AI प्लेटफॉर्म लॉन्च से शेयर में अपर सर्किट, ₹15 से कम वाले इस पेनी स्टॉक में बुल रन - आपका दांव है?
कंपनी ने अपने लेटेस्ट एक्सचेंज फाइलिंग में बताया कि उसने नया एआई-इनेबल्ड वेब प्लेटफॉर्म ‘Silver AI’ के लॉन्च किया है। कंपनी का शेयर आज बीएसई पर 5% के अपर सर्किट के साथ 9.96 रुपये पर बंद हुआ।

Penny Stock: सिल्वरलाइन टेक्नोलॉजीज (Silverline Technologies) के शेयरों में सोमवार को जबरदस्त तेजी देखने को मिली। यह तेजी कंपनी द्वारा आज दिए गए एक बड़े अपडेट के बाद आई जहां कंपनी ने अपने लेटेस्ट एक्सचेंज फाइलिंग में बताया कि उसने नया एआई-इनेबल्ड वेब प्लेटफॉर्म ‘Silver AI’ के लॉन्च किया है। कंपनी का शेयर आज बीएसई पर 5% के अपर सर्किट के साथ 9.96 रुपये पर बंद हुआ।
‘Silver AI’ क्या है?
एक्सचेंज फाइलिंग में कंपनी ने बताया कि उसने अपना प्रोप्रायटरी एआई-इनेबल्ड वेब प्लेटफॉर्म 'Silver AI' लॉन्च कर दिया है, जिसे कंपनी के ऑफिशियल वेब एंडपॉइंट के जरिए एक्सेस किया जा सकता है।
कंपनी ने कहा कि यह पहल भारत में बने, प्रोडक्ट-लेड टेक्नोलॉजी कैपेबिलिटीज तैयार करने और नेक्स्ट-जेन डिजिटल सॉल्यूशंस व आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस में हमारी मौजूदगी बढ़ाने की रणनीतिक दिशा में अहम कदम है।
प्रोडक्टिविटी पर फोकस
‘Silver AI’ एक एआई-पावर्ड प्रोडक्टिविटी प्लेटफॉर्म है, जो कन्वर्सेशनल और असिस्टिव इंटरफेस के जरिए यूजर्स की प्रोडक्टिविटी और नॉलेज से जुड़े वर्कफ्लो को सपोर्ट करता है। चैट-बेस्ड एक्सपीरियंस पर तैयार यह प्लेटफॉर्म रोजमर्रा की प्रोफेशनल और ऑर्गनाइजेशनल एक्टिविटीज को ज्यादा आसान और एफिशिएंट बनाने के लिए डिजाइन किया गया है।
कंपनी के मुताबिक, ‘Silver AI’ का रोलआउट उसकी प्रोडक्ट रोडमैप में एक अहम माइलस्टोन है। यह लॉन्च तेजी से बढ़ रहे टेक्नोलॉजी सेगमेंट्स में सिल्वरलाइन की मौजूदगी को गहरा करने की रणनीति के अनुरूप है।
फाइलिंग के अनुसार, ‘Silver AI’ के प्रमुख फायदे में वेब-बेस्ड एक्सेस और आसान अपनाने की सुविधा, कन्वर्सेशनल एआई इंटरफेस, ‘मेड-इन-इंडिया’ प्रोडक्ट अप्रोच, स्केलेबल प्लेटफॉर्म आर्किटेक्चर और एंटरप्राइज-रेडी बनने की क्षमता।
कंपनी का मानना है कि ‘Silver AI’ का लॉन्च कंपनी की एआई-लेड ग्रोथ स्टोरी को मजबूत करेगा। इसके साथ ही भविष्य में प्रोडक्ट रेवेन्यू के नए मौके खुल सकते हैं, जिनमें फ्रीमीअम, सब्सक्रिप्शन और एंटरप्राइज लाइसेंसिंग जैसे मॉडल शामिल हो सकते हैं।
कंपनी को उम्मीद है कि यह पहल उसकी मौजूदा टेक्नोलॉजी सर्विसेज को भी सपोर्ट करेगी और लॉन्ग टर्म में प्रतिस्पर्धात्मक बढ़त दिलाएगी।

