्टनर्स का दबदबा

एचएसबीसी की रिपोर्ट में पीबी फिनटेक की सफलता का खास जिक्र किया गया है। साल 2021 में इस फील्ड में कदम रखने के बावजूद पीबी पार्टनर्स ने अपनी मजबूत पकड़ बना ली है और लगभग 40 प्रतिशत मार्केट शेयर पर कब्जा कर लिया है। रिपोर्ट के अनुसार, कंपनी ने अपने ऑनलाइन इकोसिस्टम और बीमा कंपनियों के साथ पुरानी साझेदारी का बखूबी इस्तेमाल किया है। वहीं दूसरी ओर, 2016 से बाजार में मौजूद टर्टलमिनट की हिस्सेदारी करीब 20 प्रतिशत है। टर्टलमिनट ने अपनी रणनीति को एजेंटों को जोड़ने और टॉप 30 शहरों से बाहर विस्तार करने पर केंद्रित रखा है।

भविष्य की संभावनाएं

आने वाले पांच सालों में इंश्योरेंस के अलग-अलग वर्टिकल में बड़ी बढ़त की उम्मीद है। रिपोर्ट के मुताबिक, वित्त वर्ष 2025 से 2030 के बीच मोटर इंश्योरेंस में 27 प्रतिशत, रिटेल हेल्थ इंश्योरेंस में 50 प्रतिशत और इंडिविजुअल लाइफ इंश्योरेंस में 60 प्रतिशत की सालाना ग्रोथ देखी जा सकती है। एचएसबीसी का मानना है कि पीबी पार्टनर्स जैसे प्लेटफॉर्म, जिनके पास डिजिटल क्षमता और बड़ी पार्टनरशिप है, वे इस अगले दौर के विकास का सबसे ज्यादा फायदा उठाने की स्थिति में हैं।