ब्याज के अलावा बैंक और कहां-कहां से करते हैं कमाई? ज्यादातर लोग नहीं जानते जवाब
आज के समय में बैंक अपनी इनकम को बढ़ाने के लिए कई नॉन इंटरेस्ट इनकम पर निर्भर हो चुके हैं। यही वजह है कि कई बार ब्याज दरें कम होने के बावजूद बैंकों का मुनाफा मजबूत बना रहता है। चलिए जानते हैं कि बैंक, ब्याज के अलावा और कहां-कहां से कमाई करते हैं?

How Banks Earn: अक्सर लोगों को लगता है कि बैंक सिर्फ लोन पर मिलने वाले ब्याज से ही कमाई करते हैं, लेकिन हकीकत इससे कहीं ज्यादा बड़ी है। आज के समय में बैंक अपनी इनकम को बढ़ाने के लिए कई नॉन इंटरेस्ट इनकम पर निर्भर हो चुके हैं। यही वजह है कि कई बार ब्याज दरें कम होने के बावजूद बैंकों का मुनाफा मजबूत बना रहता है। चलिए जानते हैं कि बैंक, ब्याज के अलावा और कहां-कहां से कमाई करते हैं?
1. फीस और सर्विस चार्ज
बैंकों की कमाई का एक बड़ा हिस्सा फीस और सर्विस चार्ज से आता है। सेविंग या करंट अकाउंट से जुड़ी सुविधाओं जैसे एटीएम ट्रांजैक्शन, डेबिट और क्रेडिट कार्ड, चेकबुक, एसएमएस अलर्ट, अकाउंट में न्यूनतम बैलेंस न रखने पर लगने वाला जुर्माना- ये सभी छोटे-छोटे चार्ज मिलकर बैंक की आय को मजबूत बनाते हैं। डिजिटल बैंकिंग बढ़ने के साथ यह कमाई और भी स्थिर हो गई है।
2. लोन प्रोसेसिंग और प्रीपेमेंट चार्ज
लोन से जुड़े चार्ज भी बैंकों की आय का अहम जरिया हैं। होम लोन, पर्सनल लोन, ऑटो लोन या बिजनेस लोन देते समय बैंक प्रोसेसिंग फीस लेते हैं। कुछ मामलों में लोन को समय से पहले चुकाने पर प्रीपेमेंट चार्ज भी लगाया जाता है। यह आय ब्याज से अलग होती है, लेकिन कुल मुनाफे में अच्छा योगदान देती है।
3. निवेश और ट्रेजरी से मुनाफा
निवेश और ट्रेजरी ऑपरेशंस भी बैंकों की कमाई का बड़ा स्रोत हैं। बैंक सरकारी बॉन्ड, ट्रेजरी बिल और अन्य सुरक्षित साधनों में निवेश करते हैं। ब्याज दरों में उतार-चढ़ाव के दौरान इन निवेशों से मिलने वाला मुनाफा बैंक की आय को सहारा देता है।
4. फॉरेक्स और इंटरनेशनल ट्रांजैक्शन
बैंक फॉरेक्स और अंतरराष्ट्रीय लेनदेन से भी अच्छी कमाई करते हैं। विदेशी मुद्रा एक्सचेंज, एक्सपोर्ट-इम्पोर्ट से जुड़े भुगतान, एनआरआई रेमिटेंस और इंटरनेशनल ट्रांजैक्शन पर बैंक मार्जिन और फीस लेते हैं।
5. इंश्योरेंस और म्यूचुअल फंड की बिक्री
थर्ड-पार्टी प्रोडक्ट्स की बिक्री से भी बैंकों की आय बढ़ाती है। इंश्योरेंस, म्यूचुअल फंड, पेंशन और निवेश योजनाएं बेचकर बैंक कमीशन कमाते हैं। डिजिटल पेमेंट, पीओएस मशीन और मर्चेंट सर्विसेज के जरिए भी फीस आधारित आय लगातार बढ़ रही है।

