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होम लोन खत्म होने के बाद भी बची रहती है ये जिम्मेदारी! छोटी सी लापरवाही भविष्य में बन सकती है बड़ी मुसीबत

होम लोन की आखिरी EMI भरने के बाद भी आपकी जिम्मेदारी खत्म नहीं होती। बैंक से ओरिजिनल प्रॉपर्टी दस्तावेज वापस लेना, लोन क्लोजर पेपर लेना और रिकॉर्ड की जांच करना बेहद जरूरी है। दस्तावेजों में लापरवाही भविष्य में घर बेचने, ट्रांसफर करने या उसके बदले लोन लेने में परेशानी बढ़ा सकती है।

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होम लोन खत्म होने के बाद जिम्मेदारी सिर्फ EMI चुकाने तक सीमित नहीं होती। प्रॉपर्टी के ओरिजिनल दस्तावेज वापस लेना और उन्हें सुरक्षित रखना भी उतना ही जरूरी है। इस मामले में की गई छोटी सी लापरवाही भविष्य में घर बेचने, ट्रांसफर करने या उसके बदले लोन लेने के समय बड़ी परेशानी खड़ी कर सकती है।

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BASIC Home Loan के अतुल मोंगा के मुताबिक, घर खरीदना सिर्फ उसकी चाबी हासिल करने तक सीमित नहीं है। इसके साथ उन दस्तावेजों को सुरक्षित रखना भी जरूरी है, जो यह साबित करते हैं कि उस प्रॉपर्टी पर आपका मालिकाना हक है। कई बार घर खरीदने के सालों बाद जब उसे बेचने, ट्रांसफर करने या उसके बदले लोन लेने की जरूरत पड़ती है, तब इन कागजों की अहमियत समझ आती है।

अगर ओरिजिनल डीड या कोई जरूरी दस्तावेज गायब हो, तो सामान्य प्रक्रिया में अतिरिक्त जांच, कागजी कार्रवाई और अनिश्चितता जुड़ सकती है।

प्रॉपर्टी के दस्तावेज क्यों हैं जरूरी?

अक्सर लोग घर खरीदने के बाद उसके दस्तावेजों को एक फाइल में रखकर भूल जाते हैं। लेकिन यही दस्तावेज प्रॉपर्टी के मालिकाना हक की पूरी कड़ी यानी Ownership Trail को स्थापित करने में मदद करते हैं। साथ ही ये यह साबित करने में भी अहम भूमिका निभाते हैं कि प्रॉपर्टी को आसानी से ट्रांसफर किया जा सकता है या उसे लोन के लिए सिक्योरिटी के तौर पर इस्तेमाल किया जा सकता है।

घर एक फिजिकल एसेट है, लेकिन उसकी कागजी स्थिति यह तय करती है कि भविष्य में उसकी आर्थिक वैल्यू को कितनी आसानी से इस्तेमाल किया जा सकता है।

लोन चुकाने के बाद भी खत्म नहीं होती कागजी कार्रवाई

हाल ही में हैदराबाद कंज्यूमर कमीशन का एक मामला इस बात की याद दिलाता है कि होम लोन बंद होने के बाद भी प्रॉपर्टी के दस्तावेजों को लेकर सावधानी जरूरी है।

एक 60 वर्षीय रिटायर्ड बैंक कर्मचारी ने 2012 में ₹7.5 लाख का होम लोन लिया था। उन्होंने लोन की सिक्योरिटी के तौर पर अपनी प्रॉपर्टी के ओरिजिनल दस्तावेज बैंक में जमा किए थे। बाद में उन्होंने पूरा लोन चुका दिया, लेकिन बैंक ने उन्हें ओरिजिनल दस्तावेज वापस नहीं किए।

कमीशन ने बैंक के ब्रांच मैनेजर को सेवा में कमी के लिए जिम्मेदार माना। बैंक को ओरिजिनल दस्तावेज वापस करने या अपने खर्च पर उनके रिकंस्ट्रक्टेड और सर्टिफाइड कॉपी की व्यवस्था करने का निर्देश दिया गया। इसके अलावा ₹2 लाख का मुआवजा और ₹15,000 का खर्च भी देने का आदेश दिया गया।

एक गायब दस्तावेज बन सकता है आर्थिक परेशानी की वजह

इस मामले से सबसे बड़ी सीख यही है कि किसी जरूरी प्रॉपर्टी दस्तावेज का गायब होना आगे चलकर आर्थिक परेशानी पैदा कर सकता है। अगर ओरिजिनल दस्तावेज उपलब्ध नहीं हैं, तो प्रॉपर्टी के मालिकाना हक की पूरी कड़ी को साबित करना मुश्किल हो सकता है।

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इसका असर भविष्य में प्रॉपर्टी बेचने, उसे किसी के नाम ट्रांसफर करने या उसके बदले मॉर्गेज लेने की प्रक्रिया पर पड़ सकता है।

होम लोन चुकाने के बाद क्या करें?

अपने आपको सुरक्षित रखने का सबसे सही समय उस वक्त है, जब होम लोन पूरी तरह चुक जाए। प्रॉपर्टी बेचने के समय दस्तावेज ढूंढने के बजाय लोन बंद होते ही उनकी जांच कर लेना बेहतर है।

होम लोन चुकाने के बाद इन बातों का ध्यान रखें:

  • सभी ओरिजिनल प्रॉपर्टी दस्तावेज बैंक से वापस लें और जांचें कि कोई कागज बाकी तो नहीं है।
  • लोन क्लोजर या नो-ड्यूज सर्टिफिकेट जरूर लें और यह भी सुनिश्चित करें कि लेंडर का चार्ज हटा दिया गया है।
  • अगर कोई दस्तावेज गायब या खराब है, तो तुरंत लेंडर को इसकी जानकारी दें और पूछें कि इसे कैसे ठीक किया जाएगा।
  • सभी दस्तावेजों की कॉपी सुरक्षित जगह पर रखें।

दस्तावेज लौटाने की जिम्मेदारी लेंडर की भी

RBI के नियमों के मुताबिक, रेगुलेटेड संस्थाओं को लोन का पूरा भुगतान या सेटलमेंट होने के 30 दिनों के भीतर ओरिजिनल प्रॉपर्टी दस्तावेज जारी करने और रजिस्टर्ड चार्ज हटाने होते हैं। अगर देरी लेंडर की वजह से होती है, तो ₹5,000 प्रतिदिन के हिसाब से मुआवजा लागू होता है।

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अगर प्रॉपर्टी के दस्तावेज खो जाते हैं या उन्हें नुकसान पहुंचता है, तो लेंडर को डुप्लीकेट या सर्टिफाइड कॉपी हासिल करने में उधारकर्ता की मदद करनी होती है और इससे जुड़े खर्च भी लेंडर को उठाने होते हैं।

यानी आखिरी EMI भरना ही होम लोन क्लोजर का आखिरी कदम नहीं है। दस्तावेजों का सही तरीके से वापस मिलना और कागजी रिकॉर्ड पूरा होना भी लोन क्लोजर का हिस्सा है।

Disclaimer: ये आर्टिकल सिर्फ जानकारी के लिए है और इसे किसी भी तरह से इंवेस्टमेंट सलाह के रूप में नहीं माना जाना चाहिए। BT Bazaar अपने पाठकों और दर्शकों को पैसों से जुड़ा कोई भी फैसला लेने से पहले अपने वित्तीय सलाहकारों से सलाह लेने का सुझाव देता है।