कम जोखिम, ज्यादा लिक्विडिटी: जानिए क्या है मनी मार्केट म्यूचुअल फंड और किन निवेशकों के लिए अच्छा है ये ऑप्शन
मनी मार्केट म्यूचुअल फंड, डेट (Debt) म्यूचुअल फंड की एक कैटेगरी है जो ऐसे मनी मार्केट इंस्ट्रूमेंट्स में निवेश करती है जिनकी मैच्योरिटी एक साल तक की होती है।

Money Market Mutual Fund: म्यूचुअल फंड की दुनिया में निवेशकों की जरूरत के हिसाब से ढेरों फंड मौजूद है। ऐसा ही एक फंड का मनी मार्केट म्यूचुअल फंड।
मनी मार्केट म्यूचुअल फंड, डेट (Debt) म्यूचुअल फंड की एक कैटेगरी है जो ऐसे मनी मार्केट इंस्ट्रूमेंट्स में निवेश करती है जिनकी मैच्योरिटी एक साल तक की होती है।
इन स्कीम्स का मकसद निवेशकों को लिक्विडिटी, पूंजी की सुरक्षा और स्थिर रिटर्न देना होता है। इसी वजह से इन्हें कम जोखिम पसंद करने वाले निवेशकों के लिए अच्छा माना जाता है।
कैसे काम करती है मनी मार्केट स्कीम?
मनी मार्केट स्कीम में निवेशकों से जुटाई गई रकम को शॉर्ट टर्म और हाई क्रेडिट रेटिंग वाले डेट इंस्ट्रूमेंट्स में लगाया जाता है। फंड मैनेजर बाजार की स्थितियों को देखते हुए इंस्ट्रूमेंट्स का चयन करता है, ताकि उतार-चढ़ाव कम रहे और जोखिम सीमित बना रहे। कम अवधि की वजह से इन स्कीम्स में अस्थिरता कम रहती है और रिटर्न भी ज्यादा अनुमानित होता है।
मनी मार्केट स्कीम के क्या हैं फायदे?
इन स्कीम्स की सबसे बड़ी खासियत हाई लिक्विडिटी है। निवेशक जरूरत पड़ने पर जल्दी पैसा निकाल सकते हैं। चूंकि निवेश हाई क्वालिटी वाले डेट इंस्ट्रूमेंट्स में होता है, इसलिए डिफॉल्ट का जोखिम भी कम रहता है। इक्विटी की तुलना में रिटर्न भले सीमित हों, लेकिन इनमें स्थिरता बनी रहती है।
क्या है इसमें रिस्क फैक्टर?
मनी मार्केट स्कीम पूरी तरह रिस्क फ्री नहीं हैं। ब्याज दरों में बढ़ोतरी होने पर पोर्टफोलियो में मौजूद सिक्योरिटीज की वैल्यू घट सकती है। इसके अलावा महंगाई का जोखिम भी रहता है, क्योंकि रिटर्न कई बार महंगाई से कम हो सकते हैं। क्रेडिट रिस्क कम जरूर है, लेकिन पूरी तरह खत्म नहीं होता।
किन निवेशकों के लिए अच्छा है ये फंड?
यह स्कीम उन निवेशकों के लिए अच्छा है, जो कम समय के लिए सुरक्षित निवेश चाहते हैं। ऐसे लोग या कारोबारी, जिन्हें सरप्लस कैश को अस्थायी तौर पर लगाने हो और साथ ही लिक्विडिटी भी बनाए रखनी हो, उनके लिए यह विकल्प काम का है।

